gwalior- मां, मुझे माफ करना, आपका संदेह करना गलत है……! लिखा सुसाईट नोट में और कूद गयी किले से ……?

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ग्वालियर । डॉक्टर बनने के लिए नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी कर रही छात्रा ने सोमवार की दोपहर 1 बजे के लगभग किले से डेढ़ सौ फीट की ऊंचाई से कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को छात्रा का शव गूजरी महल के ऊपर पड़ा मिला। शव के पास ही छात्रा का बैग पड़ा था।

बैग में मिले आईसी से मृतका की पहचान डॉली श्रोती के रूप में हुई। मृतका के बैग से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें मां द्वारा उसके ऊपर शक करने के कारण जान देने की बात लिखी है। मृतका की मां-बहन का कहना है कि उनकी डॉली ऐसा नहीं कर सकती है। उसके साथ कुछ हुआ है। बहोड़ापुर थाना पुलिस जांच कर रही है।

बहोड़ापुर थाने के टीआई राघवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि मंगलवार की दोपहर 1ः30 बजे के लगभग सूचना मिली कि एक युवती कि ले से गूजरी महल के ऊपर कूद गई है। पुलिस को युवती का शव गूजरी महल के ऊपर झाड़ियों में पड़ा मिला। मृतका जींस का पेंट और टी-शर्ट पहने थी। उसके गले में दुपट्टा था। स्कूल बैग भी पास पड़ा था। जिसमें किताबें और पानी की बोतल थी।

आईसी से हुुई पहचान

मृतका का बैग खोलकर देखने के बाद उसमें किताबों के साथ कोचिंग की आईसी मिली। आईसी से मृतका की पहचान डॉली पुत्री कैलाश श्रोती निवासी इंदरगढ़, दतिया के रूप में हुई। आईसी में लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर पता चला कि डॉली यहां भाई शिवम और मां शगुन देवी के साथ दर्पण कॉलोनी स्थित 8 दुकानों के पास ऊषा पाराशर के मकान में किराये से रहती है।

एक हाथ और दोनों पैर टूटे

छात्रा का शव मिलने के बाद पुलिस ने जांच के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी मौके पर बुला लिया। डॉली के दोनों पैर टूट गए थे। एक हाथ भी टूटा। सिर में भी चोट थी और मुंह व नाक में से खून निकल रहा था। पुलिस को आशंका है कि छात्रा के डेढ़ सौ फीट की ऊंचाई से कूदने बाद उसका शरीर 2-3 स्थानों पर पत्थरों से टकराने के बाद गूजरी महल के ऊपर गिरा है।

ये लिखा है सुसाइड नोट में

मां, मुझे माफ करना, आपका संदेह करना गलत है

पुलिस को छात्रा के बैग से सुसाइड नोट मिला है। अंग्रेजी के शब्दों में हिंदी में डॉली ने लिखा है- मम्मा आप मुझ पर बहुुत शक करती हो। मां! आपका शक करना गलत है। मैंने आप से कहा था कि मैंने सबकुछ छोड़ दिया है। फिर भी आपने नहीं माना। मैं आप से, पापा, भाई, दीदी सभी से प्यार करतीं हूं। मुझे आप समझती नहीं हो। मुझे माफ कर देना आई लव यू। फिर मुझे माफ कर देना और अपना ख्याल रखना।

वो तो कहती थी डॉक्टर बनना है

डॉली की मौत की सूचना मिलते ही मृतक की मां शगुन देवी, विवाहित बड़ी बहन सपना और भाई शिवम बुआ के लड़के के साथ मौके पर पहुंच गए। मां ने अपना सिर पत्थर पटक दिया। जिससे उनके माथे व नाक में चोट लग गई। वह अचेत हो गईं। मां व बहन का कहना था कि उनकी डॉली ऐसा नहीं कर सकती थी। वो तो कहती थी उसे डॉक्टर बनना है। सुबह 7 बजे कोचिंग पढ़ने के लिए घर से निकली थी। डॉली एमएलबी कॉलोनी स्थित शुक्ला कोचिंग के माध्यम नीट की तैयारी कर रही थी। शाम को 7 बजे घर लौटती थी। पिता इंदरगढ़ में खेतीबाड़ी करते हैं और भाई शिवम भी आईआईटी तैयारी कर रहा है।

सुसाइड नोट पढ़ते-पढ़ते टीआई की आंखें भर आईं

बेटी की मौत के गम में मां व बहन बुरी तरह से बिलख रहीं थी। टीआई राघवेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और सुसाइड नोट पढ़कर सुनाने लगे। उनका गला भरभराने लगा और आंखों से आंसू टपकने लगे। मौके पर मौजूद लोग कहने लगे कि खाकी के अंदर भी इंसान होता है। पत्थर दिल नहीं।

पुलिस के सामने ये सवाल

-डॉली कोचिंग जाने की बजाए किले पर कैसे पहुंची। सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस पता लगाएगी कि डॉली किले पर किसी के साथ तो नहीं आई थी।

-घरवालों का कहना है कि डॉली अंग्रेजी में सुसाइड नोट नहीं लिख सकती। उसकी हैंडराइटिंग पर भी संदेह जताया। पुलिस हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से सुसाइड नोट का परीक्षण कराएगी।

-पुलिस पता करेगी कि डॉली अपने पास मोबाइल क्यों नहीं रखती थी।

-छात्रा पर उसकी मां किस बात पर शक करती थी और उसने कौन सी बात छोड़ने की बात सुसाइड नोट में लिखी है। इसका पता लगाएगी, क्योंकि सुसाइड नोट में इसका उल्लेख नहीं है।

हर एंगल से होगी जांच

शुरुआती जांच व घटनास्थल देखने और सुसाइड नोट मिलने से साफ है कि छात्रा ने किले से कूदकर खुदकुशी की है। इसके साथ ही हर एंगल पर जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -राघवेंद्र सिंह तोमर, बहोड़ापुर थाने के टीआई