दावो की हकीकत – कौन लेगा नौनिहालों का सुध, शिवराज के गृह जिले में ही 1540 बच्चे अतिकुपोषित

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मध्य प्रदेश सरकार के सभी दावों को झुठलाते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के ताजा सर्वे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सिहोर में 1540 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी के मिले हैं.

दरअसल, सीहोर जिला स्थित सीएम की गृह विधानसभा के नसरुल्लागंज ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने 12 बिस्तरों के पोषण पुनर्वास केंद्र में पिछले दिनों ब्लाक के 10 अतिकुपोषित बच्चो को भर्ती करवाया गया. इनमे से नेहरू गांव के राजेश उइके के 6 माह के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई.

परिजनों का आरोप है की एनआरसी में भर्ती बच्चों के इलाज में भारी लापरवाही बरती गई. रात तीन बजे जब बच्चे की तबियत बिगड़ी तो वहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था. और इसकी कीमत इस गरीब परिवार को चुकानी पड़ी.

इसको लेकर जब वहां के जवाबदेह अधिकारियों से पूछा गया तो वो जवाब नहीं दे पाए. सीएम के विधानसभा क्षेत्र के महत्वपूर्ण एनसीआर के प्रभारी डॉक्टर भी अपनी कमियों पर पर्दा डालते ही नजर आए, कोई मानने को तैयार नही दिखा की सिस्टम की बेरुखी और लापरवाही से समय दर समय अतिकुपोषित बच्चो की मृत्यु हो रही है.