6 बच्चो का बिल्कुल कुंवारा बाप….? वो जिंदा रहा मगर जान ही नही पाया कि बरसो पहले हो चुकी थी उसकी मौत….?? पटवारी-सरपंच भी पंचनामा बनाकर कर चुके थे उसके मरने की पुष्टि…???जमीन जायदाद भी हो चुकी थी चाचा-भतीजो के नाम परिवर्तित…! तहसील की निकलो ने भी उगला राज…! जानिये, सस्पेंस,थ्रिल,रोमांच का आखिर माजरा क्या है…????? यहाँ देखिये…

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उसके 6 बच्चे हो गए लेकिन उसे पता ही नहीं चला ??वर्षों तक उसे यह भी पता नहीं चला कि वह कब का मर चुका है ???उसे यह भी भनक नहीं लगी की उसकी जमीन जायदाद कब की चाचा भतीजा के नाम परिवर्तित हो चुकी है ??वह बेचारा तो यह भी नहीं जानता था कि पटवारी और सरपंच पंचनामा बनाकर उसके मरने की पुष्टि भी कर चुके थे ???फिर कैसे खुला सस्पेंस रोमांच और थ्रिल वाली इस स्टोरी का खुलासा….

जिंदा युवक को मृत घोषित किया, शादी शुदा 6 बच्चों के बाप को बनाया कुंआरा, पटवारी ओर नपं ने किया घोटाला

जिंन्दा युबक का बना दिया म्रत्यु प्रमाण पत्र

पटवारी ने भी मौके का पंचनामा बनाकर कर दिया मृत घोषित

मामला करैरा अनुविभाग के करही ग्राम के युबक का करैरा नगर पंचायत ने बनाया म्रत्यु प्रमाण पत्र

करैरा से हृदेश पाठक की रिपोर्ट// जमीन के लालच में घर के सगे लोगो ने अपने ही रिश्तेदार करही के एक युबक को मृत घोषित कराकर उसकी पूरी जमीन पर कब्जा करने के लिए उसका म्रत्यु प्रमाण पत्र तक बनवा डाला यह मामला करैरा जनपद के ग्राम कारोठा की जमीन को लेकर हुआ । और तो और सरकार के नुमाइंदे पटवारी ने तक मोके का पंचनामा बनाकर उसे मृत घोषित किया और पंचनामा में लिखा गया कि मृतक कुँआरा है जबकि उसके 3 बेटे और 3 बेटियां है और म्रत्यु प्रमाण पत्र बनाने बाले ओर कोई नही खुद नगर पंचायत करैरा है ।

जानकारी के अनुशार करैरा थाना क्षेत्र के करही ग्राम के निवासी रामकुमार पुत्र गरीवा बरार जो करैरा थाने के करही ग्राम में निवास करता है उसके द्वारा बताया गया कि मेरे चाचा मिट्ठन पुत्र दबिया व उनके पुत्रो द्वारा 2008 में फर्जी तरीके से मेरा म्रत्यु प्रमाण पत्र बनवा डाला और ओर मारने का स्थान करैरा मंडी बताया और मेरी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री करवा ली यह सब मुझे तब पता चला जब में तहसील अपनी जमीन की नकल निकलवाने गया क्यो की मुझे उस जमीन पर लोन लेना था तब मुझे पता चला कि मेरी जमीन और किसी के नाम पर है और मेरा फर्जी म्रत्यु प्रमाण पत्र बनवा कर मेरी जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री हुई है तब मैंने अपने जिंन्दा होने के सबूत प्रशासन को दिए और जमीन मुक्त कराई । में खेती करने अपनी जमीन पर कारोठा गया तो मुझे उन लोगो द्वारा खेती नही करने दी जा रही और मेरी जान को भी खतरा है पटवारी द्वारा भी पंचनामा में सरपंच कारोठा के मय सील के हस्ताक्षर है जिसमे मुझे मृत घोषित किया गया। मने शिवपुरी एस पी को भी आबेदन दिया कोई कार्यवाही नही हुई तब जाकर हतास होकर मीडिया का सहारा लेना पड़ा ।

कैसे जिंन्दा युबक का म्रत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया

म्रत्यु प्रमाण पत्र,आधार कार्ड पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कॉपी पंचनामा की कॉपी प्रशासन के शासकीय दस्ताबेज की कॉपी, और कैमरे पर रामकुमार के खुद के मुह जुबानी अपनी व्यथा पूरे सबूतों के साथ मामला पुराना होने के कारण दवा था लेकिन आज उजागर हुआ प्रशासन के द्वारा दी गई प्रतियां है इन फोटुओं में ।।