5 नवंबर 2019 को गुरु कर रहे है अपनी राशि परिवर्तन ,होगा बड़ा फेर बदल ..! 30 साल में फिर एक बार बनेगा राजयोग । धर्म और न्याय देवता होंगे एक साथ..। शनि बनाएगा राज योग …!मकर का शनि 2020 से 2025 जीवन मे चार चांद लगाएंगे लेकिन सबको नही बल्कि कुंडली मे शनि के स्थान से मिलेगा फल..। गुरु शनि का योग करेगा अगले 20 वर्षों का समय तय होगा …।*गुरु का राशि परिवर्तन देश के लिए कैसा रहने वाला है…,जानिये..!!धर्म और न्याय के देवता एक साथ होने से राम मंदिर के मुद्दे पर जल्द अच्छा फैंसला… । जानिये, क्या कहता है ज्योतिषाचार्य डॉ *विकासदीप शर्मा श्री मंशापूर्ण ज्योतिष संस्थान शिवपुरी का अंक गणित…!

2138

5 नवंबर 2019 को गुरु कर रहे है अपनी राशि परिवर्तन होगा बड़ा फेर बदल

30 साल में फिर एक बार बनेगा राजयोग । धर्म और न्याय देवता एक साथ होना । शनि बनाएगा राज योग 30 साल बाद एक विशेष योग

4 नवंबर 2019, सोमवार की अर्द्धरात्रि को गुरु राशि परिवर्तन कर वृश्चिक राशि से अपनी स्वराशि धनु में प्रवेश करेंगे. पिछले 1 वर्ष से गुरु वृश्चिक में राशि में स्थित था . गुरु का यह गोचर महिलाओ के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है. स्त्रियों के विवाह में त्रिबल शुद्धि हेतु गुरुबल में गुरु का राशि परिवर्तन विशेष महत्व रखेगा.

शास्त्रानुसार त्रिबल शुद्धि में गुरु के ‘अपूज्य’ स्थिति में होने पर स्त्री जातक का विवाह वर्जित माना गया है, वहीं ‘पूज्य’ स्थानों में होने पर गुरु की शांति के उपरांत ही स्त्री जातक का विवाह करने का निर्देश है जिसे प्रचलित भाषा में ‘पीली पूजा’ कहा जाता है. कुछ विद्वान अत्यंत आवश्यक होने पर देश-काल-परिस्थिति के अनुसार ‘अपूज्य’ स्थानों में होने पर भी ‘पीली पूजा’ अर्थात गुरु का शांति अनुष्ठान कर विवाह करने का परामर्श दे देते हैं.

मकर का शनि 2020 से 2025 जीवन मे चार चांद लगाएंगे ।। लेकिन सबको नही देगा कुंडली मे शनि के स्थान से मिलेगा फल । आप जो चाहते हो शनि वही देगा ।
मेष राशि पर शनि दशम भाव मे शनि विशेष लाभ राजयोग शश योग देगा।
वृष राशि की ढैया हट रहॉ है । 2022 से 2025 तक का समय राजयोग कारक है ।
कर्क राशि को भी राजयोग कारक है । सिंह राशि वालो को मिलेगा राजयोग लाभ कारी समय होगा । तुला राशि को अपार धन जमीन सुख साधन अगर भवन नही है तो लाभ मिलेगा । विशेष समय होगा । बस शनि नीच बुरा या 6 8 12 वे भाव मे ना हो । बृश्चिक को भी सामान्य लाभ देगा।

नबम्बर माह धनु राशि में शुक्र ग्रह का प्रभाव देखने को मिलेगा, जिस कारण इस राशि के जातक अपने सभी प्रकार के भौतिक सुखों का आनंद उठा पाएंगे। यह स्थिति धनु राशि के जातको के लिए बेहद अहम साबित होगी। नवंबर माह का दूसरा मुख्य परिवर्तन मंगल के तुला राशि को प्रभावित करने के साथ ही आरंभ होगा, जिसके साथ ही इस राशि के जातकों के लिए भी इस माह कई तरह के बदलाव आने वाले हैं। इसके साथ ही जहाँ सूर्य देव वृश्चिक राशि में अपना स्थान परिवर्तन करेंगे, तो वहीं गुरु बृहस्पति भी इस माह वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके अलावा वक्री बुध देव भी वृश्चिक राशि से तुला राशि में गोचर करेंगे।

