M P / चंबल उफान पर,भिंड और मुरैना जिले के 32 गांव खाली कराए,मालवा-राजस्थान की अति बृष्टि से हालात बेकाबू…!100 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से बर्बादी…

155

  • मुरैना जिले में ही 3 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

मुरैना, भिंड .बारिस के बाद हालात बिषम होते जा रहे है।मालवा और राजस्थान की बारिश के कारण चंबल में आए भयंकर उफान के कारण तीन दिन से मुरैना और भिंड में बाढ़ के हालात हैं। दोनों जिलों के डेढ़ सौ से अधिक गांव पानी से घिरे हैं। मुरैना के सबलगढ़, सरायछौला, जौरा, अंबाह-पोरसा क्षेत्र में तकरीबन 100 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हो गई। अंबाह ब्लॉक के खुडा, महुआ, बिजला, पीपरीपुरा आदि 32 गांवों को मंगलवार को खाली करा लिया गया है। सेना, एनडीआरएफ व पुलिस ने नावों की मदद से 30 गांवों में फंसे 3 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।

वहीं अंबाह-पोरसा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में अभी भी हजारों लोग घरों की छतों, ऊंचे टीलों व टापुओं पर शरण लिए हुए हैं। अंबाह में चंबल की बाढ़ में फंसे एक युवक की डूबने से मौत हो गई। भिंड के अटेर के 42 गांवों में हाईअलर्ट घोषित किया गया है। मंगलवार को मुरैना जिले के विधायकों व अफसरों ने बाढ़ का जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर भी अंबाह क्षेत्र के रतनबसई गांव में पहुंचे। यह हालात मंदसौर-नीमच में तेज बारिश और कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण बने हैं। भिंड मुरैना में तो तीन दिन से बारिश ही नहीं हुई।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने राहत के लिए सीएम कोे लिखा पत्र :भोपाल| मुरैना और श्योपुर जिले के बाढ़ प्रभावितों को राहत दिलाने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि श्योपुर के 33 गांव और मुरैना के 48 गांव के 10 हजार कृषक प्रभावित हैं। इन्हें तत्काल राहत दें