तीन कैदियों को मिली नेत्र ज्योति , मानव सेवा हेतु माध्यम बना मानवाधिकार अपराध नियंत्रण संगठन * *समय सीमा पर चैकअप, ठण्डे पानी से धोऐं आखें, यही है बीमारी से बचाव : डॉ.गिरीश चतुर्वेदी*

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*मानव हितों में कार्य कर तीन कैदियों को नेत्र ज्योति प्रदान की मानवाधिकार अपराध नियंत्रण संगठन ने*

*समय सीमा पर चैकअप, ठण्डे पानी से धोऐं आखें, यही है बीमारी से बचाव : डॉ.गिरीश चतुर्वेदी*

शिवपुरी- जिला जेल में बंद कैदी जहां अपने किए गए अपराध की सजा भुगत रहे है वहीं मानव अधिकारों को लेकर कार्य करने वाले अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं.मोहित नवानी के निर्देशन में प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र माथुर के मार्गदर्शन में प्रदेश सचिव रविन्द्र सिंह सेंगर व शिवपुरी जिलाध्यक्ष सूबेदार सिंह कुशवाह (मुन्नाराजा) द्वारा जिला जेल के कैदियों के लिए नेत्र रोग परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक डॉ.गिरीश चतुर्वेदी ने जेल में लगाए गए शिविर के दौरान जब मरीजों का परीक्षण किया तब लगभग 80 मरीजों नेत्र रोग से पीडि़त पाए गए जिसमें 8 नेत्र रोग गंभीर नेत्र रोग से ग्रसित थे इन मरीजों की सुध लेते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के प्रदेश सचिव रविन्द्र सिंह व जिलाध्यक्ष सूबेदार सिंह कुशवाह ने अपनी टीम के देवेन्द्र पाण्डे एवं डॉ.अशोक पारशर के साथ मिलकर जिला जेल के अधीक्षक दिलीप ङ्क्षसह से विस्तृत चर्चा की और मानव अधिकारों के तहत कैदियों के नेत्र परीक्षण व उपचार की स्वीकृति माननीय न्यायालय के निर्देश पर हुई जिसमें 3 कैदी मरीजों को पहले चरण में नेत्र ऑपरेशन के लिए चिह्नित किया गया इसमें कैदी निर्भय, सुरेन्द्र एवं फुंदीलाल ऐसे मरीज थे जिनका निश्चित समयावधि में नेत्र ऑपरेशन आवश्यक था इसके चलते जिला चिकित्सालय के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.गिरीश चतुर्वेदी ने इन मरीजो का सफल नेत्र परीक्षण कर ऑपरेशन किया और इन मरीजों को नेत्र ज्योति प्रदान कर मानव सेवा कार्य में अपना अभिन्न योगदान दिया। जिला जेल में बंद अभी भी शेष 5 ऐसे कैदी जिनके नेत्र परीक्षण कर ऑपरेशन किए जाने है उन्हें लेकर भी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन सतत जिला जेल अधीक्षक दिलीप सिंह के संपर्क में है और आवश्यक माननीय न्यायालयीन कार्यवाही से अनुमति मिलते ही शेष अन्य नेत्र रोग मरीजों का भी सफल ऑपरेशन किया जाएगा। इसके अलावा जेल के अन्य नेत्र रोग कैदियों को नेत्र रोग के कारण, बचाव एवं सावधानियां भी बताई गई ताकि वह इस तरह के रोग से बचाव कर अपने आप को सुरक्षित कर सके।
*इनका कहना है-*
जिला जेल में बंद मरीजों को नेत्र परीक्षण शिविर के दौरान उन्हें देखने, परीक्षण कर उपचार करने का अनुभव अलग ही रहा, चूंकि इस शिविर में कई गंभीर नेत्र रोग पीडि़त भी थे जिन्हें मानवाधिकार अपराध नियंत्रण संगठन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान कर आज 3 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया अन्य मरीज भी है उनका भी माननीय न्यायालय से अनुमति मिलने के उपरांत ऑपरेशन किए जाऐंगें, जेल में बंद कैदियेां के लिए मेरा संदेश है कि कैदी भाई आंख में कोई भी परेशानी हो तो जेलर से संपर्क करें और नियमित जेल में चैकअप के दौरान अपना चैकअप कराते रहे, आखें ठण्डे और साफ पानी से धोऐं यदि अन्य आंख से संबंधित कोई परेशानी आए तो चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।
डॉ.गिरीश चतुर्वेदी
नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय शिवपुरी