प्रदेश के प्रमुख थानों में पदस्थ होंगे 1500 से ज्यादा ट्रेंड जवान, करेंगे ये काम

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इंदौर.साइबर क्राइम आज बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए मप्र पुलिस भी अत्याधुनिक संसाधनों के साथ इन्वेस्टिगेशन कर ऐसे अपराधों की रोकथाम और साइबर अपराधियों को पकड़ने के लिए भी जरूरी कदम उठा रही है। बेहतर इन्वेस्टिगेशन के लिए इंदौर, भोपाल सहित प्रमुख थानों में जल्दी ही साइबर मामलों में ट्रेंड 1500 से ज्यादा जवानों को बतौर इन्वेस्टीगेटर पदस्थ किया जाएगा। इसी तरह आगामी 6 माह में ऐसे 11 हजार पुलिस जवान पूरे प्रदेश के प्रमुख थानों में भेजे जाएंगे, ताकि ऐसे मामलों का और बेहतर इन्वेस्टिगेशन हो सके। इस योजना में 2 साल के भीतर प्रदेश के सभी थानों में ट्रेंड जवानों की भी तैनाती कर दी जाएगी।
यह बात रविवार को इंदौर आए डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने कही। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम सभागार में संभाग के सभी पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और अपराधों की समीक्षा वन टू वन प्रजेंटेशन देखकर की। उनसे पुलिसिंग को बेहतर बनाने के नए सुझाव भी पूछे। इंदौर के अपराधों का प्रजेंटेशन देखने के दौरान डीजीपी ने पांच सालों में पेंडिंग 580 अपराधों पर रोष जताया और कहा कि आपराधिक प्रकरणों की ज्यादा समय पेंडेंसी रहने से पुलिस की छवि खराब होती है, इसलिए इन मामलों में नई टीम बनाकर जल्दी निपटारा करें। सीएसपी रैंक के अफसर सुपरविजन में कोताही न बरतें, रोजाना आधा घंटा अपने सर्कल के थानों में दें और थाने की पूर्ण जानकारी रखें। आरक्षकों से अधिकारी ज्यादा संवाद करें ताकि ग्राउंड रिपोर्ट बेहतर ढंग से मिल सके। उन्होंने सायबर क्राइम के अलावा धोखाधड़ी, प्रॉपर्टी विवाद और संगीन अपराधों में भी बेहतर इन्वेस्टीगेशन के लिए अच्छे अधिकारियों की उपलब्धता करवाने की बात कही है।
एआईडी इंदौर एप का उद्‌घाटन
डीजीपी शुक्ला ने इंजीनियरिंग छात्र आदिल बरनवाल, अनुष्ठा श्रीवास्तव और अक्षय मिश्रा के द्वारा ट्रैफिक एएसपी प्रशांत चौबे के निर्देशन में तैयार की गई एआईडी इंदौर एप का भी उद्घाटन किया। किसी भी स्थान पर सड़क हादसे में घायल को मदद पहुंचाने वाली इस एप की सराहना की।
पुलिस पंचायत की तारीफ
डीजीपी ने कहा कि इंदौर शहर में पुलिस के लिए सड़क दुर्घटनाओं में मौतें होना भी बड़ी चुनौती रही है, लेकिन इस चुनौती को यहां के अफसरों ने गंभीरता से लिया और उपाय किए जिससे हादसों में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है। पिछले साल की तुलना में मौत का आंकड़ा 50 कम हुआ है, ये पुलिस का अच्छे प्रयास है । अब पुलिस द्वारा चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को अफसर नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ सामंजस्य स्थापित कर शीघ्र और जरूरी सुधार करवाएं। वहीं पुलिस पंचायत द्वारा सीनियर सिटीजन के मुद्दों पर उन्हें मदद करने की व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू करने को कहा।
भ्रष्टाचार बर्दाश्त न करें, पर गलती के अनुरूप दें
डीजीपी शुक्ला ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पुलिस जवान या अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसे बर्खास्त करने को लेकर ज्यादा न सोचें। जिसकी जैसी गलती हो, उसी के अनुरूप उसे सजा दें। जिन मामलों में पीड़ित खुद पुलिस थाने या अधिकारियों तक शिकायत लेकर पहुंचता है तो गंभीरता से कार्रवाई कर उसका तुरंत समाधान करें, उसे चक्कर ना लगवाएं। इससे जनता के बीच पुलिस की अच्छी छवि उभरकर आएगी।