👉शिवपुरी के लिये इस साल की सबसे खास खबर,1जनवरी को पूरे 100 साल की हो जायेगी “शिवपुरी..”!यह है इस नगरी का शताब्दी वर्ष…!दुर्लभ चित्रो,दस्ताबेजों के साथ देखिये,इस नगरी के नामकरण की एतिहासिक कहानी…! 👉ज्योतिष के आधार पर “शिवपुरी”के लिये कैसा होगा नया साल..? क्या होंगे उलटफेर…? विगत कई वर्षों के अचूक वर्षफल की तरह इस खास वर्ष पर भी पढिये मशहूर ज्योतिषाचार्य प.विकास दीप शर्मा की खगोलीय गणना..!जानिये,वर्षफल के अनुसार इस साल क्या होने बाला है शिवपुरी में कुछ खास,वर्षफल पर ज्योतिष का एक बड़ा अनुसंधान…! 👉 शिवपुरी के शताब्दी वर्ष पर “खबर आजकल डॉट कॉम”पर खास खबर…!!

770

*खास_खबर – 100 साल की हुई #शिवपुरी…! आओ मनाये” शिवपुरी”का शताब्दी वर्ष….!!*👍

नये_साल का जश्न मनाने बालो के लिये एक ओर खुशखबरी,1 जनवरी को हमारी प्यारी शिवपुरी पूरे 100 साल की हो रही है..!जी हां,यह वर्ष इस नगरी का शताब्दी वर्ष है..!
*ऐतिहासिक जानकारियां संकलित करने की लालसा सदैव से रही है विशेष :– उपरोक्त लेख कोई भविष्यवाणी नही केवल गौचर ग्रहो की चाल ओर कुंडली की दशाओ के आधार पर एक प्रयास है | जिसके द्वारा हम शुभ अशुभ समय को ज्ञात करके समय की चाल को देखकर चलने का प्रयास करते है | चलते दशक भर पूर्व मेरे द्वारा सिंधिया स्टेट के वो दस्तावेज खोजे गये जिनके आधार पर फॉरेन डिपार्टमेंट हुजूर साहब दरवार से बाकायदा गजट नोटिफिकेशन के द्वारा 5 अक्टूबर1919 में आदेश पारित किया गया था कि इस नगरी का नाम आम बोलचाल व लिखित रूप से “शिवपुरी”लिखा व पढ़ा जावे।(इससे पूर्व कभी सियापुरी,कभी सीपरी तो कभी कुछ होकर निरन्तर परिवर्तित होता रहा)
*इन्ही दस्तावेजो के सहारे मेने अपनी खोज को विस्तार दिया और सम्पूर्ण जानकारी के साथ खबरे प्रकाशित की।*

जब जन्मतिथि हासिल कर ली तो स्वाभाविक था कि उत्सुकता यह भी होती कि हमारी शिवपुरी के आने बाले वर्ष के भविष्यफल का नया कलेंडर क्या कह रहा है।*
*इस कार्य मे मेरा साथ दिया मेरे मित्र-भाई प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प.विकासदीप जी ने जिन्होंने प्रतिवर्ष अपने अंकगणित के आधार पर शिवपुरी का अचूक भविष्यफल तैयार किया ।उनकी गणना के अनुसार सामाजिक,राजनीतिक,भौतिक,आकस्मिक परिवर्तन हुये भी ओर अच्छे-बुरे हालात निर्मित हुये भी…!*
*अनवरत जारी इसी क्रम में अत्यधिक हर्ष है कि आज मेरी वह खोज परवान चढ़ी ओर हमारी प्यारी-हमारी न्यारी शिवपुरी आज 100 वर्ष की हो गयी।तो है न अवसर एक शानदार जश्न मनाने…!खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ शिवपुरी को ओर खूबसूरत बनाने के लिये सामूहिक प्रयासों के लिये दृढ़ संकल्पित होने का…!*
*आइये,हम सब मिलकर जश्न मनाये अपनी प्यारी नगरी के शताब्दी वर्ष का,करे भागीदारी हमारे “आओ सवारे अपनी शिवपुरी “अभियान में….!*

