वोटरलिस्ट में खामियों पर चुनाव आयोग ने उठाए सवाल, 3 बीएलओ निलंबित

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नगर निकाय चुनाव में वोटिंग को लेकर राजधानी लखनऊ फिसड्डी साबित हुई. इस पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है और डीएम से जवाब तलब कर लिया गया है. आनन-फानन में लखनऊ में वोटरलिस्ट में शिकायतों को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की खानापूर्ति शुरू कर दी है. मामले में डीएम ने 3 बीएलओ को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है. कहा जा रहा है कि बीएलओ की लापरवाही से चुनावी परीक्षा में लखनऊ फेल हो गया. डीएम कौशल राज शर्मा ने वोटरलिस्ट में नाम गायब होने, वोटरों के घर पर्ची नहीं पहुंचाने के लिए बीएलओ को जिम्मेदार माना है और उन्हें निलंबित कर दिया है. बता दें कि नगर निकाय चुनाव के दूसरे चरण में राजधानी लखनऊ में 37.57 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. इस दौरान कई इलाकों में ईवीएम की खराबी और वोटरलिस्ट में नाम नहीं होने की दर्जनों शिकायतें आईं. इनमें प्रदेश के डीजीपी तक वोट नहीं डाल सके. यही नहीं दिल्ली से सिर्फ वोट डालने आए बीजेपी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र को भी मायूस होना पड़ा. मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि नगरपालिका ऐक्ट के अनुसार ही वोटर लिस्ट बनती है. वोटर लिस्ट में 2012 में कोई शिकायत नहीं हुई. इतने बड़े काम में गलतियां होती हैं. इस बार वोटर लिस्ट को और दुरुस्त किया गया, ऐसे तमाम लोगों के हमने नाम काटे, जिनका नाम शहर और गांव दोनों जगह था. उन्होंने बताया कि इस बार करीब 94 लाख मतदाता बढ़ाए गए. लगभग 80 लाख वोटर के नाम हटाए गए. पर्ची बांटने के काम में लखनऊ में ढिलाई हुई. मैंने लखनऊ डीएम को भी इसके लिए बोला था