**गुरु शनि का योग करेगा अगले

20 वर्षों का समय तय होगा ।* शनिदेव

24 01 2020 12 : 20 दोपहर राशि बदलेंगे

शनि देव का राशि परिवर्तन होने से बृश्चिक राशि का कष्ट खत्म होने जा रहा। ।शनि का तृतीय भाव शुभ होता है । शनि सूर्य के नक्षत्र में गौचर करेंगे। ।। इस बार शनि केवल राशि परिवर्तन हो रहे है नक्षत्र परिवर्तन अभी नही
बृश्चिक राशि मे तीसरे भाव मे होकर पंचम को देखेंगे । भाग्य मंदा होगा लेकिन एकादश भाव मे दृष्टि शुभ फलकारी है।

गौचर में शनि अपना विशेष असर वक्र 11 05 2020 09 : 39 प्रातः से 29 सितंबर 2020 10 40 प्रातः तक वक्र होंगे।

इस वर्ष नव वर्ष की शुरुबात शनि देव के अस्त होने के साथ रहेगी । 01 01 2020 6 24 प्रातः से 2 :2 :2020 सुबह 9 बजे तक 32 दिन अस्त रहेंगे। शनि यहां बैठता है वहां अपना माया जाल दिखाता है।

शनि और गुरु या योग 2020 में होने वाला है । इस युति का ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व है । 1980 से 1981 सिंह कन्या राशि मे यह योग रहॉ । जून 1999 से जून 2001 तक मेष ओर वृषभ में यह युति बनी।
शनि और गुरु 4 11 2019 को एक साथ युति बनेंगी । 23 01 2020 को यह युति समाप्त होकर पुनः 29 03 2020 को पुनः 30 06 2020 तक यह युति मकर राशि मे बनेगी ।
20 11 2020 से पुनः यह 5 4 2021 तक यह योग रहेगा । 25 12 2020 को इनका पूर्ण योग पावर में रहेगा ।।

19 ओर 20 वर्ष में यह योग होता है । कुंडली मे यह योग कुंडली के जिस भी भाव मे बनेगा वही भाव कुंडली का विशेष भाव हो जाता है। कुंडली का वह भाव अगले 20 वर्ष तक उस भाव पर फोकस रहेगा ।।
डॉ *विकासदीप शर्मा श्री मंशापूर्ण ज्योतिष शिवपुरी 9425137382, 9993462153*

जैसे दशम भाव मे यह भाव होता है तो चतुर्थ भाव भाव पर फोकस बना रहता है । मकर राशि पर शनि है तो कुंडली मे यहां भी मकर राशि है और उसके सप्तम भाव के प्रभाव को बढ़ाएगा । आने वाले समय मे यही भाव आपके आने वाले समय मे विशेष प्रभाव दिखायेगा ।।।
वृषभ कन्या ओर मकर राशि पर 60 वर्षों में यह युति बनी । 1980 से 20 वर्ष तक अभी तक पृथ्वी तत्व की राशि पर जुड़ी सुख सुविधा के साधन बढ़ाये ।। पृथ्वी से जुड़े जितने भी साधन हुए इस दंशा काल मे रहे ।

मेष लग्न मे दशम भाव मे शनि गुरु युति बनेगी । यह कर्म पर फोकस , पिता और व्यापार पर विशेष साथ ही चतुर्थ भाव से जुड़े कार्य वाहन भवन माता संपत्ति से जुड़े कार्यो में लाभ होगा

वृषभ लग्न में नवम भाव पर होने से धर्म तीर्थ यात्रा पर फोकस देगा और सप्तम दृष्टि से परिवार की ओर फोकस साथ ही पराक्रम अच्छा होगा ।

मिथुन लग्न पर अष्टम भाव मे आएगा । जो खराब फल, जीवन की अवधि म्रत्यु कर्ज लेंन देन 20 वर्ष तक बना रहेगा ।

कर्क लग्न में सप्तम भाव मे होने से पति पत्नी आजीविका पद पर फोकस , शारिरिक पीड़ा कष्ट देगा या फोकस देगा । आजीविका पर विशेष ध्यान रहेगा ।

सिंह लग्न के षष्ठ भाव शत्रु कर्ज पीड़ा दायक भाव मे आयेगा । यात्रा में कष्ट होगा । चिंता बनेगी । खर्च अस्पताल पर या बुरे कार्य मे देगा। । 75 खराब है 25 शुभ

