फ़िल्मी स्टायल में लुटेरों ने कैश वैन से मिनिटों में लूटे 1.18 करोड़ रुपए, सड़क पर ही बना दिया था बंधक

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भोगपुर (जालंधर).आदमपुर रोड पर गांव मानक राय के पास आज फिल्मी स्टाइल में लुटेरे कैश वैन से सरेआम 1 करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए। करीब 7 लुटेरे बिना नंबर प्लेट की कार और तीन बाइक पर आए थे। इस दौरान बॉडीगार्ड समेत 5 इम्पलॉईयों को सड़क पर ही काफी देर तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ में एक संदिग्ध लुटेरा भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। ऐसे की लूटपाट…
– रेडियेंट कैश मैनेजमेंट कंपनी के ऑफिसर रविंदर पाल सिंह ने बताया कि सुबह करीब साढ़े 10 बजे मॉडल टाउन स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा से 14 एटीएम में कैश डालने के लिए 2 करोड़ 16 लाख पचास हजार रुपये लेकर वह रामामंडी के एकता नगर के ड्राइवर चरनजीत सिंह, बॉडीगार्ड सुरिंदरजीत सिंह, साथी राजीव और गुरप्रीत सिंह के साथ निकले थे।
– वो लोग 6 एटीएम में वह कैश डाल चुके थे। गाड़ी में अब 1 करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपए रखे थे। वह यह कैश आदमपुर एरिया में डालने जा रहे थे। जब उनकी कैश वैन गांव मानक राय से 500 मीटर दूरी पर पहुंची तो पीछे से एक सफेद रंग की इंडिगो कार ने आकर वैन के आगे खड़ी कर दी।
– ड्राइवर और हम लोग कुछ समझ पाते इतने में पीछे से तीन बाइक पर 6 युवक आ गए, जिन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे।
– लुटेरों ने गन निकाली और धमकी दी कि कोई हरकत किए बिना कैश वैन से नीचे उतर आए।
– बॉडीगार्ड से बंदूक छीन कर वैन में रख दी। वैन से वह और उसके 4 साथी नीचे उतर गए तो उन्हें वैन से 50 गज की दूरी पर सर्विस स्टेशन के पास ले गए।
– वैन के अंदर रखे लोहे के संदूक के तोड़ कर उस में रखा कैश लूट कर लुटेरे आदमपुर की ओर निकल गए।
हाईअलर्ट कर दिया जारी
– DIG जसकरन सिंह ने बताया घटना के तुरंत बाद ही हाईअलर्ट कर दिया गया था।
– वेन के ड्राइवर ने बताया था कि सफेद रंग की बिना नंबर कार है। ऐसी ही कार करतारपुर में नाके पर निकली तो उसे रोकने की कोशिश की गई लेकिन वह नहीं रुकी।
– इस पर पुलिसवालों ने कार का करीब 5 किमी तक पीछा किया। गांव के चीमा के पास पुलिस ने फायरिंग कर दी, जिससे कार चला रहे रंजीत सिंह निवासी कपूरथला के पीठ में तीन गोलियां लगीं और कार खेतों में उतर गई।
– कार से कोई कैश तो नहीं मिला मगर नंबर प्लेट मिली है। DIG का कहना है कि हालात रंजीत सिंह के खिलाफ हैं इसलिए संदिग्ध लुटेरा मान रहे हैं।
वैन की हर हरकत पर थी लुटेरों की नजर
– जिस तरह से लुटेरे आए है। उससे लुटेरे भेदी थे या फिर लुटेरों ने काफी होम वर्क के बाद लूटकांड को अंजाम दिया है।
– वैन के ड्राइवर चरनजीत सिंह और बॉडीगार्ड सुरिंदर जीत का कहना है कि वह रोज कैश डालने नहीं आते। रूट कभी अलग भी होता था।
– लुटेरे जानते थे कि कैश वैन कब कहां कितने बजे पहुंचती है। पुलिस ने भेदी के एंगल पर जांच शुरु की है।