अजब- गजब व्यक्तित्व के धनी थे प्रो.चंद्रपाल सिंह सिकरवार ….- कमिश्नर श्री रूपला

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सेवानिवृत शिक्षक नारायण शर्मा को मिला डॉ चन्द्रपाल सिंह सिकरवार स्मृति सम्मान

शिवपुरी। डॉ.चन्द्रपाल सिंह सिकरवार स्मृति सम्मान समारोह 2017 आज ग्वालियर संभागायुक्त एस.एन.रूपला के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर अनिल कुमार ने की। समारोह में कलेक्टर तरूण राठी, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे विशिष्ट अतिथि एवं समिति के संरक्षक पोहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रहलाद भारती उपस्थित थे।
समारोह में सेवा निवृत्त शिक्षक श्री नारायण शर्मा का शॉल, श्रीफल एवं पुष्पाहार से डॉ.चन्द्रपाल सिंह सिकरवार स्मृति सम्मान पत्र से सम्मानित किया। समारोह में वक्ताओं ने डॉ. चन्द्रपाल सिंह सिकरवार के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
डॉ.चन्द्रपाल सिंह सिकरवार स्मृति सम्मान समारोह द्वारा परिणय वाटिका छत्री रोड शिवपुरी में आयोजित समारोह को संभागायुक्त एस.एन.रूपला ने संबोधित करते हुए कहा कि स्व.चन्द्रपाल सिंह का जीवन अजब-गजब था। डॉ.सिकरवार ने हमेशा कर्म को प्रधानता दी। उन्होंने समाज एवं देश के विकास के साथ-साथ भावी पीढ़ी के निर्माण में भी अहम् योगदान दिया। श्री रूपला ने कहा कि ऐसे बहुत कम लोग होते है, जिन्हें मृत्यु के बाद भी शिवपुरी सहित समाज का हर वर्ग याद करता है, उनमें से चन्द्रपाल सिंह सिकरवार भी एक थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिरीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि स्व.चन्द्रपाल सिंह सिकरवार को सच्ची श्रृद्धांजलि तब होगी, जब हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाए। उन्होंने कहा कि आदिकाल से ही गुरू पुज्यनीय रहा है। जो शिक्षक लगन, मेहनत के साथ अपने बच्चों को शिक्षा देने का कार्य करते है, उन्हें देश एवं समाज हमेशा याद करता है, उनमें से चन्द्रपाल सिंह भी एक थे। उन्होंने लोगों से कहा कि ऐसे शिक्षक जो अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वाहन नहीं कर रहे है। उन्हें समझाईस दें कि लगन एवं मेहनत के साथ अपने बच्चों को बढ़ाए। अन्यथा समाज उनका मान एवं सम्मान नही करेगा।
कलेक्टर तरूण राठी ने कहा कि स्व.चन्द्रपाल सिंह एक सच्चे मानव थे। सच्चा मानव वहीं होता है, जो अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी के साथ निर्वहन कर समय पर काम करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू एवं शिष्य की पुरानी परम्परा है। प्रत्येक व्यक्ति के विकास में शिक्षक का योगदान होता है। आज हमें जिस स्थिति में है। उसमें शिक्षक की भी अहम् भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नारायण शर्मा को जो सम्मान दिया गया है, इस सम्मान से अन्य शिक्षकों को भी सेवा से कार्य करने का भाव पैदा होगा।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डे ने कहा कि स्व.चन्द्रपाल सिंह सिकरवार का व्यक्तित्व सामाजिक सरोकार से भरपूर था। आज उन्हें समाज का सभी वर्ग याद करता है, वे महान व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने शिवपुरी जैसे शहर में अंग्रेजी के प्रति जो रूझान पैदा करने हेतु इंग्लिश एशोसिएशन का गठन कर अंग्रेजी को बढ़ावा दिया।
विधायक प्रहलाद भारती ने कहा कि स्व.चन्द्रपाल सिंह सिकरवार अपने शिष्यों में भविष्य की संभावनाए तलाशते थे और उन्हें सही प्रेरणा देते थे। उन्होंने हमेशा गुरू शिष्य की परम्परा को बनाए रखा। शिवपुरीवासी धन्य है, कि 41 वर्ष तक उन्होंने शिवपुरी को अपनी सेवाए दी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाओं को उभारने का जो कार्य किया, उसी का परिणाम आज जिले के नौजवान विभिन्न क्षेत्रों में शिवपुरी का नाम रोशन कर रहे है।
सम्मानित हुए सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री चन्द्रपाल सिंह सिकरवार की सत्य, अहिंसा, ईमानदारी और निष्ठा उनकी पहचान थी। उन्होंने गांधीजी के सिद्धातों को अपनाया और शादगी, सरल एवं सहज भाव के साथ अपने जीवन को जिया। उनके ईरादे फौलादी एवं मजबूत थे। कार्यक्रम को दीपक शर्मा, आर.आई. अरविंद सिकरवार डॉक्टर एके मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन दिग्विजय सिंह सिकरवार ने और अंत में सभी के प्रति आभार श्री तरूण अग्रवाल ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्ज्वलित कर माल्यापर्ण से किया गया।