लाशों के अंबार के बीच आंसुओं का सैलाब, हिमाचल में हुए भयानक हादसे में 32 की मौत

137

शिमला। हिमाचल प्रदेश में फिर एक हादसे में 32 लोग बेमौत मारे गये। तादाद अभी और भी बढ़ने की आशंका है। प्रदेश के जिला कुल्लू के बंजार इलाके में हुआ हादसा इतना भयानक था कि यहां लाशों का ढेर लग गया। जिंदा कौन है, कौन नहीं इसे पहचानने में बचाव दल की भी सांसें फूल गईं। अपनों को पहचानने में हर आंख बेकरार थी, इस खौफनाक मंजर देखकर यहां हर आंख रोई। जब प्राइवेट बस एचपी 65, 7065 जब कुल्लू से गड़ागुशैणी खौली के लिये चली होगी तो किसी को क्या पता था कि आगे चलकर यही ओवरलोड बस नेस्तनाबूद हो जाएगी।

500 फीट गहरी खाई में गिरी बस

दिल को दहला देने वाले इस भयानक हादसे में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। बस में करीब 50 लोग सवाल थे और बस बनजार इलाके के पास 500 फीट खाई में गिर गई। खाई में गिरने के बाद बस के परखच्चे उड़ गए। जब राहत व बचाव कार्य शुरू हुआ और बस में दबे लोगों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ तो वह थमा नहीं। बाहर लाशों का अंबार लगता गया।

लाशों का अंबार लग गया

प्रदेश की सड़कों पर खूनी खेल जारी है। लेकिन, सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक प्रदेश में सड़क हादसों में लोग बेमौत मरते रहेंगे। सरकार की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए योजनाएं तो बनती हैं लेकिन, वे कागजों तक ही सीमित होकर रह जाती हैं। उन्हें धरातल में लाने में सरकारी अमला ही संजीदा नही रहता।

शिमला। हिमाचल प्रदेश में फिर एक हादसे में 32 लोग बेमौत मारे गये। तादाद अभी और भी बढ़ने की आशंका है। प्रदेश के जिला कुल्लू के बंजार इलाके में हुआ हादसा इतना भयानक था कि यहां लाशों का ढेर लग गया। जिंदा कौन है, कौन नहीं इसे पहचानने में बचाव दल की भी सांसें फूल गईं। अपनों को पहचानने में हर आंख बेकरार थी, इस खौफनाक मंजर देखकर यहां हर आंख रोई। जब प्राइवेट बस एचपी 65, 7065 जब कुल्लू से गड़ागुशैणी खौली के लिये चली होगी तो किसी को क्या पता था कि आगे चलकर यही ओवरलोड बस नेस्तनाबूद हो जाएगी।

500 फीट गहरी खाई में गिरी बस

दिल को दहला देने वाले इस भयानक हादसे में 32 लोगों की मौत हो चुकी है। बस में करीब 50 लोग सवाल थे और बस बनजार इलाके के पास 500 फीट खाई में गिर गई। खाई में गिरने के बाद बस के परखच्चे उड़ गए। जब राहत व बचाव कार्य शुरू हुआ और बस में दबे लोगों को निकालने का सिलसिला शुरू हुआ तो वह थमा नहीं। बाहर लाशों का अंबार लगता गया।

लाशों का अंबार लग गया

प्रदेश की सड़कों पर खूनी खेल जारी है। लेकिन, सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक प्रदेश में सड़क हादसों में लोग बेमौत मरते रहेंगे। सरकार की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए योजनाएं तो बनती हैं लेकिन, वे कागजों तक ही सीमित होकर रह जाती हैं। उन्हें धरातल में लाने में सरकारी अमला ही संजीदा नहीं रहता।