बृजेश सिंह तोमर
*संपादक-*

Www.khabaraajkal.com

कभी “शियापुरी”कभी “सीपरी”कभी शिवपुरी तो कभी कुछ और…..! जैसे-जैसे समय बदलता रहा वैसे- वैसे शिव की पावन नगरी शिवपुरी का नाम समय-समय पर परिवर्तित होता रहा।यदि मुगलों के समय में “सियापुरी” रहा तो किसी अन्य युग में “सीपरी” हो गया।लेकिन सिंधीया राजवंश ने वर्ष 5 अक्टूबर1919 को जारी किये एक गजट नोटिफिकेशन के द्वारा यकुम जनवरी अर्थात 1 जनवरी 1920 से इस प्यारी सी नगरी का नाम” शिवपुरी “घोषित किया गया था और तब से आज तक यह खूबसूरत नगरी 99 साल की हो गयी है।कुछ वर्षों पूर्व मिले गजट नोटिफिकेशन के दस्तावेजों में आधार पर इसकी खोज की गई और आज यह खूबसूरत नगरी अपने नाम के आधार पर 99 वसंत देख चुकी है ।समय दर समय कभी इस नगरी का उत्थान हुआ तो कभी विनाश के कगार पर भी रही किंतु यह बात भी सच है कि विकास से पहले विनाश भी एक अनवरत प्रक्रिया रही है सो अब फिर यह नगरी उन्माद की ओर अग्रसर है।

नव वर्ष 2020 रहेगा शिवपुरी का शताब्दी वर्ष

प.डॉ विकास दीप शर्मा ज्योतिषचार्या श्री मंशापूर्ण पुजारी के अनुसार शिवपुरी का जन्म 1919 मे जारी नोटिफिकेसन के अनुसार 01 जनबरी 1920 को सीपरी का पुराना नाम बदलकर नया नाम शिवपुरी रखा गया | जो बाद मे यहा का स्थायी नाम हो गया | नया साल, नई खुशियां, नए सपने, नए अरमान और नए संकल्प लेकर आता है। कैसा रहेगा वर्ष 2019 शिवपुरी के विकास के लिए , यह देखने के लिए हम निरंतर प्रयास मे रहते है | शिवपुरी की जन्म कुंडली मे उच्च का गुरु है ओर सूर्य की दशम भाव पर पूर्ण द्रष्टि है | पराकर्म भाव के राहू शुक्र — बुध के साथ होने से यहा धर्म कार्यो से लाभ होगा |शुक्र बुध के प्रभाव से पर्यटक छेत्र से शिवपुरी का नाम देश में विख्यात है | शुक्र कला कारक है और बुध के प्रभाव से हरियाली और प्राकर्तिक सौंदर्य , विस्तार को बढावा देगा | धर्म नगरी भी कही जा सकती है | शिवपुरी की कुंडली में चतुर्थ भाव में सूर्य के प्रभाव से राजाओ का वर्चस्व रहेगा ओर राजाओ द्वारा ही विकास की धारा भी राजा के द्वारा हमेशा रहेगी | एकादश भाव में उच्च का गुरु के प्रभाव शिवपुरी में धर्म छेत्र के विस्तार से ही शहर का विकास होगा | शिवपुरी को धर्म की पूरी भी कह सकते है | एकादश गुरु के प्रभाव से सज्जनों और श्रेष्ठ व्यक्तियों की संगति करने वाले व्यक्ति हैं। राजा या सरकार के द्वारा सम्मान और लाभ मिलेगा। श्रीमान और राज कुलीन लोगों से शहर की उन्नति होगी।राजा द्वारा शहर की आशाओं और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने मे आपकी सहायता करेंगे। अच्छे गुणी लोगो की सलाह कार्य उत्तम और फायदेमंद रहेगी राजा द्वारा किए गए उत्तम कार्यों से समाज मे उनका नाम होगा और श्रेष्ठता भी बढेगी। अर्थलाभ और धन की प्राप्ति होगी। शिवपुरी एक धन धान्य से पूर्ण भाग्यवान शहर हैं। आमदनी के कई श्रोत बनेंगे | जनता कारक चतुर्थ भाव का स्वामी चन्द्र केतु के साथ होने से जनता का मन पल पल बदलता रहेगा | शिवपुरी की कुंडली में लग गत मंगल के प्रभाव से शहर के आकर्षण में कुछ कमी आ जाती है । पराक्रम की बृद्धि होती है, मगर भौतिक सुखों का अभाव बना रहता| बुध राहु का प्रभाव व्यवसाय के छेत्र में भी कठिनाइयां आती हैं शहर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संघर्षों का मुकाबला करता हुआ बढ़ता है ।

कैसा रहेगा वर्ष 2020….

