रामायण के साथ महाभारत में भी निषाद वंश की निर्णायक भूमिका :प्रमोद भार्गव *मांझी जनजाति कल्याणकारी संस्था ने आरम्भ किया ‘निषाद राज पुरस्कार’ * *निषादराज पुरस्कार की राशि दान दी राजू बाथम ने।

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*शिवपुरी*
मांझी-निषाद समाज न केवल प्रभु राम के तारणहार थे बल्कि महाभारत के सभी पात्रो का उदभव भी मांझी समाज से हुआ है देश में पौराणिक,ऐतिहासिक, औऱ वर्तमानकाल तक इस समाज की वीरता,उधमशीलता,शौर्य,औऱ सत्यनिष्ठा प्रमाणिक है उक्त उदगार वरिष्ठ लेखक पत्रकार प्रमोद भार्गव ने आज निषादराज जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्यवक्ता के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किये।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोलारस विधायक वीरेंद्र रघुवंशी अलावा पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, समाजसेवी भरत अग्रवाल, डॉ अजय खेमरिया, राजू बाथम,रंजीत गुप्ता मंचासीन थे।इस अवसर पर मांझी जनजाति कल्याणकारी संस्था द्वारा ‘निषादराज गुह पुरस्कार’की शुरुआत की गई है पहला पुरुस्कार समाज के लिये समर्पित भाव से काम करने वाले बीजेपी नेता राजू बाथम को दिया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि कोलारस विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि प्रभु राम का जीवन केवट के बिना पूरा नही हो सकता था इसलिये आराध्य देव राम और निषाद राज एक दूसरे के पूरक है विधायक श्री रघुवंशी ने समाज के सभी लोगों से आग्रह किया कि वे परिवार में बेटियों को शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प लें उन्होंने अपनी ओर से भरोसा दिलाया कि वे समाज की बेहतरी के लिये होने वाले सभी प्रकल्पों में विधायक औऱ निजी हैसियत से सदैव ततपर रहेंगे।
मुख्यवक्ता श्री प्रमोद भार्गव ने विस्तार से निषाद वंश के वैभव को रेखांकित किया उन्होंने बताया कि केवट संवाद को तुलसीदास के रामचरितमानस के चलते व्यापक प्रसद्धि मिली लेकिन भारत के पौराणिक मान्यताओं में महाभारत के प्रसंग लोकप्रिय नही है जबकि हकीकत यह है कि महाभारत में शांतनु की दूसरी रानी सत्यवती मांझी समाज के दास राज्य की पुत्री थी ऋषि पाराशर से संपर्क में आकर वेदव्यास को इसी सत्यवती ने अविवाहित रहते हुए जन्म दिया था।
श्री भार्गव ने बताया कि आज भी मांझी समाज भारत का एक उधमशील समाज है जो हजारो साल से नदियों के किनारे रहकर भारत की अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है।
समारोह में मांझी जनजाति कल्याण कारी संस्था द्वारा समाज मे नवाचार औऱ सेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिये वार्षिक निषादराज पुरस्कार की शुरुआत की पहला पुरस्कार समाज की चयनसमिति द्वारा पूर्व राज्यमंत्री राजू बाथम का चयन किया गया इस पुरस्कार के साथ प्रतिवर्ष 5000 की राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।प्रथम पुरस्कार की राशि मे 100 रुपए जोड़कर राजू बाथम ने इसे समाज के अध्यक्ष मोहन बाथम को वापिस कर इस राशि का उपयोग समाज की कन्याओं के कल्याण हेतु करने का आग्रह किया।
समारोह को पोहरी के पूर्व विधायक प्रहलाद भारती ने भी सम्बोधित किया उन्होंने भी समाज की उपलब्धियों को सराहा।
इससे पूर्व मंचासीन अतिथियो का समाज की ओर से राजेश बाथम,एम एल रायकवार, पूरनलाल बाथम,रामकुमार केवट,हरिशंकर बाथम,विपिन बाथम,अजय बाथम,देवेंद्र बाथम,रवि बाथम, दौलत मांझी,भगवती वर्मा,सावित्री बाथम,प्रीति बाथम,गोविंद बाथम,राजेश बाथम आदि ने माल्यार्पण कर स्वागत किया।कार्यक्रम का संचालन सन्नी बाथम ने किया आभार प्रदर्शन की रस्म अजय बाथम ने पूर्ण की।