13 साल की रेप पीडि़ता ने दिया बच्चे को जन्म, सुप्रीम कोर्ट ने दी थी Abortion की अनुमति

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मुंबई। 13 साल की रेप पीडि़ता का शुक्रवार को जेजे हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ। रेप पीडि़ता ने यहां बेटे को जन्म दिया। बच्चे का वजन 1.8 किलोग्राम है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा और मां दोनों स्वस्थ है। आपको बता दें कि दो दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने इस रेप पीडि़ता को 31 सप्ताह का गर्भ गिराने की मंजूरी दी थी। एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक शुक्रवार को डॉक्टर जब गर्भपात की कोशिश कर रहे थे तो पाया कि यह नाबालिग के लिए खतरा हो सकता है। ऐसे में उन्होंने सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चा पैदा करने का फैसला किया। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक आनंद ने बताया बच्चा ठीक है और अभी उसे निगरानी में रखा जाएगा।
नाबालिग अस्पताल में एक सप्ताह तक रहेगी। पीडि़ा ने ने प्रीमेच्योर लडक़े को जन्म दिया। इसका वजन 1.8 किलो है। डॉक्टर्स ने कहा कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दो दिन पहले ही 13 वर्षीय रेप पीडि़ता को 32 सप्ताह के गर्भ को गिराने की इजाजत दे दी है। इसके बाद नाबालिग को गुरुवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था और शुक्रवार को ऑपरेशन किया गया। लेकिन, डॉक्टरों ने पाया कि गर्भपात से लडक़ी की जान को खतरा हो सकता है। ऐसे में सिजेरियन ऑपरेशन करने का फैसला किया।

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अमिताव राय और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने बुधवार को जे जे अस्पताल के चिकित्सकों की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद इस लडकी का गर्भपात करने की अनुमति दी थी। इसके लिए केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार ने मेडिकल रिपोर्ट और इसी तरह की एक अन्य रेप पीडि़त के मामले में शीर्ष अदालत के आदेश का हवाला दिया था।