bhopal-महिलाओं के खिलाफ अपराध में भोपाल प्रदेश में NO.1,भिंड – मुरेना को पीछे छोड़ा …

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भोपाल। महिलाओं पर अत्याचार, दुष्कृत्य व अन्य घटनाओं के मामले में प्रदेश में राजधानी भोपाल शीर्ष पर हैं। दूसरे नंबर पर जबलपुर और इंदौर तीसरे नंबर पर है। चंबल संभाग के भिंड व मुरैना में महिला अपराधों की संख्या राजधानी की तुलना में लगभग चौथाई है।

यह जानकारी पवई (पन्न्ा) विधायक मुकेश नायक द्वारा बुधवार को विधानसभा मंे लगाए गए एक सवाल के लिखित जवाब में निकलकर आई है। गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 जनवरी से 31 मई 2017 के बीच भोपाल में महिला अपराध से जुड़े 8 हजार 838 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी अवधि में जबलपुर में 7 हजार 557, इंदौर में 6 हजार 827, उज्जैन में 5 हजार 236 व ग्वालियर में 5 हजार 76 मामले दर्ज किए गए हैं।

अपराध में इजाफा नहीं, महिलाएं जागरूक हो रहीं

महिलाओं के प्रति अपराध की संख्या लगातार बढ़ने की बात नकारते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वास्तविकता यह है कि निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जाने से महिला वर्ग जागृत हो रहा है। परिणाम स्वरूप महिलाएं अत्याचार एवं अपराधों से भय मुक्त होकर सूचनाएं दे रहीं हैं। इनका पंजीयन सुनिश्चित किया जा रहा है।

दुष्कृत्य की सबसे ज्यादा घटनाएं भोपाल में

दुष्कृत्य की सबसे ज्यादा घटनाएं भोपाल में घटी हैं। 1 जनवरी से 20 जून 2017 के बीच प्रदेश में दुष्कृत्य की 2278 व सामूहिक दुष्कृत्य की 131 घटनाएं हुईं। इस दौरान भोपाल में सर्वाधिक 141 दुष्कृत्य व 5 सामूहिक दुष्कृत्य के मामले दर्ज हुए हैं। यह जानकारी विजयपुर (श्योपुर) विधायक रामनिवास रावत के सवाल पर सामने आई।

जिला दुष्कृत्य सामूहिक दुष्कृत्य

छिंदवाड़ा 11801

इंदौर99 02

धार 8900

ग्वालियर 8810

खरगौन 84 01

जबलपुर 81 04

उज्जैन 59 01

आत्महत्या के 4408 मामले

प्रदेश में 1 फरवरी से 22 जून 2017 के बीच आत्महत्या की 4408 घटनाएं घटित हुईं। जानकारी देते हुए गृहमंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों की आत्महत्याओं को रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल के हेल्पलाइन नंबर को डायल 100 से जोड़ रहे हैं।

आदिवासी बाहुल्य जिलों में कम अपराध

एक तथ्य यह भी सामने आया है कि पिछड़े व आदिवासी बाहुल्य जिलों में महिलाओं के प्रति अपराध की संख्या महानगरों की तुलना मंे बहुत कम है। अलीराजपुर में इसी अवधि के दौरान केवल 351 तो श्योपुर में 629 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं चंबल संभाग के मुरैना जिले में 2 हजार 764 व भिंड में 2 हजार 363 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। यहां दर्ज प्रकरणों की संख्या आदिवासी बाहुल्य जिलों से तो अधिक है, लेकिन अन्य बड़े नगरों की तुलना में चौथाई है।