सीहोर-CM मामा शिवराज सिंह के गृह जिले में हल में जुटी भांजियां, जोत रही हे खेत…….

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सीहोर। किसान हितेषी सरकार होने के लाख दावे भाजपा सरकार करे किन्तु हकीकत सामने आ ही जाती हे.राज्य  में किसानों की समस्या किसी न किसी रूप में सरकार के सामने चुनौतियां बनकर खड़ी हैं। ताजा मामला मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में एक मजबूर पिता ने अपने जिगर के टुकड़ों को इसलिए हल में जोत दिया। क्योकि उसके पास गरीबी के चलते खेतों में खरीफ फसल की निंदाई के लिए न तो बैल थे और न ही ट्रैक्टर था। किसान का कहना है कि सरकार उनकी कोई मदद करती न ही ऐसे में उनके पास अपना पेट पालने के लिये कोई और चारा नहीं है
हम बात कर रहे हैं मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के सीहोर जिले के गांव वसन्तपुर पंगारी के टांडी टप्पर की जहां कृषक सरदार बारेला ने तीन एकड़ जमीन को कुलपने के लिए बैलों की जगह अपनी 14 वर्षीय पुत्री राधिका तथा 11 वर्षीय कुंती को हल में जोत दिया। पिता ने बताया की गरीबी के चलते उसके पास इतनी व्यवस्था नहीं है कि वह बैलों की व्यवस्था कर सके। इसलिए मैंने खेत हाकने के लिए बच्चियों को जोत दिया। राधिका और कुन्ती पिता की आर्थिक तंगी के चलते काम में हाथ बटाने के लिए पहले ही पढ़ाई छोड़ चुकी है। मां चम्पा बाई ने बताया की चार लडक़ी और दो लडक़े है और तीन एकड़ जमीन जिससे सिर्फ बरसात के समय ही फसल आती बाकी समय में हमारा पूरा परिवार दूसरों के यहां दिहाड़ी कर पैट पालते हैं।