बच्चों को मुर्गा बनाने पर स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश.. ! impect ! मामला शिक्षक दिवस पर पैसे न लाने पर बच्चों को मुर्गा बनाने और डंडे से पिटाई करने का ….! मामले को मप्र बाल मानव अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान में…..

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अशोकनगर। निजी स्कूल में बच्चों को मुर्गा बनाने और डंडे से पिटाई करने के मामले को मप्र बाल मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया। शुक्रवार को बाल मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष आशोकनगर पहुंचे और स्कूल का निरीक्षण किया जहां स्टाफ व बच्चों से पूछताछ की ।

उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि स्कूलों के संचालन के लिए जो मापदंड तय किए गए हैं उस आधार पर स्कूलों की जांच की जाए और 7 दिन में रिपोर्ट प्रदान की जाए। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ बच्चों को दंड़ित किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के भी निर्देश दिए।

स्थानीय त्रिलोकपुरी कॉलोनी में चल रहे ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस मनाने के लिए 20 से 50 रुपए की मांग की गई थी। पैसा नहीं लाने पर स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को मुर्गा बनाकर डंडे से पीटा और छात्राओं के हाथ ऊंचे कराए गए इतना ही नहीं कुछ बच्चों से दंड बैठक भी लगवाई थी जिसे बाल मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान में लिया । बच्चों को इस तरह दंडित किए जाने के मामले में वह अशोकनगर पहुंचे और स्कूल की मौके पर जाकर जांच की।

स्कूल में कई अनियमिताएं मिली

जैसे ही बाल मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष राघवेन्द्र शर्मा के पहुंचने की जानकारी मिली तो जिला शिक्षाधिकारी आदित्यनारायण मिश्रा, तहसीलदार सूर्यकांत त्रिपाठी व शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें स्कूल संचालक नहीं मिले।

स्कूल संचालक उम्मेद बरया मुंगावली जनपद के अंतर्गत छैवलाई बरखेड़ी गांव में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ हैं, दरअसल उनके द्वारा ही यह स्कूल चलाया जाता है। स्कूल के कागजों में प्रेमबाई जो उनकी मां है उनके नाम से स्कूल का संचालन होना बताया गया है। इस विद्यालय में 225 बच्चे पढ़ते हुए पाए गए जिनमें एलकेजी कक्षा में 42, नर्सरी में 37, यूकेजी में 6, कक्षा 13, कक्षा 2 में 8, कक्षा 3 में 6, कक्षा 4 में 4 और कक्षा 5 में एक भी छात्र नहीं था। जबकि कक्षा 6 में 9, कक्षा 7 में 5, कक्षा 8 में एक भी छात्र नहीं है। इसके कक्षा 9 में 5 और कक्षा 10 में 3 छात्र होना बताए गए। इस स्कूल के एक ही कक्ष में, कक्षा 2, 3 और 4 के बच्चे साथ पढ़ते हुए मिले।

स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि उसे पढ़ाने के बदले में दो हजार रुपए ही दिए जाते हैं

जब बाल मानव अधिकार आयोग के कक्ष ने कक्षा 3 की छात्रा से गिनती को घटते-बढ़ते क्रम में पूछा तो वह नहीं बता पाई। ऐसे ही अनेक सवाल स्कूल के बच्चों से किए गए। स्कूल में शिक्षिका कीर्ति ओझा से पूछताछ की गई कि उन्हें कितना पैसा मिलता है तब शिक्षिका का कहना था कि उन्हें मात्र दो हजार रुपए दिए जाते हैं। इस स्कूल में 6 शिक्षक है जो बच्चों को पढ़ाते है। शिक्षक दिवस मनाए जाने को लेकर बच्चों से जो मारपीट की गई उसमें उन्हीं बच्चों के साथ पिटाई की गई जो रुपए लेकर नहीं आए थे।

तीन सदस्यीय टीम बनाकर दिए जांच के निर्देश

इस मौके पर आयोग के अध्यक्ष राघवेन्द्र शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहाकि शासन ने स्कूलों के संचालन के लिए मापदंड तय किए हैं। वह मापदंड प्रायवेट स्कूलों में लागू हैं। इन मापदंडों के अनुसार यह स्कूल चल रहे हैं या नहीं? उन्होंने जो मान्यता ली है उस मान्यता के दौरान जानकारी दी जाती है कि उनके द्वारा सभी मापदंडों का पालन किया जाएगा।

अकेले ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल ही नहीं, जितने भी स्कूल अशोकनगर में चल रहे हैं उन सभी स्कूलों में शासन के नॉर्म्स का पालन किया जा रहा है या नहीं? इसकी जानकारी 7 दिन में दिए जाने के लिए तीन सदस्यीय जांच दल बनाकर जांच करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने जिला शिक्षाधिकारी से कहाकि इस स्कूल की ही नहीं अपितु सभी स्कूलों की जांच की जाए।

एफआईआर दर्ज कराने के साथ स्कूल की मान्यता भी रद्द की जाएगी

अध्यक्ष राघवेंद्र शर्मा ने कहाकि स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर आवश्यक रूप से दर्ज कराई जाएगी तथा इसकी जांच भी कराई जाएगी। जब स्कूलों को यह मान्यता दी जाती है तब अधिकारियों की मिली भगत से यह मान्यता देने के मामले में उन्होंने कहाकि उसी के लिए जांच के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहाकि बाल मानव अधिकार भोपाल में बैठकर ही निर्णय ले सकता था लेकिन हमने भोपाल में बैठकर निर्णय करने के स्थान पर अशोकनगर में आकर स्कूल का निरीक्षण करने का निर्णय लिया जिससे बहुत सारी बातें सामने आई हैं। किस तरह बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, यह संस्थाएं शिक्षा देने के योग्य हैं या नहीं?

हमने इस संबंध में कलेक्टर को भी पत्र लिखा है, बच्चों को इस तरह दंडित किया जाना बहुत गंभीर मामला है, स्कूल संचालक के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए है। इस दौरान उन्होंने कहाकि जिला शिक्षाधिकारी से चर्चा कर इन बच्चों को अन्य स्कूल में सिफ्ट किए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

क्या कहना है इनका

बाल मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष द्वारा स्कूल की जांच करने के बाद एफआईआर दर्ज कराने और स्कूल की मान्यता समाप्त करने के भी निर्देश दिए हैं। मेरे द्वारा स्कूल संचालक के खिलाफ आफआईआर दर्ज करने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस में रिपोर्ट की है। स्कूल संचालक के खिलाफ नोटिस जारी किया जा रहा है। स्कूल की मान्यता रद्द करने का अधिकार शासन स्तर पर है।

आदित्यनारायण मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी

 

क्या हुआ था , देखिये video–