क्राइम पेट्रोल से सीखी तकनीक, फोन पर फांस कर बनाते थे अश्लील video और करते थे ब्लेकमेल …..!फिर यू खुला राज …..?

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ग्वालियर,। अकाउंटेंट का अश्लील वीडियो बनाकर ठगने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने पकड़ा है। इनमें 2 महिलाएं शामिल हैं। गिरोह इन महिलाओं के माध्यम से प्रतिष्ठित लोगों को फंसाकर उनके अश्लील वीडियो बनाकर ठगता था। गिरोह के दो सदस्य फरार हैं। पकड़े गए सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ में शहर के कुछ और लोग भी उनके शिकार होने की बात पता चली है।

झांसी रोड थाना पुलिस ने शहर के प्रतिष्ठित लोगों को किसी काम के बहाने बुलाकर फिर उनका अश्लील वीडियो बनाकर ठगने वाले पांच सदस्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है। दो दिन पहले दतिया के सेवढ़ा में सरकारी उप कोषालय में पदस्थ लेखाधिकारी अशोक गुप्ता (49) ने झांसी रोड थाने में शिकायत की थी कि सितंबर माह में उनके पास लगातार एक युवती के कॉल आए। उसने किसी जरूरी काम से मिलने की बात कही पर वह टालते रहे।

एक दिन परेशानी में फंसे होने की बात कहकर युवती ने विक्की फैक्ट्री इलाके में बुलाया। अशोक पहुंचे तो युवती पास ही एक कमरे पर ले गई। यहां पहले से ही एक महिला व पुरुष तैयार थे। यहां युवती ने अपनी चाहत का इजहार करते हुए अशोक को रोके रखा। इसी समय पहले से मौजूद महिला-पुरुष आ धमके। इस पर युवती ने अशोक पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया। इस दौरान अकाउंटेंट के साथ युवती ने कुछ अश्लील क्लिप भी बना लिए थे। उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

दो किश्तों में उससे 4.75 लाख रुपए भी ऐंठ लिए। जब यह शिकायत थाने पहुंची तो पुलिस ने घेराबंदी कर मंगलवार रात ठगने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ लिया। इसमें ठगने वाली अराजू पठान, आशा चौरसिया, गोलू चौरसिया निवासी विक्की फैक्ट्री पकड़े गए हैं, जबकि गिरोह के दो सदस्य यूसुफ पठान व आशीष यादव फरार हैं।

कई और लोगों को भी बनाया निशाना

पकड़े गए ठग जिस तरह से पुलिस को पूछताछ में जवाब दे रहे हैं, उससे साफ है कि यह उनका पहला केस नहीं है। वह शहर के अन्य प्रतिष्ठित लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। तीनों को बैठाकर पूछताछ की तो वह अन्य वारदात करने से मुकर गए। जब अलग-अलग कर पूछताछ की तो कई ऐसे सुराग मिले हैं, जो इशरा कर रहे हैं कि यह शहर के अन्य प्रतिष्ठित लोगों को इसी तरह ब्लैकमेल कर चुके हैं।

क्राइम पेट्रोल से सीखी तकनीक

अराजू पठान ने पुलिस को बताया कि यह आइडिया उन्होंने क्राइम पेट्रोल सीरियल में एक केस को देखने के बाद सीखा। उन्हें लगा कि प्रतिष्ठित लोग बदनामी से बचने के लिए आसानी से 2 से 3 लाख रुपए दे सकते हैं। टीम के कुछ सदस्यों के ज्यादा लालच के कारण हम पकड़े गए।

क्राइम ब्रांच ने पकड़ा था ऐसा ही गिरोह

पिछले महीने ही क्राइम ब्रांच ने भी इस तरह के गिरोह को पकड़ा था।, जिसने कई डॉक्टरों को इलाज के बहाने उनके साथ अश्लील वीडियो बनाकर ठगी की थी। गिरोह के पास से ग्वालियर, झांसी व भोपाल के 20 से अधिक डॉक्टरों की लिस्ट मिली थी।