पहले पत्नी को घोंपे चाकू फिर पति ने की सुसाइड, एक साथ निकली दोनों की अर्थी

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इटारसीदांपत्य जीवन की दरार के चलते आवेश में आए एक युवक ने इटारसी के भट्‌टी गांव में पहले तो पत्नी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी फिर कीटनाशक पीकर जान दे दी। घटना से गांव में शोक है। रविवार शाम पीएम के बाद साथ शवयात्रा निकली और इटारसी में अंतिम संस्कार किया गया।
आरोपी पति सुरेश मेहरा (36) था। उसने चाकू के वार कर पत्नी विनिता (32) मेहरा काे मार डाला। फिर कीटनाशक गटककर आत्महत्या कर ली। घटना इटारसी से 10 किलोमीटर दूर भट्‌टी गांव की है। घर में मां और पिता के झगड़े का चश्मदीद सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 साल का पुत्र अमित है। उसी ने दौड़कर रिश्तेदारों को खबर की। दंपती को गंभीर हालत में इटारसी के सरकारी अस्पताल लाया था जहां इलाज के दौरान पहले पत्नी फिर पति की मौत हो गई। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाया। अस्पताल में छह घंटे बाद भट्‌टी और विनीता के मायके पतलई गांव से आए रिश्तेदारों की भीड़ लगी रही। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव नहीं ले जाए गए। अस्पताल परिसर से ही अर्थियां एक-साथ निकलीं। खेड़ा के शांतिधाम में माता-पिता की चिता को बड़े पुत्र अमन मेहरा (15) ने मुखाग्नि दी। भट्‌टी न्यूयार्ड के डीजल शेड के आगे है।
गांव में काबड़ मोहल्ला है जहां सुरेश मेहरा, पत्नी विनिता और दो पुत्र अमन और अमित के साथ रहता था। पास ही सुरेश के दो भाई रामकेश और रामस्वरूप रहते हैं। सुरेश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। वह मिस्त्री था। छोटा बेटा अमित सरकारी मिडिल स्कूल में सातवीं का छात्र है। बड़ा लड़का दसवीं में है। वह गांव में नहीं रहता। होशंगाबाद में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। सुरेश का पत्नी से घरेलू कारणों से अनबन होती रहती थी। रविवार को सुबह 10 बजे से सुरेश की पत्नी विनीता से हुई बहस हाथापाई में बदल गई। सुरेश ने चाकू उठाया और पत्नी पर वार करने लगा। अमित लड़ाई देख रहा था। वह भागते हुए बुआ के घर पहुंचा और कहने लगा मां-पापा को बचा लो। सब लोग सुरेश के घर पहुंचे। तब तक मोहल्ले के लोगों ने उन्हें घर से बाहर निकाल लिया था। खून से लथपथ विनीता दर्द से तड़प रही थी। बुआ सास व जेठानी ने विनिता को उठाया। उसे परिजन सरकारी अस्पताल के लिए निकले। रास्ते में विनिता की सांसे थम गई। घर के आंगन में घबराया सुरेश उल्टियां कर रहा था। उसे भी अस्पताल लाया गया। एक घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया।
एक साथ निकली दो अर्थी
शाम 5.20 बजे पोस्टमार्टम कक्ष के सामने से दो अर्थियां निकलीं। एक सुरेश की थी दूसरी विनिता की। अस्पताल गेट तक आकर एक वाहन से दोनों शव सीधे खेड़ा मुक्तिधाम ले जाए गए। बड़े पुत्र अमन ने मुखाग्नि दी।
शिक्षक ने सुनाया, मामा-मामी की मौत का घटनाक्रम
होशंगाबाद के मातृछाया मूक बधिर स्कूल के शिक्षक प्रकाश मेहरा (30) भट्‌टी गांव में रहते हैं। घटना के बाद उनका कथन पुलिस ने दर्ज किया। इन्होंने पूरा घटनाक्रम इस तरह बताया 10 सितंबर की सुबह 10.30 बजे का समय था। मेरे मामा सुरेश मेहरा का लड़का अमित दौड़ता हुआ मेरे घर आया। वह बोला- भैया, मम्मी-पापा का झगड़ा हो रहा है। आप चलाे। मैं मामा सुरेश मेहरा के घर गया तो देखा मामी विनिता घायल थी। खून निकल रहा था। पूरी घटना घरेलू झगड़े में हुई। डेढ़ घंटे बाद दीपेश मेहरा मामा सुरेश को लेकर अस्पताल आया।