Video – अपनों से बिछुड़े तो गेरो ने अपनाया,किसी की बिटियां तो किसी की बहना बनी ”दुर्गा वाहिनी”

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शिवपुरी-
हालातों की प्रतिकूलता कहे अथवा पूर्व जन्म का कोई संस्कार, कि विधाता की इस रचना में किसी को अपनों ने छोड़ा तो किसी के अपने बिछड़ गए ।जीवन का सफर, अकेलापन खलने लगा ।लेकिन ऐसे में ‘नर सेवा नारायण सेवा’ को अपना उद्देश्य मानने वाली दुर्गा वाहिनी की बहने सामने आई जिन्होंने किसी का हाथ थामकर रक्षाबंधन के इस पवित्र त्यौहार पर उन्हें अपना भाई बनाया तो किसी को दादा ।कहीं उन्हें बूढी ताई मिली तो कहीं मां जैसी चाची…! और उनके बीच में रहकर पवित्र रक्षाबंधन का यह पर्व प्रेम और स्नेह के साथ मनाया। अवसर ही ऐसा था कि दोनों पक्षों की आंखें द्रवित हो गई ।यही वह अटूट बंधन था जो रक्षाबंधन का यह त्यौहार यादगार बन गया।
दुर्गा वाहिनी के इस दल ने रक्षाबंधन के लिए विशेष तैयारियां कर रखी थी पूर्णत:अपनो से उपेक्षित होकर रहने वाले वृद्ध आश्रम में आज दुर्गा वाहिनी की टीम पहुंची जिन्होंने वहां मौजूद बुजुर्गों को तिलक लगाकर पवित्र रक्षासूत्र बांधा, उनकी आरती उतारी और स्वस्थ रहने की कामना की। दुर्गा वाहिनी की बहनो ने इन निराश्रितों को अपने हांथो से मिठाई व् भोजन भी खिलाया ।परिवार के सदस्यों से बिछड़ कर जो वृद्ध आश्रम में जीवन जीने को मजबूर थे आज उन्हें गैरों में अपनापन नजर आया और रक्षासूत्र बंधवाते में उन्होंने डबडवाई आंखों के बीच दुर्गावाहिनी की इन बहनों को रक्षा का वचन भी दिया।

राखी उत्सव में आज दुर्गावाहिनी की शालू गोस्वामी (प्रदेशाध्यक्ष) रंजना पचौरी, अंजना मंगल, दीप्ती,साधना शर्मा, नीलू शिवहरे,मीना दुबे ,रानी गुप्ता,सुशी गुप्ता,स्नेह पाठक, अनीता,सहित अन्य कई बहने उपस्थित रही।