indor – रुपए मिलते ही बेच देते थे गोपनीय डेटा……?पीडीएफ और एक्सेल में बदलकर कर देते थे मेल…..

391

इंदौर। साइबर सेल ने ग्राहकों का डेटा चोरी कर बेचने वाले जिन टेलीकॉम कंपनी कर्मचारियों को पकड़ा है, वे रुपए मिलते ही मिनटों में डेटा मेल कर देते थे। आरोपी उपभोक्ताओं की कॉल डिटेल का डेटा पीडीएफ और एक्सेल में बदलकर खरीदार को ईमेल करते थे।

गिरोह के सदस्य आदित्य ने इंदौर में सक्रिय 20 से ज्यादा इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कंपिनयों को कॉल डिटेल बेचना कबूल किया। इनका एक अन्य सदस्य रिलायंस व एयरटेल कंपनी का डेटा भी उपलब्ध कराता था। उसकी तलाश की जा रही है। साइबर सेल एसपी जितेंद्र सिंह के अनुसार गिरोह पूरा नेटवर्क चैनल के अनुसार चलाता था।

डेटा ई-मेल पर भेजते थे और रुपए का लेनदेन सीधे करते थे। सीडीआर दस्तावेज गोपनीय होते हैं और इन्हें बेचा या सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। टेलीकॉम कंपनियों के कर्मचारी अवैध रूप डेटा दलालों के माध्यम से बेच रहे थे।

एक आरोपी ने किया है एमबीए

आरोपी राजेंद्र ने इंदौर में रहकर गुजराती कॉलेज से बीए कर कोठारी कॉलेज से एमबीए किया। वह टाटा डोकोमो में कैश कलेक्शन करता था। फिर भोपाल चला गया। वहां 2011 तक उसने एयरटेल कंपनी में काम किया। उसके बाद चार दोस्तों की मदद से एयरटेल कंपनी के ब्रॉडबेंड की एजेंसी ले ली।

मुकेश तीन साल से टाटा डोकोमो में एमआईएस कोऑर्डिनेटर है। संजय धीमान एयरटेल कंपनी में पोस्टपेड इंचार्ज है। उपभोक्ताओं के आईडी लॉगइन भी इसके पास रहते थे। संजय का बड़ा भाई सचिन इंटरप्राइजेस नाम से ऑनलाइन मोबाइल की खरीदी-बिक्री करता है। आदित्य का ए-बिंग नाम से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का कामकाज है।

मोबाइल कंपनी से मांगेंगे जवाब

एसपी ने बताया मोबाइल कंपनी में डेटा लीक होने की बात प्रबंधन को पता है या नहीं, इसका जवाब मांगा जाएगा। इसमें किसी अधिकारी का शामिल होना पाया गया तो उस पर भी कार्रवाई होगी। गिरोह से कौन जुड़ा है, इसकी तस्दीक की जा रही है। डेटा खरीदने वाली कुछ एडवाइजरी कंपनियां सामने आई हैं, लेकिन अन्य के बारे में पूछताछ की जाएगी। उसके बाद उन पर कार्रवाई होगी।