शिवपुरी की फिजा बिगाड़ रहे नशा कारोबारी को नेताओं का संरक्षण, रात को स्मैक कारोबारियों को छुडवाया

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– सत्ता से जुड़े कुछ लोगों का संरक्षण?
-बीती रात स्मैक की खेप लेकर आ रहे थे कुछ लोग पकड़े लेकिन बाद में पुलिस ने दबाव में छोड़ा
शिवपुरी।

शिवपुरी में बड़े पैमाने पर फैले स्मैक के कारोबार को सत्ताधार दल के एक नेता का पूरा संरक्षण है। जिसका जीता जागता उदाहरण बीती रात पुरानी शिवपुरी क्षेत्र से सामने आया यहां पर पुलिस को मायूसी हाथ लगी। बताया जाता है कि बीती रात एक कार में बड़े पैमाने पर स्मैक की खेप को शिवपुरी में खफाने के लिए लाया गया था।जैसे ही इस मामले की जानकारी देहात थाना पुलिस को लगी तो उसने आनन फानन में उक्त गाड़ी और उसमें सवार बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया तो कार सबार पुरानी शिवपुरी इलाके में उक्त कार को छोड़कर मौके से खड़े हुए। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो पुलिस के वाहन को देख कार में से जो चार व्यक्ति भागे उनमें मोटे कद का एक पार्षद पति था तो दूसरा पूर्व पार्षद का पुत्र और तीसरा पुलिस विभाग में पदस्थ एक कर्मचारी का बेटा था तो चौथा छोटे कद का पुरानी शिवपुरी क्षेत्र का चर्चित चेहरा था जिसे सत्ताधारी दल के एक नेता का संरक्षण प्राप्त है।
पूर्व में भी पकड़े थे लेकिन छोड़ दिया था-
यहां बता दे की लगभग एक माह पूर्व भी यही उक्त चारों को पुलिस ने स्मैक के साथ पकड़ा था लेकिन उस समय भी सत्ताधारी दल के इस नेता के इशारे पर ही इन्हें छोड़ दिया गया था। शिवपुरी में स्मैक का कारोबार पूरी तरह से पैर पसार चुका है और तो और अब यह इस जहरीले नशे के कारण चोरीचकारी मौतों का दौर भी शुरू हो गया है बाबजूद इसके पुलिस इस मामले में गंभीर दिखाई नही दे रही है।
खाकी वर्दी भी घेरे में-
6 जुलाई को एक युवती की हुई मौत के बाद शहरभर में स्मैक को लेकर आक्रोश का माहौल दिखाई दे रहा है। मृतक युवती के परिजनों ने जो खुलासे किए है। उन खुलासों ने पुलिस का कार्यशैली पर भी सबार खड़े कर दिए है।स्मैक के कारोबार में देहात थाने में पदस्थ एक आरक्षक कोतवाली में पदस्थ 3 खाकीधारी, फिजीकल थाने में पदस्थ 2 आरक्षक व यातायात में पदस्थ एक ड्रायवर,सायवर सैल के एक कर्मचारी की कार्यशैली भी जाँच के घेरे में है। बीते रोज रोज जिस युवती की मौत हुई है अगर उस युवती और इस मामले में बनाये गए सभी आरोपियों की अगर कॉल डिटेल निकाली जाए तो खाकी के कई ऐसे चेहरे ऊजागर होंगे जो प