आधी रात में याकूब को फांसी की सजा सुनाने वाले दीपक मिश्रा बनेंगे 45वें प्रमुख न्यायाधीश

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सुप्रीम कोर्ट के जज दीपक मिश्रा को मंगलवार को भारत का 45वां प्रमुख न्यायाधीश चुन लिया गया। मिश्रा प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की जगह लेंगे जो 27 अगस्त को सेवानिवृत हो रहे हैं। मिश्रा करीब 14 महीने चीफ जस्टिस के पद पर रहेंगे। जस्टिस दीपक मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के 45 वें चीफ जस्टिस होंगे।
जस्टिस दीपक मिश्रा ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन को फांसी की सजा जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने ही सुनाई थी। याकूब के मामले में आजाद भारत में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में रात भर सुनवाई चली थी। सुप्रीम कोर्ट में रात के वक्त सुनवाई करने वाली बेंच की अगुवाई जस्टिस दीपक मिश्रा ने ही की थी और दोनों पक्षों की दलील के बाद याकूब की अर्जी खारिज की गई थी और फिर तड़के उसे फांसी दी गई थी। जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में स्पेशल बेंच बनाई गई है जो अयोध्या मामले की सुनवाई करेगी।
अंग्रेजी साहित्य से है प्रेम
उड़ीसा हाई कोर्ट बार असोसिएशन के प्रेजिडेंट व सीनियर ऐडवोकेट अशोक परीजा बताते हैं कि जस्टिस दीपक मिश्रा को उन्होंने उड़ीसा हाई कोर्ट में प्रैक्टिस के दौरान नजदीक से देखा और उन्हें उनके साथ प्रैक्टिस का मौका भी मिला। उनके बारे में परीजा बताते हैं कि जब उन्हें जज बनाया गया था तब उड़ीसा हाई कोर्ट के व्यस्ततम वकीलों में उनका नाम शुमार था। सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक आदि मामलों पर उनकी पकड़ है। अंग्रेजी साहित्य व भाषा के भी बेहतरीन जानकार हैं। उन्हें अंग्रेजी में कविता पढ़ने और लिखने का शौक रहा है।