मंदसौर – शामगढ़ में माफियाओ के हांथो की कठपुतली बनी शिक्षा नीति, मनमर्जी से आबंटित होते है परीक्षा सेंटर…। शिक्षा के क्षेत्र में हो रही अनियमितताओं में नियमों की उड़ रही है धज्जियां….

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(मुकेश राठौड़, आमीर बारसी)

मंदसौर। मंदसौर की तहसील श्यामगढ़ में शिक्षा माफियाओ का कॉकस शिक्षा नीतियों को पूरी तरह धता बताकर शिक्षा नीति को अपनी मनमर्जी से चलाने पर उतारू है।उसके इस खेल में जिले से लेकर राजधानी के अधिकारी,कर्मचारी ओर शिक्षा जगत के दलाल तक शामिल है जो शिक्षा को बेचकर अपनी जेबें भरने में जुटे हैं।

शिक्षा जगत की यह तस्वीर है जिले के तहसील शामगढ की जहां पर शिक्षकों ने अपनी ही धुन चला रखी है ।जो छात्र भोज से b.a. करते हैं उन्हों के लिए गवर्नमेंट कॉलेज b.a. का ही होना चाहिए लेकिन यहां पर उल्टा हो रहा है। जो छात्र भोज से b.a. कर रहे हैं उनका परीक्षा सेंटर गवर्नमेंट हाई सेकेंडरी स्कूल दिया जा रहा है जबकि शामगढ़ नगर में b.a. का कॉलेज है जो गवर्नमेंट ने एलॉट कर रखा है। आश्चर्यजनक है कि ऐसे में गवर्नमेंट स्कूल में कैसे एग्जाम ले रहे हैं ।नियम तो यह कहता है कि कॉलेज की जहां बात आती है वहां कॉलेज ही होना चाहिए और जहां स्कूल की बात आती है वहां पर स्कूल ही होना चाहिए तो जो छात्र भोज से b.a. कर रहे हैं उन्को b.a. गवर्नमेंट कॉलेज ही दिया जावे ।शिक्षा महकमे से जुड़े सूत्र बताते है कि शिक्षक अपनी ही रोटी सेकने के लिए अपनी धुन चला रहे हैं ।इस खेल में तमाम अधिकारी,कर्मचारी भी शामिल है। स्थानीय जागरूक लोगो का कहना है कि भोज से बीए करने वालों को गवर्नमेंट b.a. का ही कॉलेज दिया जावे जिससे शिक्षा पर कोई उगली ना उठा सके और छात्रों को सही रुप से सही जगह पर सही सेंटर दिया जाए।