चन्द्रयान 2 -“उम्मीद अभी बांकी है…!!आर्बिटर ने भेजी लेंडर विक्रम की थर्मल तस्वीरे..! संपर्क नही पर कोशिशें जारी…

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Chandrayaan-2 को लेकर अभी उम्मीद है बाकी है आर्बिटर ने विक्रम की थर्मल तस्वीरें भेजिए फिलहाल संपर्क भले स्थापित नहीं हुआ किंतु उम्मीद अभी बाकी है…
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से संपर्क बहाल करने की कोशिश जारी रखे हुए है। एक अधिकारी ने कहा कि सही अनुकूलन के साथ यह अब भी ऊर्जा पैदा कर सकता है और सौर पैनल से बैटरियों को रिचार्ज कर सकता है। इससे पहले इसरो प्रमुख के शिवन ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी 14 दिनों तक लैंडर से संपर्क बहाल करने की कोशिश करेगी। इसरो के एक अधिकारी ने कहा चंद्रमा की सतह पर विक्रम की हार्ड लैंडिंग ने दोबारा संपर्क कायम करने को मुश्किल बना दिया है। क्योंकि यह सहजता से और अपने चार पैरों के सहारे नहीं उतरा होगा।

बाधाएं सिगनल प्राप्त करने से रोक रही

चंद्रयान-1 निदेशक मायलास्वामी अन्नादुराई ने रविवार को कहा कि हो सकता है कि चंद्रमा की सतह पर बाधाएं लैंडर को सिगनल प्राप्त करने से रही हो। उन्होंने कहा कि जैसा कि हमने चंद्रमा की सतह पर लैंडर का पता लगा लिया है। अब हम उससे संपर्क करने की कोशिश करेंगे।

इसरो के सामने पांच सवाल

1- लैंडर विक्रम चांद की सतह पर उतर पाया या नहीं2- क्या विक्रम तक सूर्य की रोशनी पहुंच रही है3- क्या विक्रम क्रैश हुआ या सतह पर दिशा भटक गया4- अगर क्रैश हुआ तो कितना नुकसान हुआ5- क्या विक्रम दोबारा काम कर सकता है

मोदी बोले, नाकामी जैसी कोई चीज नहीं

प्रधानमंत्री ने रविवार को इसरो और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत को सराहा। कहा, खिलाड़ियों और अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के लिए नाकामी जैसी कोई चीज नहीं है। देश के खेल जगत ने ट्िवटर पर इसरो के भारत के चंद्रमा के दूसरे अभियान चंद्रयान दो की तारीफ की थी।

प्रधानमंत्री के संबोधन ने हौसला बढ़ाया: शिवन

इसरो के प्रमुख के शिवन ने रविवार को कहा कि चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग का अभियान तय योजना के मुताबिक पूरा नहीं होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन और देश के समर्थन ने अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ाया।

हमें भारत से सीख लेनी चाहिए: रहमान

पाकिस्तान के वैज्ञानिक और पूर्व विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अता-उर-रहमान ने कहा है कि भारत का चंद्रयान-2 मिशन पाक के लिए वेक अप कॉल है। हमें भारत से सीख लेनी चाहिए। भारत के चंद्रयान-2 मिशन को असफल नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि कई उन्नत तकनीक वाले देशों के भी इस प्रकार के मिशन असफल हुए हैं।

ट्विटर पर लैंडर विक्रम की धूम

इसरो की ओर से लैंडर विक्रम के पता चलने का ऐलान होते ही जहां देशवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई, वहीं यह खबर पलक झपकते ही सोशल मीडिया में भी छा गई। अपराह्न साढ़े तीन बजे से छह बजे शाम तक #विक्रमलैंडरफाउंड ट्िवटर का टॉप ट्रेंड बना रहा। यूजर ने उम्मीद जताई कि जल्द ही विक्रम से संपर्क स्थापित हो जाएगा। गौरतलब है कि ऑर्बिटर ने लैंडर विक्रम की थर्मल तस्वीर भेजी है जिससे उससे संपर्क करने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।