अपराध – फ़िल्मी स्टायल में ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए लुटे थे केश वेन से 65 लाख ……!

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दो या चार नहीं पूरे 10 बदमाशों की मित्र मंडली थी ये. मित्र मंडली में कुछ हॉर्डकोर क्रिमिनल भी थे. एक साथी पर तो गैंगस्टर लगी हुई थी. मंडली में ज्यादातर लोग अलग-अलग जिलों से थे, लेकिन अलीगढ़ में सब एक साथ रहते थे. गैंगस्टर सोनू चौधरी इस मंडली का लीडर था. सोनू पर दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज थे. लेकिन पिछले कुछ समय से मंडली में अजीब से सुगबुगाहट चल रही थी. क्योंकि सबका लीडर सोनू था इसलिए हर कोई अपने मन की बात सोनू चौधरी से ही कहता था. कोई अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, किसी को घर खरीदने के लिए रुपयों की जरूरत थी तो कोई हवाई जहाज से गोवा जाना चाहता था. इसी उधेड़बुन के बीच बदमाशों की मंडली ने हैप्पी न्यू ईयर फिल्म देखने के बाद एक ढाबे पर ही बना ली थी 65 लाख रुपये लूट की यह खतरनाक योजना…

ढाबे के सामने देखी थी कैशवैन और एटीएम
फिल्म देखने के बाद से गैंग लीडर सोनू चौधरी के दिमाग में खुराफात चल रही थी. दूसरी ओर गैंग के लड़कों की कुछ डिमांड भी थी. बदमाश मंडली के सभी लोग जुलाई के पहले सप्ताह में धनीपुर मण्डी, अलीगढ़ में एक ढाबे पर बैठकर खाना खा रहे थे. खाना खाने के दौरान ही सोनू चौधरी को ढाबे के ठीक सामने एक एटीएम पर कैशवैन खड़ी हुई दिखाई दी. लेकिन उस दौरान सोनू ने किसी भी लड़के से इस बारे में कुछ नहीं कहा. वो कैशवैन लूटने का प्लॉन बनाने लगा. प्लॉन दिमाग में आते ही उसने गैंग के सभी लड़कों को इस बारे में बता दिया. अब प्लॉन पर अमल करने की तैयारी होने लगी.

ढाबे के नौकर रॉकी ने की थी वैन की रेकी


पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने बताया कि वैन को लूटने के लिए जरूरी था कि वैन की रेकी की जाए. इसके लिए ढाबे पर काम करने वाले रॉकी को तैयार कर लिया गया. उसे कुछ रुपयों का लालच दिया गया. रॉकी इस काम में माहिर निकला और उसने पूरे एक सप्ताह की रेकी कर कैशवैन के हर एक दिन एटीएम पर आने-जाने का पूरा टाइम टेबल बता दिया. रॉकी के अनुसार कैशवैन एटीएम में रुपये डालने के लिए एक सप्ताह में तीन दिन आती है. सोमवार के दोपहर तीन बजे, बुधवार को दोपहर ढाई बजे और शुक्रवार को शाम चार बजे से साढ़े चार बजे के बीच वैन रुपये डालकर चली जाती है.

Filmy style, Robbery:

बाइक पंक्चर के बाद टला वारदात का वक्त
पकड़े गए सभी छह बदमाशों के अनुसार 14 जुलाई की दोपहर का वक्त कैशवैन को लूटने के लिए चुना गया था. सभी तैयारियां भी हो गईं थी. अपने-अपने काम के हिसाब से सभी एटीएम के आसपास और उससे कुछ दूरी पर पहुंच गए थे. मुख्य काम बाइक सवार दो लोगों का था. वो दोनों भी ठीक समय पर एटीएम से थोड़ी ही दूरी पर खड़े हो गए. तभी सामने से कैशवैन आती हुई दिखाई दी. बाइक सवार अलर्ट हो गए. लेकिन जैसे ही बाइक स्टार्ट की तो मालूम हुआ कि बाइक का पहिया पंक्चर हो गया. मोबाइल से ये सूचना सभी सदस्यों को दे दी गई. आखिर में तय हुआ कि आज लूट नहीं की जाएगी. सभी लोग अन्नापुरम कालोनी वाले कमरे पर पहुंच गए और वहीं तय हुआ कि लूट अब 17 जुलाई को की जाएगी.

ऐसे बनाया 65 लाख की लूट का प्लॉन
बदमाश मंडली में 10 लोग थे. सभी को उनके काम के अनुसार जिम्मेदारी सौंपी गई. मंडली के सदस्य हनुमान, रोहित और रजत को कारतूस और हथियार लाने की जिम्मेदारी दी गई. टौरी, सुमित, विकास और सोनू के जिम्मे कैशवैन लूटने के लिए मोटरसाइकिल लूट का काम आया. लूट की तारीख 14 जुलाई से एक दिन पहले चारों ने एक अपाचे और स्पलेंडर बाइक लूट ली. ललित और गोपाल को स्कॉरपियो कार से सभी सदस्य और लूट के रुपयों को सुराक्षित स्थान पर पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई. ढाबे के नौकर रॉकी को लूट के बाद पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने का काम दिया गया.

