वायुसेना की सर्जीकल स्ट्राइक के वो 10 बड़े सबूत,जिनसे साफ नजर आयेगी सफलता…! यहाँ जानिये….!

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने पुलवामा हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान के बालाकोट में हवाईहमले किए, जिसमें आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मदके कई आतंकी ठिकाने तबाह हो गए जबकि 300 से ज्यादा आतंकी ढेर हो गए। हालांकि पाकिस्तान ऐसी किसी भी स्ट्राइक को नकार रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के वायुक्षेत्र का उल्लंघन किया है लेकिन उन्होंने यहां जो बम गिराए वो जंगल में गिरे। भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में यहां कोई इंसान नहीं मारा गया है। भले ही पाकिस्तान इससे इंकार कर रहा हो लेकिन आज हम आपको ऐसे 10 सबूत देंगे जिससे यह साबित हो जाएगा कि एयर स्ट्राइक से पाकिस्तान स्थित जैश के कई ठिकाने धवस्त हो गए।

नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) के सर्विलांस से यह खुलासा हुआ कि जब भारतीय वायुसेना द्वारा बालाकोट में एयर स्ट्राइक की गई उस समय वहां कम से कम 280 फोन एक्टिव थे।

एयर स्ट्राइक के बाद वायुसेना की तरफ से बयान आ गया है कि उन्हें जो टारगेट मिला था उसे उन्होंने सफलतापूर्वक टारगेट किया था।

 

बालाकोट में जिस जगह कार्रवाई की गई वहां पर जैश-ए-मोहम्मद का मदरसा था। मदरसा तालीम-उल-कुरान के छात्र ने इस बात की पुष्टि भी की थी कि उन्होंने 26 फरवरी की सुबह वहां पर धमाके सुबह थे, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था।

एयरस्ट्राइक के बाद जब हर कोई सबूत ढूंढ रहा था तब कुछ पाकिस्तानी यूजर्स ने ट्विटर पर लिखा था कि 26 फरवरी के बाद उन्होंने बालाकोट में 10 एम्बुलेंस भी देखे थे।

 

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने भी दावा किया था कि कई स्थानीय निवासियों ने इस बात की पुष्टि की थी उस मदरसे में जैश का आतंकी अड्डा है और भारतीय वायुसेना ने उन्हें निशाना बनाया। इस दौरान उन्हें बम धमाकों की आवाज़ भी सुनाई दी थी।

पाकिस्तानी मीडिया ने भी अपनी कई रिपोर्ट्स में इस बात का दावा किया है कि बालाकोट में भारतीय वायुसेना ने कार्रवाई की। हालांकि, उनकी मीडिया ने हर बार ये ही बताया कि वहां अधिक नुकसान नहीं हुआ है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया था कि भारत की एयरस्ट्राइक के बाद पास के ही सैन्य अस्पताल और एबटाबाद के अस्पतालों में कई बेड रिजर्व कर दिए गए थे। हालांकि, किसी भी सरकारी पक्ष ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार किया था।

पाकिस्तानी सेना ने एयरस्ट्राइक के ठीक बाद वर्ल्ड मीडिया को बालाकोट ले जाने का न्योता दिया था। लेकिन ये भी कहा था कि वह तुरंत नहीं बल्कि एक दिन बाद ले जाएंगे। जाहिर है कि सेना वहां से सबूत मिटाना चाहती थी। इसके अलावा जब मीडिया को जाने दिया तो मदरसे के क्षेत्र से काफी दूर तक ही जाने दिया गया।

एयरस्ट्राइक के बाद जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर का एक ऑडियो सामने आया था। जिसमें उसने इस बात को कबूला था कि भारत के हमले में उनका बड़ा अड्डा तबाह हुआ है। हालांकि जो इस बात की पुष्टि करता है कि भारत के हमले से आतंकी सिहर गए हैं।

पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में भारत के खिलाफ बालाकोट में पेड़ों को नुकसान पहुंचाने को लेकर कार्रवाई कर रहा है। बता दें कि जैश का अड्डा जंगलों में था, जाहिर है कि अगर अड्डों पर हवाई हमले हुए थे तो वहां मौजूद पेड़ों पर भी असर हुआ ही था।