कन्या लग्न में पंचम भाव मे आएगा । पंचम संतान सुख कला और नीति कौशल से लाभ ।लाभ स्थान पर दृष्टि लाभ के लिए उत्तम वर्ष होगा

तुला लग्न में चतुर्थ भाव मे शुभ फलकारी है । चतुर्थ से दशम भाव शुभ है । मकान गाड़ी सुख देगा । मनोरथ पूर्ण होंगे।
बृश्चिक में तृतीय भाई और माता पिता की आयु का भाव भी है काम बढेगा । भाग्य में वृद्धि, सुख सम्मान के कार्य होंगे ।

धनु लग्न के लिए द्वितीय भाव मे आ रहे है जो धन का भाव ही है ।फोकस धन बढ़ाने कुटुम्भ में अधिकार बढ़ाने में होगा । खोज संपत्ति का योग बनेगा ।

मकर लग्न में शरीर और आत्म विश्वास बढेगा। शरीर को बल प्राप्त होगा । स्पतम दाम्पत्य ओर पार्टनरशिप पर धयान देगा । अहम का भाव भी लग्न है ।

कुम्भ लग्न में द्वादश भाव मे खर्च यात्रा व्यय कारक है । शत्रु पीड़ा के साथ शत्रु नाश भी होगा । बड़े कार्य व्यपार में पैसा लगेगा ।

मीन में एकादश भाव और पंचम भाव दृष्टि होने से लाभप्रद है
नवंबर माह की गोचरीय स्थिति से संचार माध्यम होंगे प्रभावित

नवम्बर के शुरूआती समय में ही मंगल और वक्री बुध के एक ही राशि तुला में आने से देश भर में संचार माध्यमों का अधिक दुरुपयोग होगा। जिससे देश की छवि को भी नुक्सान पहुंच सकता है। इस गोचर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का लोग अपने फ़ायदे के लिए गलत प्रयोग करेंगे, जिससे तनाव की स्थितियाँ भी बीच-बीच में उभर सकती हैं। इसके साथ ही त्वचा संबंधी रोग भी इस समय लोगों को परेशान करेंगे।

गुरु का राशि परिवर्तन देश के लिए कैसा रहने वाला है 👇🏼👇🏼

इस माह देश की विदेश नीतियों में बड़े परिवर्तन साफ़ देखने को मिलेंगे, लेकिन ये परिवर्तन बेहद सकारात्मक होंगे जिससे विश्व में भारत का स्थान भी मजबूत होगा। धर्म और न्याय के देवता एक साथ होने से राम मंदिर के मुद्दे पर जल्द अच्छा फैंसला ओर धर्मानुसार न्याय संगत रहेगा। ।

इस माह बृहस्पति और शुक्र के धनु राशि में एक साथ युति करने से उच्च पद के अधिकारियों के बीच आपसी बहस जंग बढ़ेगी। राजनीतिक हस्तियों में इस दौरान मतभेद की स्थिति बनी रहेगी। कई छोटे-बड़े क़ानूनी मामलों में कई बदलाव आएँगे जिसमें कोई बड़ा फैसला भी आने की उम्मीद होगी।

सूर्य देव का वृश्चिक में गोचर ।

17 नवंबर 2019, रविवार को सूर्य देव शुक्र की राशि तुला को छोड़कर मंगल की राशि वृश्चिक में गोचर करेंगे, जिससे माह के मध्य में यानि 17 नवंबर को सूर्य का वहां पहले से ही मौजूद शुक्र ग्रह से मेल होगा और इस योग के प्रभाव से देशभर में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे.

नवंबर महीना विशेषकर 7 राशियों के जातकों के लिए बेहद अच्छा रहने वाला है। इन राशियों को इस माह कई बड़ी बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि इस माह 5 मुख्य ग्रहों का गोचर होने से इन राशियों पर इसका बेहद शुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। इस माह कई सुन्दर योग का निर्माण भी होने वाला है। वहीं ज्योतिषीय नज़रिये से देखें तो उसके अनुसार भी ये माह बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, क्योंकि नवंबर के महीने में कई बड़े पर्व पड़ रहे हैं। नवंबर माह में प्रकृति में कई तरह के परिवर्तन भी नज़र आने वाले हैं।

*विकासदीप शर्मा श्री मंशापूर्ण ज्योतिष शिवपुरी 9425137382, 9993462153*