अली जैसे कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक युवा शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्त्रोत : डीपीसी | सेंवड़ा संकुल केंद्र पर सेवानिवृत्त हेडमास्टर को समारोहपूर्वक दी गई विदाई

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शिवपुरी। शिक्षक का पद एक गरिमामय पद है और शिक्षक ही है जिसने इतिहास से लेकर वर्तमान तक महान हस्तियां देश को दी हैं। शिक्षक यदि कर्तव्यनिष्ठ होगा तो निश्चित तौर पर एक सशक्त समाज का निर्माण करेगा। व्यक्ति जब नौकरी से सेवानिवृत्त हो तो वह अपने साथ नोटों से भरा सूटकेश नहीं बल्कि प्रशंसा और दुआओं से भरा सूटकेस लेकर घ्ार जाए और रियायत अली जैसे शिक्षक उन्हीं में से एक हैं, जिनकी कर्तव्यनिष्ठा से युवा शिक्षकों को भी प्रेरण्ाा लेनी चाहिए। यह बात संकुल केंद्र सेंवड़ा पर माध्यमिक विद्यालय इंदरगढ़ के सेवानिवृत्त हेडमास्टर रियायत अली के विदाई समारोह में मंच से सैकड़ों शिक्षकों को संबोध्ाित करते हुए डीपीसी शिरोमणी दुबे ने कही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से कोलारस प्राचार्य मनोज निगम, विनय गोपाल बोहरे, मुकेश मेहता, डीआर कर्ण, बीआरसीसी अंगदसिंह तोमर सहित जनशिक्षक रविन्द्र द्विवेदी, भगवान स्वरूप शर्मा, दिनकर नीखरा, सुनील उपाध्याय, नीलमणी द्विवेदी, अध्यापक नेता स्नेह रघ्ाुवंशी, प्रदीप अवस्थी, रामकृष्ण रघ्ाुवंशी, यादवेन्द्र चौध्ारी, नीरज सरैया, कुल्लू भार्गव के अलावा संकुल के शिक्षक व गांव के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोध्ाित करते हुए सेंवड़ा संकुल प्राचार्य उमेश करारे ने कहा कि रियायत अली जैसे आदर्श शिक्षकों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और वे ऐसा व्यक्तित्व रहें हैं जिन्होंने स्कूल समय के बाद भी अपने कर्तव्य का निर्वहन शिक्षक व विभाग के हित में हमेशा किया है। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक सतेन्द्र दुबे व अनिल जैन ने किया, जबकि आभार व्यक्त प्राचार्य उमेश करारे ने किया। पहली बार संकुल स्तर पर किसी शिक्षक की सेवानिवृत्ति पर किए गए इस तरह के आयोजन की मौजूद अतिथियों व अन्य लोगों ने प्रशंसा की और कहा कि इस तरह के आयोजन से सेवानिवृत्त शिक्षकों को खुशी होती है कि जिस विभाग के लिए जिन्होंने अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया वह विभाग और उसके शिक्षक भी उनके लिए समर्पित है।