ग्रहो का गौचर वर्ष २०२० में शनि गुरु और राहु केतु 4 बड़े ग्रहो का राशि परिवर्तन केवल शिवपुरी में ही नही पूरे भारत और अन्य देशों में भी इन ग्रहों की चाल का प्रभाव परिवर्तन के रूप में देखने को मिलेगा ।इस वर्ष ग्रहों का मंत्री मंडल बुध देव राजा रहेंगे ओर ग्रह मंत्री पद चंद्र देव है। जैसे देश को चलाने को सरकार का मंत्री मंडल होता है दीक उसी तरह हर वर्ष शास्त्र में विश्व को चलाने मंत्रिमंडल तय होता है ।इस वर्ष ग्रहों का प्रधानमंत्री बुध देव है जो राजा होकर शिवपुरी की कुंडली में 19-10-2019 से बुध की महदशा भी लगी है यह एक संजोग है कि ग्रहों के वर्ष का राजा ओर शिवपुरी की कुंडली की महदशा भी बुध की होने से शहर में मंगल योग बनेगा ओर जनता को सुख के नवीन साधन प्राप्त होंगे । धन प्राप्ति ओर रोज़गार के नवीन साधन मिलेंगे । बुध के राजा होने से धर्म अध्यात्म का विस्तार होता है लेकिन राजनीति में संतोषजनक परिणाम नहि आते । बुधदेव पर्यावरण के स्वामी होने से धन धन्य की आवक किसानो को 2014 जैसी ही 2020 में प्राप्त होगी ओर यही योग 2022 में पुन बनेगा। ।

2020 में ग्रह मंत्री ओर रक्षा मंत्री चंद्र देव होने से ओर शिवपुरी के एकादश भाव के स्वामी है जो धन आने का योग इक्षा पूर्ति भाव होने से फसल के उत्पादन में लाभ दर्शा रहे है । वर्ष 2020 में वर्षा का योग भी उत्तम बनेगा । शासन द्वारा पोलिस प्रशासन की ओर से जनता को सहयोगी कार्य शैली द्वारा सुरक्षा प्राप्त होगी । पोलिस ओर जनता के बीच एक मित्रता का सम्बंध बनेगा जो एक नयी पहल के रूप में देखने को मिलेगी । चंद्र देव रक्षामंत्री होने से समूचित शासन व्यवस्था उचित रहेगी ।गुरु होंगे वित्त मंत्री जो शिवपुरी की कुंडली में उच्च राशि के होने से इस वर्ष धर्म के छेत्र में विस्तार ओर नवीन योजना आएँगी। रोज़गार के साधन बनेंगे । व्यापारी वर्ग को लाभ होगा । लेकिन शिवपुरी की कुंडली में चतुर्थ भाव का स्वामी भी होने से सम्पत्ति की हानि भी देगा। ।रसेश मंत्री शनिदेव होने से खाध पदार्थों की हानि देखने को मिल सकती है । जैसे कही अधिक पानी से खंड होने से खाध पदार्थों का नुक़सान होगा तो कही सूखा होने से रस्युक्त पदर्थ समाप्त होंगे । रसीली वस्तुओंके दाम बड़ेंगे जैसे दूध , दहीबृहस्पति 05 11 2019 से 30 मार्च 2020 की सुबह तक धनु राशि में गोचर करेगा और इसके बाद 30 मार्च 2020 से 30 जून2020 तक गुरु मकर नीच राशि में रहेगा। फिर बाद में 30 जून2020 को धनु राशि में फिर से प्रस्थान करेगा। गौरतलब है की गुरु 20 नवंबर 2020 को फिर से मकर राशि में गोचर करेगा और साल के अंत तक इसी राशि में स्थित रहेगा। साल 2020 में गुरु गोचर का शिवपुरी की कुंडली के अनुसार क्या प्रभाव पड़ेगा।

