सुसाईट गेम ब्लू व्हेल के चक्रव्यूह को तोड़ा बरेली के शुभम ने, यूं आया बाहर…!

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बरेली। ब्लू व्हेल चैलेंज गेम यानी मौत का कुआं। इसमें जो भी फंसा, वापस नहीं निकल पाया। हर टॉस्क के साथ खेलने वाला किशोर और युवा मौत की तरफ बढ़ता जाता है और अंत में खुद की जान लेकर विनर बनता है। लेकिन इस खतरनाक चक्रव्यूह को बरेली के 17 वर्षीय शुभम ने तोड़ा। अपनी हिम्मत के बूते शुभम ने ये खूनी खेल बीच में छोड़ दिया। शुभम का कहना है कि खेल को कुछ इस तरह गढ़ा गया कि वह खेलने वाले के दिमाग पर हावी हो जाता है। हालांकि यह सिर्फ भ्रम और दबाव पर टिका है। मजबूत इच्छाशक्ति और मानसिक दृढ़ता से खेल आसानी से छोड़ा जा सकता है।

ऐसे फंसा चैलेंज में

शुभम ने बताया कि उसने ब्लू व्हेल चैलेंज खेलने के लिए डाउनलोड किया और चार अगस्त को पहला टास्क मोबाइल मैसेज के जरिए मिला। इसमें कलाई पर अच्छे दोस्त को गाली लिखकर 24 घंटे खुली बांह करके घुमना था। टास्क पूरा होने पर पांच अगस्त को शुभकामना का मेसेज आया।

दूसरा टास्क छह अगस्त को मिला। इसमें सुबह करीब साढ़े 4 बजे उठकर हॉरर मूवी ऑनलाइन दिखाई और वीडियो कॉलिंग के जरिए शुभम के चेहरे पर आने वाले इम्प्रेशन भी देखे। टास्क पूरा होने पर सात अगस्त को शुभकामना मेसेज मिला।

आठ अगस्त को तीसरा टास्क बांह पर व्हेल की टेल की आकृति ब्लेड से काट कर बनाने का दिया। शर्त रखी कि लाइव मूवमेंट के जरिए इसे दिखाना होगा। इस पर शुभम ने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। दोपहर 12 बजे के करीब मोबाइल ऑन किया तो उकसाते हुए यू कैन डन के मैसेज आने लगे। नहीं किया तो परिवार और दोस्तों के प्रति भड़काया और ब्लू व्हेल चैलेंज को हमदर्द बताते हुए मैसेज भेजे। इन्कार किया तो परिवार को बर्बाद करने की धमकियां दीं। इससे वो डिप्रेशन में आ गया।

टॉस्क पूरा न करने पर दी धमकी

टास्क पूरा न करने पर शुभम और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। कहा गया कि भारत में भी हमारे लोग हैं जो पूरे परिवार को मार देंगे इसलिए गेम आगे खेलो। पर शुभम आगे नहीं खेला और मौत के कुएं से आजाद हो गया।

मुश्किल से हुए साइन आउट

इस गेम को खेलने के बाद साइन आउट नहीं किया जा सकता। शुभम ने अनइंस्टाल कर दिया तो मोजिला पर जो भी सर्च करता उसकी जगह ब्लू व्हेल चैलेंज ही आता। इसके बाद एक नंबर से मैसेज आया जिसे ट्रू कॉलर पर सर्च किया तो पता चला कि पहला अक्षर सात रूस का कोड है। इसके बाद 15 अगस्त की रात को मोबाइल री.सेट कर दिया। इसके बाद कोई मैसेज नहीं आया।

डरें नहीं खुलकर बताएं

ब्लू व्हेल चैलेंज को हराने वाले शुभम का कहना कि जो भी लोग इसे खेल रहे हैं। वो डरें नहीं बल्कि दोस्तों और माता-पिता को बताएं। एडमिनिस्ट्रेटर सिर्फ टॉर्चर कर सकता है, इससे ज्यादा कुछ नहीं। जो लोग डर जाते हैं वो अपनी जिंदगी के लिए खतरा बनते हैं।

शुभम को मिल थे टास्क

चैलेंज पूरा करने पर हाथ पर एक कट करना। हाथ पर ब्लेड से एफ57 उकेरना। सुबह 4ण्20 बजे हॉरर मूवी देखकर सेल्फी भेजनाए हाथ की 3 नसों को काटकर फोटो भेजनाए सुबह ऊंची से ऊंची छत पर जानाए खुद को चाकू से कई बार काटकर सजा देनाए बेस्ट फ्रेंड को मारकर अधमरा करनाए क्रेन के सामने कूदनाए सबसे ऊंची जगह पर पैर लटकाकर बैठनाए मरने के लिए एक दिन तैयार रहना आदि। टास्क कंपलीट करने पर कोड जेनरेट होना थाए जिससे आगे के टास्क सीक्रेट मिशन के तहत बताए जातेे। लेकिन शुभम ने सिर्फ दो टास्क पूरे करने के बाद गेम को अनइंस्टाल कर दिया।