यशोधरा राजे ने रोड निर्माण के लिए लिखा पत्र, CEO ने ने जिस रोड बना हुआ बताया वह बनी ही नहीं | 

86
शिवपुरी। इन दिनों अधिकारी नेताओं को जमकर गुमराह कर रहे हैै। पदों पर आसीन अधिकारी नेताओं सहित अपने बरिष्ठ अधिकारीयों को ही गुमराह करने में कोई कोर कसर नहीं छोड रहे है। जिसके नतीजन शहर से महज 6 किमी की दूरी पर स्थिति दर्रोनी रोड जिसे लेकर क्षेत्रीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने सीईओ को पत्र लिखकर रोड निर्माण की मांग की। तो यहां सीईओ ने इस पत्र के जबाव में कहकर मामले से इतिश्री कर ली कि उक्त सडक का निर्माण पहले से ही हो चुका है। साथ ही इस रोड को गांव की परिधि के बाहर होने का जिक्र किया है।
जब इस पत्र की पुष्टि करने मीडिया गांव पहुंची तो डामरीकृत सड़क से गांव में प्रवेश करने पर यह सड़क कच्ची मिली। जनपद सीईओ ने गांव में जाए बिना पंचायत सचिव के कहने पर इस तरह का जवाब विधायक को भिजवा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि विधायक दर्रोनी गांव आईं थीं, तब उन्होंने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन ग्राम पंचायत और जनपद शिवपुरी के अधिकारी कच्ची सड़क नहीं बनने दे रहे। गांव वालों ने शनिवार को यशोधरा राजे सिंधिया के कार्यालय आकर सच्चाई बताई।

डामरीकृत सड़क से मंदिर तक सीसी रोड की मांग, सीईओ ने गांव से मंदिर तक का जिक्र किया

ग्रामीण रामनिवास रावत का कहना है कि विधायक गांव आईं थीं, तब सभी गांव वालों ने डामरीकृत मुख्य सड़क से गांव के हनुमान मंदिर तक सीसी रोड बनाने की मांग रखी थी। वहीं जनपद सीईओ गगन वाजपेयी ने पत्र में जवाब दिया है कि ग्राम दर्रोनी से हनुमान मंदिर तक पूर्व से सीसी रोड निर्मित है। यह रास्ता आंतरिक मार्ग में भी नहीं है। यानी गांव की परिधि से बाहर है इसलिए अन्य नया मार्ग बनाया जाना संभव नहीं है।

गुणवत्ता भी खराब: पूरी नहीं बनाई सीसी रोड, बनने के बाद उखड़ी

बालकिशन परिहार के घर से प्राइमरी स्कूल तक सीसी रोड 3.55 लाख रुपए में मंजूर हुई थी, लेकिन रोड तक सड़क ही नहीं बनाई है। पक्की सड़क से जोड़ने वाला बड़ा हिस्सा छोड़ दिया। स्कूल आने वाले बच्चे परेशान होते हैं।
सामुदायिक भवन से जगदीश के खेत तक 3 लाख 27 हजार 500 रुपए की लागत से सड़क 26 जनवरी 2017 को स्वीकृत हुई। सड़क पंचायत भवन तक नहीं बनाई है। सड़क उखड़ने के साथ बड़ी दरारें आ गई हैं।

सीसी सड़क के दोनों हिस्से बिना बनाए छोड़ दिए

धारा रावत के मकान से हनुमान मंदिर तक सीसी सड़क 5 लाख 64 हजार रुपए से 2 अक्टूबर 2016 को स्वीकृत हुई थी। धारा रावत ने बताया कि घर के पास दूसरी पक्की रोड से सीसी रोड नहीं जोड़ी। घर के पास आखिरी हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। कीचड़ की वजह से खुद 4 हजार रुपए खर्च कर 3 ट्रॉली मुरम डलवाई, तब कीचड़ से मुक्ति मिली। दूसरे छोर पर मंदिर तक सड़क पूरी नहीं बनाई है।

सरपंच का नंबर, सचिव ने फोन उठाया

सरपंच पिस्ता बाई आदिवासी का नंबर डायल किया तो सचिव कमलकिशोर शर्मा ने रिसीव किया। सचिव ने पहले कहा कि सरपंच के पति परमाल आदिवासी का नंबर है, पांच मिनट में बात कर दूंगा। आधा घंटे बाद भी बात नहीं करा पाया। बता दें कि पंच परमेश्वर पोर्टल पर दर्ज इस नंबर पर भुगतान संबंधी ओटीपी जारी होता है। इससे पंचायत के बिल भुगतान होते हैं।