डॉ विकास दीप के अनुसार शिवपुरी की जन्म राशि मेष राशि है और कुंडली मे भी गुरु उच्च का एकादश भाव मे है । मेष राशि के नौवें और बारहवें भाव का स्वामी है। यदि साल 2020 की बात करें तो गुरु नवम ओर दशम भाव में विराजमान रहेंगे |गुरु की कृपा से इस वर्ष बहुत नवीन कार्य, रचनात्मक और धार्मिक कार्यो की वृद्धि का वर्ष है । सुख भाव का स्वामी होने से जो जनता और संपत्ति दोनो से जुड़ा भाव होने से 30 मार्च2020 से जब गुरु नीच राशि मे प्रवेश करेंगे तो शहर में जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वाहन ओर अपने भवन संबंधी कोई न कोई समस्या जरूर आएगी । वर्ष 2020 में गुरु के प्रभाव से आध्यात्म के प्रति लोगो का लगाव रहेगा। धार्मिक स्थलो की उन्नति और उनके संरक्षण पर विशेष विचार होगा । साल के अंत में आर्थिक स्थिति मजबूत वर्ष 2020 साल आर्थिक स्थिति में सुधार होगी। चतुर्थ भाव का स्वामी गुरु इस वर्ष अपनी नीच राशि मे होने से जनता के लोगो को आने सुख में बाधक रहेगा । जो वाहन चलाते है 2020 में सावधानी बरतें अन्यथा दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। गुरु शिबपुरी की कुंडली मे मेष राशि और राशि से दशम भाव का स्वामी शनि ग्रह का गोचर 24 जनवरी 2020 यानी शुक्रवार के दिन रात को 12 बजकर 10 मिनिट पर धनु राशि से मकर राशि मे हो रहा है शनि की यह अपनी ही राशि है । इसके बाद वर्ष 2022 में शनि (शुक्रवार) दिनांक 29 अप्रैल 2022 को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। साथ ही साल 2025 में शनि, शनिवार दिनांक 29 मार्च 2025 को रात 11 बजकर 02मिनट पर कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि को न्यायधीश की उपाधि दी गई है। जब भी शनि का राशि परिवर्तन होता है तो प्रकृति के साथ- साथ मानव जीवन पर भी इसका अत्याधिक प्रभाव देखने को मिलता है पं डॉ विकासदीप ने बताया कि शनि २०२० में मध्यम वर्ग, मजदूर वर्ग का भी कारक माना जाता है। शनि के राशि परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव शुरू हो जाएगा तो कुछ को इन सब चीजों से राहत मिलेगी ।

शिवपुरी की कुंडली पर चल रही 19 वर्ष की शनि महादशा समाप्त हो गयी है , जो 18 10 2000 से 19 10 2019 तक शिवपुरी की कुंडली पर चल रही थी वर्तमान में 18-10-2019 से 19-10 2036 तक अब बुध की महदशा रहेगी जो लगन के स्वामी की दशा है । जो शिवपुरी को अब एक नए मोड़ नयी दिशा ओर एक नए रोज़गार के आयाम प्रदान करेगी । शिवपुरी की कन्या लग्न का जन्म है और लग्नेश ओर कर्मेश दोनो बुध है । और 19 अक्टूबर 2019 से अगले 17 वर्ष के लिए महादशा भी बुध की है । लग्न का स्वामी बुध पराक्रम भाव मे होने से शिवपुरी के लिए लाएगी आशा की किरण ।। बुध सौंदर्य , हरियाली , विकास और उन्नति का कारक होकर व्यापार का स्वामी भी है । शिवपुरी के लिए व्यापार रोजगार के कोई न कोई नवीन साधन निर्मित होंगे । व्यापारी वर्ग को लाभ देगा । लग्न का स्वामी बुध और बुध की महादशा शिवपुरी का नाम और यश बडेगा ।शनि का गौचर 24 01 2020 से 29 04 2020 तक चंद्र से दशम भाव मे शनि का गौचर होगा:– यह समय मानशिक संताप कष्ट, आर्थिक हानि देता है । रोजगार से जुड़ी समस्या आती है । यह समय अनेक कठिनाई ओर परेशानी देगा। शासन और प्रजा के बीच मतभेद की स्थिति बनेगी ।कृषि छेत्र में हानि नुकसान देगा । व्यापारी वर्ग को कष्ट झेलना पड़ेगा । केंद्र सरकार से धन लाभ योजना के योग भी बनाता है । राष्ट्रीय एकता ,लक्ष्य ओर नीतिओ से जुड़े कार्य होंगे। शासन से जुड़े लोगों का प्रभाव और अधिकार बढेगा।मंगल देव का गौचर 4 मई 2020 से 18 जून 2020 तक मंगल रहेगा चन्द्र से एकादश भाव मे :– यह समय सरकार का नीतियों में परिवर्तन राजस्व मुद्राओ में परिवर्तन , शासन की आय की वृद्धि होगी । पर्यटन आवास ओर जुआ से धन लाभ होगा । प्रतियोगी से जुड़े छेत्र में , अग्नि पुलिस सेना से जुड़े छेत्र में मंगल लाभ देगा। दुर्घटना , चोरी ओर अग्नि जन्य परेशानी भी देगा । क्रोध और आवेश पर नियंत्रण रखें ।