फिल्मी स्टाइल में दिया था वारदात को अंजाम
घटनास्थल से थोड़ी ही दूरी एटा चुंगी पर सोनू काले रंग की स्पलेंडर और तमंचे के साथ खड़ा हो गया. सुमित, विकास खुजली और सोनू चौधरी लूटी गई अपाचे बाइक पर एटीएम के पास एक परचून के खोखे पर खड़े हो गए. रजत एटीएम के बांय ओर तमंचे के साथ तो रोहित रॉकी के साथ ढाबे पर बैठकर पूरे घटनाक्रम की निगरानी के लिए बैठ गया.करीब तीन बजे सीएमएस कंपनी की कैशवैन आती हुई दिखाई दी.

एटा चुंगी पर खड़े हनुमान ने इशारा कर दिया. कैशवैन के एटीएम के सामने रुकते ही सोनू चौधरी ने गॉर्ड पर गोली चला दी. विकास खुजली ने गॉर्ड को दूसरी गोली मार दी. सुमित ने आसपास खड़े लोगों को धमकाते हुए फॉयर करने शुरु कर दिए. विकास ने कैशवैन के साथ आए कस्टोडियन कमाउद्दीन के सिर में तमंचे की बट्ट मार कर घायल कर दिया. उसके साथ से रुपयों से भरे दो थेले छीन लिए. सोनू चौधरी ने अपाचे बाइक स्टार्ट कर ली. इसी दौरान विकास की पिस्टल का चैम्बर गिर गया. सोनू ने बाइक दौड़ा दी.

Filmy style, Loot:

इसी हड़बड़ी में इस बार रुपयों से भरा नौ लाख वाला बैग गिर गया. जिसे विकास ने उठा लिया. आगे चलकर फायरिंग करते हुए सुमित भी बाइक पर बैठ गया. रुपये लेकर तीनों अन्नापुरम कॉलोनी वाले कमरे पर पहुंच गए. बाकी के सदस्य भी कमरे पर पहुंच गए. यहां सुमित ने नौ लाख रुपये वाला बैग रजत, हनुमान और सोनू के हवाले कर दिया. एक बैग अपने ही पास रखा. रुपयों के बंटवारे के लिए एक अगस्त का दिन तय हुआ.

इसके बाद सुमित, विकास, रजत हनुमान और ललित को गोपाल ने स्कॉरपियों से अतरौली मोढ़ पर छोड़ दिया. यहां से सभी लोग रोडवेज की बस से बुलंदशहर विकास के गांव हरचंद्रपुर पहुंच गए. गांव में विकास के परिवार वालों के एक विरोधी के यहां एक मर्डर हो गया था. इसलिए घरवालों ने कहा कि तुम लोग गांव से चले जाओ.

विरोधियों को पता चल गया तो तुम लोगों का नाम भी रिपोर्ट में लिखवा देंगे. इसके बाद सभी लोग बुलंदशहर बस अड्डे के पास होटल पैराडाइज में रुके. अगले दिन सभी लोग अलग हो गए. लेकिन सभी सदस्य रॉकी के संपर्क में थे. बदमाशों की इसी गलती के चलते पुलिस ने छह बदमाशों को अलग-अलग जगहों से दबोच लिया. लेकिन सुमित, विकास, गोपाल और ललित अभी भी फरार चल हैं.

लूटने वाले थे एयरटेल का 6 लाख रुपया
इस सफल लूट के बाद बदमाश मंडली खासी खुश थी. बेशक अभी लूटे गए रुपयों का बंटवारा नहीं हुआ था. लेकिन सभी लोग अपने आप को लखपति से कम मानकर नहीं चल रहे थे. ये ही वजह थी कि पहली लूट के रुपयों का बंटवारा होने से पहले ही बदमाशों ने एक और लूट का प्लॉन बना लिया. सभी के बीच तय हुआ कि 24 जुलाई को आईसीआई बैंक के सामने बने एयरटेल के पुराने ऑफिस में रखा छह लाख रुपया लूटा जाएगा. लेकिन इससे पहले ही छह बदमाशों को दबोच लिया गया.

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65 नहीं महज 35 लाख की थी वह लूट
बदमाशों के पकड़े जाने और लूट का खुलासा होने के बाद लूट में हुआ एक और खेल सामने आया है. लूट के बाद एटीएम में रुपये भरने वाली कंपनी का कहना था कि कंपनी का 65 लाख रुपया लूटा गया है. जबकि पकड़े गए बदमाशों का कहना है कि लूट सिर्फ 35 लाख रुपये की हुई थी. दो बैग में 35 लाख रुपये थे. एक बैग में नौ लाख तो दूसरे 26 लाख रुपये थे. जबकि पुलिस अभी तक पकड़े गए बदमाशों से सिर्फ 6 लाख 5 हजार रुपये ही बरामद कर पाई है.