जाते-जाते घोटाले के मुख्यकर्ताओं को बचा गए मुख्य महाप्रबंधक सचदेवा

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दबाए रहे आदेश, नहीं की संबंधित के खिलाफ कार्रवाई, आज हो रहे हैं सेवानिवृत्त

ग्वालियर।बिजली कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक एसके सचदेवा आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन डबरा में हुए मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेशन योजना में हुए घोटाले के मुख्य कर्ताधर्ताओं को अभयदान दे गए हैं। इस बात का खुलासा कंपनी के उस आदेश से हुआ है जिसमें कंपनी प्रबंधन ने मुख्य महाप्रबंधक को मुयमंत्री स्थाई पंप कनेशन योजना में डबरा में हुए घोटाले में दोषी पाए जाने वाले केपीओ सौरभ दुबे के खिलाफ पुलिस कार्यवाही व नोडल अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए थे लेकिन आदेश को 15 दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य महाप्रबंधक ने कोई कार्यवाही नहीं की तथा मामले को दबा गए। मुख्य महाप्रबंधक सचदेवा 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

सरकार की किसान हितैषी किसान अनुदान योजना में 8 माह पूर्व घोटाला हुआ था जिसमें कंपनी ने इस घोटाले में लिप्त उपमहाप्रबंधक पीके हजेला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था एवं मुख्य महाप्रबंधक एससी खरे का चालू प्रभार छीन लिया था। इसके साथ ही तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की गई थी। इसके बाद कंपनी ने इस योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेशन कर दिया गया लेकिन डबरा में फिर इस घोटाले की पुनरावृत्ति हुई और किसानों को पांच एचपी पंप कनेशन की जगह तीन एचपी पंप कनेशन देने का मामला सामने आया जिसमें उनसे रुपए पांच एचपी के लिए और पंप कनेशन तीन एचपी का दिया था।

इस मामले में कंपनी ने डबरा डिवीजन के उपमहाप्रबंधक राजमालवीय को स्थानान्तरण ग्वालियर कर दिया तथा जिस केपीओ ने 700 कनेशन दिए थे उसको तत्काल प्रभाव से हटा गिया गया था। इस मामले की जांच जब बिजली कंपनी के तकनीकि निर्देशक ने की तो उसमें उस केपीओ सौरभ दुबे एवं नोडल अधिकारी राज मालवीय को दोषी पाया गया है। इस पर तकनीकि निदेशक ने मुख्य महाप्रबंधक सचदेवा को पत्र लिखकर आदेशित किया है कि केपीओ सौरभ दुबे का पंजीयन निरस्त किया जाए तथा उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया जाए इसी के साथ संबंधित नोडल अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाए। इस आदेश को जारी हुए 15 दिन बीत चुके हैं लेकिन उसके बावजूद अभी तक मुख्य महाप्रबंधक ने न तो केपीओ सौरभ दुबे के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है और न ही नोडल अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की।

यह टिप्पणी की है आदेश पत्र में…. बिजली कंपनी के निर्देशक तनीकि ने मामले की जांच करने के बाद आदेश पत्र में लिखा है कि केपीओ सौरभ दुबे की वजह से कंपनी को लाखों रुपए राजस्व की हानि हुई है लिहाजा उनके खिलाफ पुलिस में अपराधिक मामला दर्ज कर हानि हुए राजस्व की उनसे रिकवरी की जाए साथ ही उनका साथ देने के मामले में शामिल नोडल आफीसर के खिलाफ भी कार्यवाही की जाए।

मुझे इस मामले में बताया गया था कि अभी जांच चल रही है लेकिन पत्र जारी होने के बावजूद कार्यवाही नहीं की इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं कल ही इस मामले को दिखवाऊंगा।

संजय गोयल, प्रबंध निदेशक, मक्षे विद्युत वितरण कंपनी,