दिग्गी-सिंधिया समीकरण: इस्तीफों का दौर, सिंधिया का शोर

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जुलाई में एमपी कांग्रेस को नया अध्यक्ष मिलने की अटकलों के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम चर्चा में है। यूं तो सिंधिया का नाम आना ही बड़ी खबर है लेकिन उससे भी अहम अब ये भी हो गया है कि दिग्विजय खेमे से भी सिंधिया को समर्थन मिलता दिख रहा है।

गोविंद सिंह को दिग्विजय समर्थक माना जाता है वहीं प्रभुराम चौधरी को सिंधिया खेमे का बताया जाता है। ऐसे में गोविंद सिंह का सिंधिया को समर्थन देना क्या प्रदेश में नए समीकरण का संकेत है। ये सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि कमलनाथ समर्थक मंत्री सिंधिया से ज्यादा इत्तेफाक नहीं रखते।

वैसे लोकसभा हार की जिम्मेदारी दिए जा रहे इस्तीफों पर सज्जन का कहना है कि पूरा मंत्रिमंडल इस्तीफा देने को तैयार है। सवाल फिर वही है कि अगर कमलनाथ मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष से हटते हैं तो फिर कमान किसे मिलेगी।

क्या लोकसभा चुनाव में मिली हार से दिग्गी-सिंधिया समीकरण आकार ले रहा है, क्योंकि कमलनाथ के कहने पर ही दिग्विजय भोपाल से लड़े थे। उनका मन राजगढ़ से चुनाव लड़ने का था। खैर जो भी हो लेकिन जुलाई में कांग्रेस में एक बदलाव तो दिखने जा रहा है।