भारत की भोगोलिक स्थिती की वजह से सेना को हर समय चोकन्ना रहने की जरूरत: अरुण जेटली

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हैदराबाद
चीन के साथ सीमा पर जारी तनातनी के बीच रक्षामंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा है कि भौगोलिक स्थिति की वजह से भारत को हमेशा अपनी सुरक्षा के लिए तैयार रहना है। उन्होंने इसे सबसे अच्छा डिफेंस बताया। शनिवार को ही सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भी कहा था कि चीन सीमा पर ‘यथास्थिति बदलने’ की कोशिश कर रहा है और डोकलाम में जारी गतिरोध जैसी घटनाएं भविष्य में बढ़ सकती हैं।

जेटली ने कहा, ‘यह कड़वा सच है कि आज की दुनिया में भारत को अपनी भौगौलिक स्थिति की वजह से हमेशा तैयार रहना है। हमारी रक्षा तैयारी ही हमारा सबसे अच्छा बचाव है।’ जेटली ने यह भी जोड़ा कि देश को सेना पर पूरा भरोसा है, जिसने दुनिया में कई अच्छी परंपराओं को स्थापित किया है। उन्होंने कहा, ‘तैयारी के संबंध में स्पष्ट तौर पर हमें सुरक्षाबलों को उनकी जरूरत के मुताबिक सभी तरह के सपॉर्ट सिस्टम से लैस करना है।’

 

केंद्रीय मंत्री यहां इंडियन नेवी को जमीन से हवा में मार करने वाले मिसाइल को सौंपने के लिए आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। इस मौके पर जेटली ने कहा, ‘भारतीय अब दूसरी विकसित अर्थव्यवस्थाओं को कम कीमत में सेवा देने में सक्षम है। दुनिया में शायद ही ऐसा कोई विकसित देश है, जहां मेडिसिन, साइंस और टेक्नॉलजी में भारतीय मस्तिष्क मौजूद नहीं है।’

क्या कहा सेना प्रमुख ने
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने आज कहा कि भारत के साथ चीन सीमा पर ‘यथास्थिति बदलने’ की कोशिश कर रहा है और डोकलाम क्षेत्र में जारी गतिरोध जैसी घटनाएं भविष्य में बढ़ सकती हैं। रावत ने कहा, ‘चीन द्वारा डोकलाम में मौजूदा गतिरोध यथास्थिति बदलने की कोशिश है जिसके बारे में हमें चिंता करने की जरूरत है और मुझे लगता है ऐसी घटनाओं के भविष्य में बढ़ने की संभावना है।