शिवपुरी – भांजे के घर मामा का दखल बंद, परिवार परामर्श ने कराई सुलह -सात प्रकरणों में हुआ राजीनामा

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भांजे के घर मामा का दखल बंद, परिवार परामर्श ने कराई सुलह

-सात प्रकरणों में हुआ राजीनामा

शिवपुरी ब्यूरो। स्थानीय पुलिस कन्ट्रोल रूम में रविवार को आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में 16 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें पति-पत्नि के साथ अन्य परिवारिक विवादों के निराकरण में भी सफलता प्राप्त की गई। इस शिविर में जहां सात प्रकरणों में पति-पत्नि के बीच समझौता कराया गया वहीं एक प्रकरण में बहू का सास और पति के साथ चल रहे विवाद को भी समांजस्य बिठाकर सुलह करा दी गई। इसमें तीन प्रकरणों में दोनों पक्ष अनुपस्थित थे वहीं एक प्रकरण में पुन: बुलाने की अनुशंसा की गई। परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलरों ने पांच प्रकरणों को न्यायालय भेजे जाने योग्य पाकर न्यायालय जाने की सलाह दी।

रविवार को आयोजित जिला पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में परामर्श दाताओं ने अपने अथक प्रयासों से एक बार फिर सात बिछड़े हुए परिवारों को एक करने तथा उनमें राजीनामा कराकर उल्लेखनीय सफलता हांसिल की जिसमें सबसे दिलचस्प प्रकरण कमलागंज निवासी परिवर्तित नाम रमेश शाक्य और वती शाक्य का था जिनके दो बच्चे भी थे। इनके परिवार के साथ ही पड़ौस में रमेश के मामा का परिवार भी रहता है और मामा अक्सर शराब पीकर रात में बती और उसके परिजनों को गाली देता था। इसके चलते दोनों पति-पत्नि के बीच में विवाद हो गया और दोनों अलग रहने लगे। परामर्शदाताओं ने अपने प्रयासों से इन दोनों को एक करने में सफलता प्राप्त की। साथ ही मामा को थाने में बुलाने का नोटिस देकर उन्हें समझाने की कार्यवाही प्रचलित की गई। इसी तरह धौलागढ़ निवासी बद्री मोगिया और उसकी पत्नि रानी मोगिया के बीच विवाद चल रहा था। यहां यह बताना मुनाशिव होगा कि दोनों ने ही लव मैरिज की थी और चार साल से एक साथ ही रह रहे थे और एक इनका बेटा भी था। लड़के के परिजनों ने रानी को स्वीकार नहीं किया था और धीरे-धीरे वह अपने परिजनों की बातों में आकर रानी से विवाद करने लगा था। इसी के चलते विगत तीन माह से रानी अपने मायके शिवपुरी में रह रही थी और तलाक की स्थिति थी। परामर्श दाताओं के अथक प्रयासों से ये दोनों एक हो गए और अब धौलागढ़ में ही अलग मकान लेकर साथ में रहेंगे। इसी तरह राम कोली का अपनी पत्नि सविता कोली निवासी पिछोर का भी विवाद चल रहा था और उनकी एक बेटी थी। पत्नि का आरोप था कि बेटी होने के बाद से ही उसे प्रताडि़त किया जा रहा था और वैवाहिक जीवन टूटने की कगार पर आ गया था। परामर्शदाताओं ने इन दोनों के बीच में भी राजीनामा कराकर इन्हें एक करने में सफलता प्राप्त की। इस तरह परामर्शदाताओं ने सात प्रकरणों में राजीनामा कराकर सात परिवारों को टूटने से बचाया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डेय, परिवार परामर्श केन्द्र के जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, श्रीमती सीमा सुनील पाण्डेय, उमा मिश्रा, पुष्पा खरे, आनंदिता गांधी, मृदुला राठी, किरण ठाकुर, स्नेहलता शर्मा, नम्रता गर्ग, आकला कुर्रेशी, रवजोत ओझा,सुरेशचन्द्र जैन, मथुरा प्रसाद गुप्ता, भरत अग्रवाल, राहुल गंगवाल, डॉ. इकबाल खान, संतोष शिवहरे, राजेश गुप्ता राम, हरवीर सिंह चौहान, महिला सैल की एएसआई बेबी तपसुम्म सहित महिला सैल का स्टाफ उपस्थित था।