भोपाल – किसानों के टीकमगढ मामले मे सरकार ने मानी गलती । पर कार्यवाही ऊंट के मुँह में जीरा…..?

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जय सिंह चौहान खास खबर
म.प्र.के टीकमगढ मे किसानों को थाने मे बंद कर कपड़े उतार कर किसानों के साथ मार पीट की गई जांच रिपोर्टें आने के बाद ग्रह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने एसा माना है
भूपेंद्र सिंह किसानों के कपड़े उतार कर थाने मे की गई पिटाई को पहले नकार दिया था । अब उसी बात को खुद कह रहे है । इसी तरह मंसौर मे किसानों के उपर पुलिस के गोली चलाने की बात को भी मना कर दिया था इस गोली कुंड मे ६ किसानों की जान चली गई थी । ओर फिर बाद मे भूपेंद्र सिंह ने ही कहा कि किसानों पर पुलिस ने ही गोलियां चलाई थी । सरकार के ग्रह मंत्री को बिना पूरी जानकारी के गलत बयान बाजी करने से खुदा की इमेज ओर सरकार दोनो की इमेज खराब होती है ।
सरकार ने मान लिया है कि किसानों के साथ पुलिस ने अकारण थाने मे बंद कर कपड़े ंउतार कर मार पिट की ।इतनी बढे अपराध करने के बाद भी  सरकार ने कोई बढी कार्यवाही नहीं की । सिर्फ टी आई आर सी चौधरी को दुसरे जिले भेजने के आदेश दिए है ओर चार कर्मचारियों को थाने से लाईन भेज दिया क्या इसी सजा के हकदार है ।सी एम शिवराज सिंह खुद मानते है कि लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों को निबंधित करना कोई सजा नहीं है ।इस मामले मे तो किसी को निलंबित भी  नहीं किया ।