रिश्वतखोरी की खुली चारागाह बना शिवपुरी…! हफ्ते भर में एक पुलिस अधिकारी निलंबित तो एक इंजी., एक बाबू और सहा.शिक्षक को लोकायुक्त ने दबोचा 

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*भ्रष्टाचारियों का गढ़ बनता जा रहा शिवपुरी!*

हफ्ते भर में एक पुलिस अधिकारी निलंबित तो एक इंजी., एक बाबू और सहा.शिक्षक को लोकायुक्त ने दबोचा

 

-राम यादव/राजू यादव (ग्वाल)-

शिवपुरी-शासकीय सेवा में रहकर शासन से वेतन प्राप्त करने के बाद भी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों की पैसों की भूख शांत नहीं हो रही। यही कारण है कि आए दिन जिला शिवपुरी में कहीं अपर कलेक्टर रिश्वत लेकर लोकायुक्त मामले में कोर्ट के चक्कर काट रहा है तो कहीं पुलिस अधिकारी भी रिश्वत लेकर पकड़े जा रहे है और इसके एवज में उन्हें निलंबन तक की सजा भुगतनी पड़ रही है इसके अलावा सब इंजीनियर, बाबू और सहायक शिक्षक भी रिश्वत काण्ड में फंसे है जिन्हें लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों धर दबोचा। आए दिन लोकायुक्त की भेंट चढ़ रहे यह मामले बताते है कि कहीं ना कहीं शिवपुरी भ्रष्टाचारियों का गढ़ बनता जा रहा है। इन मामलों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली शिवपुरी की साफ-स्वच्छ सुथरी पर कहीं ना कहीं रिश्वत का दाग लगता जा रहा है।

*अपर कलेक्टर चढ़े लोकायुक्त की भेंट*

रिश्वत की आंच जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में तत्कालीन अपर कलेक्टर जेड.यू.शेख पर आई जहां उन्होंने अपने ही चैम्बर में खनिज विभाग के एक कर्मचारी द्वारा रिश्वत ली और अपनी ड्रॉज में पैसे रखे तभी लोकायुक्त ने उन्हें रंगे हाथों धर दबोचा।

*नपा सीएमओ को भी पकड़ा रंगे हाथ *

नगर पालिका में पदस्थ तत्कालीन सीएमओ पी.के.द्विवेदी को भी लोकायुक्त पुलिस ने गांधी पार्क में मानस भवन से रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा और लोकायुक्त ने औचक कार्यवाही कर सीएमओ के विरूद्ध प्रकरण कायम किया था। इसके बाद वह कुछ समय शिवपुरी में पदस्थ रहे बाद में उनका तबादला अन्यत्र जगह हो गया।

*एमडीएम प्रबंधक भी पकड़ी गई रिश्वत काण्ड में*

शासकीय अधिकारियों में तत्कालीन एमडीएम प्रबंधक कीनल त्रिपाठी को भी रिश्वत काण्ड में लोकायुक्त ने उस समय धर दबोचा। जब एक सहायता समूह के भुगतान के मामले में उन्होंने रिश्वत मांगी तभी लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों उन्हें पकड़ लिया।

*भुगतान को लेकर सब इंजीनियार भी धरे गए*

ऐसा नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारी ही लोकायुक्त की कार्यवाही में शामिल हो। इनके अलावा एक सब इंजीनियर राकेश हरिओद जो कि जनपद पंचायत शिवपुरी के अंतर्गत किए जाने वाले भुगतान को लेकर एक महिला सरपंच को लंबे समय से रिश्वत का दबाब बना रहे थे जब सरपंच के करीबी द्वारा रिश्वत की रकम दी गई तो वह रंगे हाथों लोकायुक्त पुलिस के हत्थे चढ़े और रोते हुए स्वयं के फंसने के बाद इसे षडयंत्र बताया।

*अब आईटीआई बाबू ने वेतन बढ़ाने पर मांगी रिश्वत और पकड़ा गया*

रिश्वत के इन सभी मामलों के बाद अब आईटीआई में पदस्थ बाबू डीआर मालबीय बीते कुछ दिनों से विभाग में ही काम करने बाले स्बीपर रमेश और उसके तीन साथियों से बेतन बढ़बाने के एवज में डेढ़ लाख रूपए मांगे थे। जिस पर चारों ने मिलकर एक लाख बीस हजार रूपए में मामला डील हुआ। इस रिश्वत की एक किस्त फ रियादी रमेश पहले ही दे चुका था उसके बाद रमेश ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त में की। लोकायुक्त ने शिकायत के बाद टेप रिकोर्डर देकर रमेश को भेजा और पूरी बातचीत टेप होने के बाद आज बुधवार को अपने हिस्से की दूसरी राशि 10 हजार रूपए रिश्वत दे दी। रिश्वत की राशि देने के बाद रमेश ने लोकायुक्त को इशारा किया। लोकायुक्त को इशारा करने के बाद लोकायुक्त की टीम ने उक्त आरोपी बाबू को दबोच लिया। जब हाथ दुलबाए तो रंग निकलने लगा। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में ले लिया है। बाबू को रिश्वत मामले दी गई कार्यवाही को अंजाम देने लोकायुक्त की टीम में निरीक्षक मनीष शर्मा, निरीक्षक राजीव गुप्ता, सब इस्पेक्टर सुरेश सिंह कुशवाह, आरक्षक धीरज नायक, इन्द्रभान परिहार, जसबंत शर्मा, विनोद शाक्य शामिल रहे।

*सहा.शिक्षक को भी धर दबोचा*

शिक्षा के कार्य क्षेत्र से जुड़े हुए बदरवास में पदस्थ एक सहायक शिक्षक राजभान सिंह यादव को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। जहां स्व सहायता समूह को काम देने के एवज में सहायक शिक्षक राजभान सिंह ने समूह संचालक से 20 हजार रूपये की रिश्वत मांगी। इस मामले में समूह संचालक ने योजना बद्ध तरीके से सहा.शिक्षक फंसाने के लिए शिकायत लोकायुक्त में कर दी और लोकायुक्त पुलिस ने 6 सितम्बर गुरूवार को ही सहा.शिक्षक राजभान को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

*रिश्वत मामले में ऑडियो वायरल पर एसआई निलंबित*

जिले के पिछोर क्षेत्र में एक महिला एसआई संजीता मिंज को जब रिश्वत की रकम नहीं मिली तो उनका ऑडियो वायरल हो गया और इस ऑडियो वायरल के रूप में उन्हें पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निलंबित कर दिया गया। इस ऑडियो वायरल में एसआई संजीता मिंज एक लाल रंग के बुलेरो वाहन को छोडऩे के एवज में 60 हजार रूपये की मांग कर रही थी और इसके अलावा मासिक रूपये 8 से 12 हजार रूपये बंधा हुआ चाह रही थी इस मामले की जब ऑडियो वायरल हुई तो यह मामला पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। जहां पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पहले महिला एसआई संजीता मिंज को पिछोर थाने से हटाया फिर जांचो परांत एसआई मिंज को निलंबित कर दिया गया।