कर्ज से परेशान चार किसानों ने की आत्महत्या

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भोपाल। प्रदेश में कर्ज से परेशान किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थम नहीं रहा है। आज कर्ज से परेशान 4 और किसानों ने अपनी जान दे दी। आज विदिशा, धार, बड़वानी और मंदसौर जिले में किसान ने आत्महत्या की।

धार : 4 लाख रुपए था कर्ज

बदनावर (धार)। ग्राम छोकलां में कर्ज से परेशान किसान मदनलाल (45) पिता गोरधनलाल ने मंगलवार दोपहर आत्महत्या कर ली। उसने अपने घर से कुछ ही दूर स्थित खेत पर जाकर जहर खा लिया। पुत्र मनोज के अनुसार पिता ने दो-तीन बैंकों से कर्ज लिया था, जिसे चुका नहीं पा रहे थे।

इसके अलावा गांव में भी कुछ लोगों से रुपए उधार लिए थे। करीब 4 लाख रुपए कर्ज बताया जा रहा है। फसलें पनप नहीं रही थीं। दोबारा बोवनी के लिए बीज व्यवस्था की चिंता भी थी। इससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। कानवन पुलिस ने कहा कि कर्ज से आत्महत्या किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

बड़वानी : 43 हजार का था कर्ज

सेंधवा (बड़वानी)। ग्राम जोगवाड़ा के बयड़ी फलिया के किसान वेचान (42) पिता बालजी का शव बुइवार सुबह फांसी पर लटका मिला। भाई कुमा ने बताया कि वेचान पर सोसायटी व क्रॉप लोन बकाया था। उसकी दो एकड़ में से एक एकड़ जमीन गिरवी रखी थी।

बैंक, निजी फाइनेंस व बाजार का 10 लाख स्र्पए कर्ज

जावद (नीमच)। कर्ज से परेशान ढरोपा (मोड़ी के समीप) निवासी किसान प्रेमचंद पिता प्रभुलाल बावरी (50) ने कीटनाशक पी लिया। उसका उदयपुर में उपचार किया जा रहा है। प्रेमचंद के पास 7 बीघा खेती है। उसने बैंक से करीब 2.5 लाख स्र्पए लोन ले रखा है। निजी फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर भी फाइनेंस कराया था। ट्रैक्टर की किस्त नहीं चुकाने से करीब एक माह से फाइनेंसर व कर्मचारी परेशान कर रहे थे।

इसी बात से तंग आकर मंगलवार देर शाम घर पर प्रेमचंद ने कीटनाशक पी लिया। परिजन इलाज के लिए सिविल अस्पताल जावद लेकर पहुंचे, जहां रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार बैंक, निजी फाइनेंस व बाजार का करीब 10 लाख स्र्पए कर्ज है। जावद टीआई दीपक खत्री ने किसान के कीटनाशक पीने की घटना की जानकारी होने से इंकार किया है।

कर्ज के बोझ से परेशान किसान ने चूहामार दवा खाकर की आत्महत्या

विदिशा। जिले की विदिशा तहसील के ग्राम नीमखेड़ा के रहने वाले एक किसान शिवनारायण अग्रवाल ने कर्ज से परेशान होकर मंगलवार की रात को चूहामार दवा खा ली। बुधवार की सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किसान की मौत हो गई। मृतक की पत्नी रेखाबाई अग्रवाल ने साहूकारों पर कर्ज की वसूली के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। मृतक किसान पर करीब ढाई लाख स्र्पए का कर्ज था।

मृतक शिवनारायण की पत्नी रेखाबाई ने बताया कि उनके पति ग्राम नीमखेड़ा में ससुराल में रहते थे। जहां पर सास के नाम की चार बीघा जमीन है। उसी जमीन पर खेती करते थे और आसपास की जमीन कोली पर ले लेते थे। लेकिन खेती में लगातार घाटा हो रहा था। इससे उबरने के लिए वह फल का ठेला भी लगाते थे। खेती और घर खर्च के लिए वह समय-समय पर बैंक, समूह और साहूकारों से कर्ज लेते रहे। इधर खेती धोखा देती रही। जिसके चलते करीब ढाई लाख स्र्पए कर्ज हो गया था। पिछले कुछ दिनों से साहूकार कर्ज वसूली के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। जिसके चलते तीन माह पहले वह गांव छोड़कर विदिशा के राघवजी कालोनी में किराए के मकान में रहने लगे थे। लेकिन यहां भी साहूकारों ने पीछा नहीं छोड़ा। बार-बार के तकादों से तंग आकर मंगलवार की शाम को उन्होंने चूहा मार पावडर खा लिया। यह बात उन्होंने किसी को नहीं बताई। तबीयत बिगड़ने पर रात को 12 बजे उन्हें जिला अस्पताल लाया गया जहां इलाज किया गया। इलाज के बाद वे ठीक हो गए तो उन्हें घर वापस ले गए। बुधवार की सुबह से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। तब उन्हें पता चला कि उन्होंने चूहा मार पावडर खा लिया था। सुबह उन्हें अस्पताल लाए जहां इलाज श्ाुरू होने से पहले ही उन्होंने दम ताेड दिया।

माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का था अधिक कर्ज

मृतक किसान के बेटे सौरभ ने बताया कि उनके घर में कभी किसी बात को लेकर विवाद नहीं होता था। लेकिन कर्ज के तले दबे होने के कारण वह परेशान थे। गुरूवार को भी किसी साहूकार को 5 हजार स्र्पए देना था, लेकिन स्र्पयों की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। सौरभ के मुताबिक एचडीएफसी बैंक के 20 हजार स्र्पए, सेटिन माइक्रोफाइनेंस के 20 हजार, जनलक्ष्मी माइक्रोफाइनेंस के 40 हजार, अन्न्पूर्णा माइक्रोफाइनेंस के 20 हजार सहित कुछ अन्य स्थानीय लोगों से कर्ज ले रखा था।

किसान की मौत से प्रशासन अनजान

सुबह किसान की मौत होने के बाद भी शाम तक जिला प्रशासन इस जानकारी से अनजान था। एसडीएम आरपी अहिरवार का कहना था कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। वहीं तहसीलदार संतोष बिटोलिया ने कहा कि उन्हें अस्पताल से किसी किसान की मौत की सूचना नहीं मिली। दोनों अधिकारियों ने किसान की मौत की जांच कराने की बात कही है। इधर कोतवाली थाने के एएसआई आरजी साहू ने कहा कि मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

किसान ने खेत की मेड़ पर फांसी लगाकर की आत्महत्या

मंदसौर। जिले की शामगढ़ तहसील के ग्राम बर्डियापुना मैं कर्ज से परेशान किसान भगवानलाल पिता नाथू जी मेघवाल (65 ) ने अपने खेत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची शव का पीएम कराया।मृतक की पत्नी गीता बाई ने बताया कि खेत में बोने के लिए बीज तक के रुपए भी नहीं थे इस से वह परेशान रहते थे। जिसके चलते उन्होंने खेत में मेड़ पर लगे पेड़ पर रस्सी बांधकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।