प्रायवेट कार्यक्रम को शासकीय योजना बता कर योजनाओ का लाभ दिखाते शिक्षा विभाग के अधिकारी छात्रों से चंदा कर पर्यटन दिवस मनाते अधिकारी हरी झंडी की जगह तिरंगा दिखाते अधिकारी

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करैरा शिवपुरी…मुख़्यमंत्री पर्यटन उत्सव योजना को कितना कारगर सिद्ध कर रहे है शिक्षा विभाग के अधिकारी !!
विश्व पर्यटन दिवस पर मुख्यमन्त्री पर्यटन उत्सव मनाने के निर्देश शासन ने दिए तो प्रायवेट स्कूलो के संचालको ने छात्र छात्राओं से चंदा एकत्रित कर शिबपुरी घुमाने ले गए। इसकी जानकारी जैसे ही शिक्षा विभाग को लगी, हरी झंडी दिखाने पहुच गए, और योजना की इतिश्री हो गयी।
मध्यप्रदेश के संवेदनशील मुख़्यमंत्री की योजना यदि छात्रों के चंदे से पूरी हो तो किस बात की योजना??
यह कार्यक्रम शासकीय स्कूलो के गरीब बच्चों को शासन स्तर पर पर्यटन की जानकारी दिलाने ले जाते तो इस योजना का कुछ फायदा होता।
प्रायवेट स्कूलो के छात्र तो प्रति वर्ष चन्दा एकत्रित कर कही न् कही घूमने जाते ही है। इसमें हरी झंडी दिखा योजना को किस तरह पलीता लगाया जा रहा है इससे दिखाई पड़ रहा है। और यदि माना भी जाये तो हरी झंडी दिखाने खंडस्तरीय अधिकारी बीईओ श्रीमती साधना माथुर एवम् बीआरसीसी क्यो नही है?? एक ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक एवम् बीएसी से योजना की हरी झंडी की जगह तिरंगा झंडा दिखा कर खाना पूर्ति करना कहा तक उचित है??