बुध का गौचर 31 जनवरी 2020 से 7 अप्रैल 2020 तक बुध का गौचर एकादश भाव में रहेगा:– इस दशा काल मे संचार व्यवस्था में सुधार, खेल कूंद , नृत्य, हस्त लिपिक कलाओं से जुड़े कार्य होंगे । लेखन , पत्रकार, न्याय से जुड़े छेत्र के लोगो को सम्मान और लाभ होगा। पर्यटन और मनोरंजन से जुड़े छेत्रो में उन्नति के योग बनेंगे ।।

शुक्र करेगा शहर में सुंदरता का विकास …..

15 जुलाई 2020 से 19 10 2020 तक:– पराक्रम भाव मे शुक्र सुंदरता और सज्जा का कारक रहेगा । लेकिन इस दशाकाल में प्रिय ओर अप्रिय दोनो घटना देखने को मिलेगी। समाज के प्रतिष्ठित लोगो को सम्मान भी प्राप्त होगा। खेती में रसीली वस्तुओं में तेजी आएगी या हानि हो सकती है । यौन अपराधों का प्रभाव इस दशा काल मे देखने को मिल सकता है ।राहु देव बदलेंगे अपनी राशि राजनीति दिखेगा परिवर्तन :— 23 सितंबर 2020 से राहु देव उच्च राशि मे आकर वृद्धि भाव मे आएंगे जो शोध अनुसंधान से जुड़े लोगों को सफलता देगा अन्तरिक्ष से जुड़े कार्य सफल होंगे , संक्रमण के रोग, आडंबर युक्त लोगो का प्रभाव, रोगों में वृद्धि, जादू टोना वाले लोग प्रभावित होंगे, चोरी, डकैती, हिंसा की घटनाओं का एकदम से प्रभाव बढेगा। राजनीतिक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा । सत्ता धारी लोगो मे मतभेद ओर द्वेष आएंगे।शिवपुरी मे मृत्यु दर अधिक का कारण अष्टम चंद्रमा :– शिवपुरी की कुंडली में अष्टम चंद्रमा होने से सामान्य रूप से जनता की मृत्यु दर अधिक रहेगी । मरने वालों में महिलाओं की संख्या औसतन अधिक होती है । कफ ,स्वांस , सर्दी जुखाम , जल में डूबना, दूषित जल के पीने से , मिर्गी, पागलपन, फेफड़े के रोग , हृदय रोग , समय पर रोगोपचार न मिलना और महिलाओं को संतान उत्पत्ति के समय मृत्यु की घटना अधिक होती है । अष्टम चंद्र के दुष्प्रभाव शिवपुरी को अधिक देखने को मिलेंगे ।

जल योजना का विकास :–

केतु का नवम स्थान में होने से जल परिवहन , सरकारी योजना में नगरपालिका की उलझने अभी बढ़ेंगी । नवम केतु अहंकार ओर दंभ के कारण योजनाओं के पूर्ण होने में बाधा रहेगी । कभी न्यायपालिका का अड़ियल रुख प्रजा को परेशानी देगा । लेकिन 2020 के अंत तक इस जल योजना को पूर्ण करने में सफलता भी प्राप्त हो जायेगी ।।

बुध की महादशा लायेगी शिवपुरी में सुंदरता का विकास :—

शिवपुरी की कुंडली मे बुध की महादशा के प्रभाव से सड़क परिवहन और संचार के साधनों में वृद्धि होगी । यहां लेखन और साहित्यकार से जुड़े लोगों को दूर दूर तक प्रसिद्धि मिलेगी । शुक्र बुध कलात्मक छेत्र में ओर पर्यटन से जुड़े कार्य, नवीन योजनाओं की वृद्धि होगी । राहु के प्रभाव से तकनीकी ओर प्रोधोगिकी के छेत्र में एक नया प्रयास सामने आएगा ।। चतुर्थ भाव मे सूर्य कृषि और उत्खननों से जुड़े कार्यो से आजीविका लोगो को मिलती रहेगी । उपचुनाव में सत्तापक्ष की पराजय योग बनाती है । विपक्ष की भूमिका सत्ता पक्ष को हानि देती रहती है ।

