ब्लॉग में छलका बिग बी का दर्द, लिखा- प्रसिद्धि से मुक्ति और शांति चाहता हूं

356

मुंबई। 75 साल की उम्र में अपनी प्रसिद्धि से परेशान हो चुके बिग बी ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा है कि वह इस प्रसिद्धि से मुक्ति और शांति चाहते हैं। बच्चन के अनुसार, इसी ख्याति के कारण उन पर बोफोर्स घोटाले, पनामा पेपर्स और हाल में अपनी संपत्ति पर अवैध निर्माण के आरोप लगे।

उन्होंने रविवार को अपने ब्लॉग पर एक पोस्ट में कहा, “इस उम्र में अब मैं शोहरत से मुक्ति और शांति चाहता हूं। अपने जीवन के आखिरी कुछ वर्षों में मैं अपने साथ रहना चाहता हूं। मुझे उपाधि नहीं चाहिए। मैं उससे घृणा करता हूं। मैं सुर्खियों की तलाश नहीं करता। मैं उसके लायक नहीं हूं। मैं प्रशंसा नहीं चाहता। मैं उसके योग्य नहीं हूं।”

कुछ दिन पहले ही अमिताभ के वकील ने गोरेगांव पूर्व में उनकी संपत्ति पर किसी भी अवैध निर्माण से इनकार किया था। इसके कुछ दिन बाद अमिताभ ने यह पोस्ट लिखा है। बीएमसी की ओर से इस सिलसिले में नोटिस भेजा गया था।

इस बड़े से पोस्ट में अमिताभ ने लिखा है, “उस नोटिस को मुझे अभी भी देखना है। लेकिन, शायद उसके आने का समय आ गया है। कई बार जब मुझ पर आरोप लगते हैं, तो मैं उन्हें सही तरीके से हल करने का प्रयास करता हूं। लेकिन, कभी-कभी चुप रहना ही बुद्धिमानी होती है।”

उन्होंने लिखा कि मीडिया के बजाय व्यवस्था को इसका हल निकालना चाहिए। अमिताभ ने बोफोर्स घोटाले पर लिखा कि कई वर्षों तक हमें परेशान किया गया। गद्दार कहा गया। हमें अपमानित किया गया। इस घोटाले से उनका नाम हटने में 25 साल लग गए।

उन्होंने लिखा, “जब मीडिया यह समाचार भारत लेकर आया, उसने मुझसे पूछा कि मैं इस बारे में क्या करूंगा? क्या मैं जानने की कोशिश करूंगा कि यह किसने किया या प्रतिशोध लूंगा?”

इसके बाद अमिताभ ने सवालिया लहजे में कहा, “कौन-सा प्रतिशोध और जानकारी मैं चाहूंगा? क्या यह उन दुखों और मानसिक यातनाओं को दूर कर सकेगा, जिससे हम वर्षों तक गुजरे हैं? क्या यह हमें आराम दे पाएगा? तो मैंने मीडिया से कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह मामला मेरे लिए खत्म हो गया है।”

अमिताभ ने पनामा पेपर्स मामले पर लिखा कि हमसे प्रतिक्रिया मांगी गई। इन आरोपों का खंडन करने और नाम का गलत इस्तेमाल करने के कारण हमारी तरफ से दो बार जवाब दिया गया। उन्हें छापा भी गया। लेकिन, सवाल बरकरार रहे। उन्होंने आगे लिखा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमने हमेशा पूरा सहयोग किया और इसके बाद भी अगर और जांच होगी तो हम पूरा सहयोग करेंगे।