UP- एम्बुलेंस न मिलने पर जीआरपी के कॉन्स्टेबल रिक्शे पर लाद ले गए डैडबॉडी…..

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बांदा.उतरप्रदेश के बाँदा में फिर एक बार मानवता शर्मसार हो गयी | एंबुलेंस न मिलने पर जीआरपी के कॉन्स्टेबल यहां एक शख्स की बॉडी रिक्शे पर लादकर पोस्टमॉर्टम के लिए ले गए। उत्तर प्रदेश में इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले महीने मिर्जापुर में एक भाई को अपनी शादीशुदा बहन को कंधे पर रखकर हॉस्पिटल ले जाना पड़ा था। वहीं, कौशांबी में एक शख्स को अपनी सात महीने की भांजी की बाॅडी कंधे पर रखकर 10 किलोमीटर का रास्ता साइकिल से तय करना पड़ा था।
 गांव से नहीं पहुंच पाए थे परिवार वाले…
– बांदा स्टेशन पर शनिवार शाम एक शख्स की बॉडी मिली। खबर मिलते ही जीआरपी के कॉन्स्टेबल मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने मृतक की पहचान रामश्रे के तौर पर की। उसकी उम्र 35 साल थी। वह यहां से 15 किलोमीटर दूर स्थित महोत्रा गांव का रहने वाला था।
– पुलिस ने सबसे पहले इसकी इन्फॉर्मेशन रामश्रे के परिवार वालों को दी। फिर उन्होंने 108 एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन वहां से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। इसके बाद मुक्तिधाम एनजीओ से एंबुलेंस मांगी गई, लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली।
– बाद में जीआरपी के कॉन्स्टेबल बॉडी को रिक्शे पर रखकर पोस्टमार्टम के लिए ले गए। जीआरपी के दो कॉन्स्टेबल इसके पीछे दूसरे रिक्शे से चल रही थे।
मिर्जापुर में भाई के कंधे पर बहन ने तोड़ा था दम
– उत्तर प्रदेश के ही मिर्जापुर में 28 जून को 108 एंबुलेंस नहीं मिलने पर एक भाई अपनी शादीशुदा बहन को कंधे पर लादकर अस्पताल के लिए निकल पड़ा था, लेकिन रास्ते में बहन की मौत हो गई।
– उसके परिवार वालों का आरोप था कि उन्होंने एंबुलेंस की मांग की थी, लेकिन वह एक घंटे तक नहीं पहुंची। बहन को तड़पता देख भाई उसे कंधे पर उठाकर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के लिए निकल पड़ा। वह करीब200 मीटर ही गया था कि बहन ने उसके कंधे पर ही दम तोड़ दिया।
– बहन की मौत के बाद रोता-बिलखता भाई अपनी बहन की लाश को कंधे पर ही लादकर घर पहुंचा था।