शिवपुरी मे विद्यार्थियों को लाभ के अवसर :-

शिवपुरी की कुंडली मे उच्च का गुरु एकादस भाव मे होने से शुभ फलकारी है । प्रजा के हित मे कानून बनेगा । वाणिज्य ओर व्यापार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा । धार्मिक छेत्र से जुड़े न्यायिक प्रकरण सफल होंगे । शिवपुरी से जुड़े विद्यार्थियों को ज्यूडिशियल न्यायिक छेत्र, शिक्षा पटवारी ओर मेडिकल इत्यादि में सफलता जल्दी प्राप्त होगी । शासन की योजनाओं का लाभ भी मिलेगा । नगरपालिका में नवीन परिवर्तन 2020 में देखने को मिलेगा ।।

शिवपुरी मे नशा ओर चोरी का प्रभाव मंगल की देन :— शिवपुरी की कुंडली मे द्वादश भाव का मंगल होने से अपराधी तत्व अधिक होते है । हिंसा , चोरी , नशा , विस्फोटक आगजनी जैसी समस्याओं से लोग पीड़ित रहेंगे । कारागृह में भी अपराध जैसी घटना बढ़ती है । लोग कानून का नियम से पालन नही करते । मंगल को अहम ओर ताकत का देवता होने से धनी लोग अपने प्रभाव से नियमो का उलंघन करते है ।

प्रमादी संवत्सर में सभी फसलें अच्छी होती है रसीली वस्तुओं के मूल्य में वृद्धि होती है । कभी नेताओ में अकर्मण्यता या प्रमाद से उपद्रव या वर्ग संघर्ष की संभावना बढ़ती है।24 जनवरी 2020 से 07 02 2020 तक शनि मंगल युति आगजनी घटना, आतंक, चोरी और कभी कभी किसी जगह पर भीषण तबाही मचा देते है। । गौचर में सूर्य शनि का योग भी इसी समय काल मे सामाजिक जीवन मे विष घोलता है । परस्पर विरोध , घटनाओं को जन्म देता है ।

ग्रहण योग का प्रभाव राजनीति में देगा उथल पुतल :—

15 अप्रैल से 15 जून 2020 तक रहेगा कालसर्प ओर सूर्य राहु का ग्रहण काल जो प्रजा ओर नेताओ के बीच वाद विवाद , मतभेद ओर जनता में आपसी विचारों को लेकर संघर्ष प्रदान करेगा । सूर्य राजा और प्रजा के बीच तालमेल बिगाड़ेगा । पद और प्रतिष्ठा को लेकर लोग आपस मे झगड़े करेंगे। इसी काल मे चुनाव इत्यादि के अप्रत्याशित परिणाम भी देखने को मिलेंगे । नीच राशि के गुरु और शनि देव की युति होने से किये कर्म के दुष्परिणाम भी देखने को मिलेंगे । समय काफी संघर्ष कारी ओर वैचारिक रूप से मतभेद पैदा करेगा। 29 जून 2020 के बाद समय सामान्य हो जायेगा ।।

नया साल 31 दिसबर को नही हिंदुओ का नव वर्ष २५ मार्च २०२० बुधवार से प्रारंभ होगा । इस बार समवत्सर का नाम प्रमादी है । तथा वर्ष २०७७ है साथ ही श्री शालिवाहन शक सम्वत् १९४२ है । ओर शक का नाम शार्वरी है ।मान्यता है कि चैत्री नवरात्रि के पहले दिन ही आदिशक्ति प्रकट हुईं थी कई जगह इसे गुड़ीपड़वा के नाम से भी जाना जाता है. इस तिथि को काफी पवित्र माना जाता है. कहते हैं युगों में प्रथम सत्ययुग की शुरुआत इसी तिथि से ही होती है

विशेष :– उपरोक्त लेख कोई भविष्यवाणी नही केवल गौचर ग्रहो की चाल ओर कुंडली की दशाओ के आधार पर एक प्रयास है | जिसके द्वारा हम शुभ अशुभ समय को ज्ञात करके समय की चाल को देखकर चलने का प्रयास करते है |

डॉ पं विकास दीप शर्मा

श्री मंशापूर्ण ज्योतिष शिवपुरी 9425137382 , 9993462153