पुलवामा हमले में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को शब्दों के माध्यम से श्रद्धांजलि दी एक कवि ने….! देखिये,कलम का दर्द…

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*पुलवामा हमले में शहीद हुए हमारे भारतीय शेरों को अश्रुपूरित विनम्र श्रद्धांजलि स्वरूप एक छोटी सी तात्कालिक रचना*

*देशभक्ति रचना*

आतंकी हमले की निंदा करके ये रह जाएंगे।
और शहीदों की अर्थी पर पुष्प चढ़ाकर आएंगे।।

इससे ज्यादा कुछ नहीं करते ये भारत के नेता हैं।
आज देश का बच्चा-बच्चा इन को गाली देता है।।

सीमा पार से आतंकी कैसे हमले कर जाते हैं?
दिनदहाड़े देश के 40 जवान मर जाते हैं।।

सत्ता के सत्ताधारी अब थोड़ी सी तो शर्म करो।
एक-एक आतंकी को चुनकर के फांसी पे टांक धरो।।

घटना सुनकर के हमले की दिल मेरा थर्राया है।
सोया शेर भी आज गुफा से देखो कैसे गुर्राया है?

सैनिक की रक्षा हेतु अब कदम बढ़ाना ही होगा।
संविधान परिवर्तित कर कानून बनाना ही होगा।।

कितनी बहिनें विधवा हो गई और कितनों का प्यार गया।
उस माँ पर क्या बीती होगी जिसका फूलों सा हार गया।।

जितने हुए शहीद देशहित,उनको मैं वंदन करता हूं।
उनके ही चरणों में मैं अपने शीश को धरता हूँ।।

*कवि कृष्ण कुमार सैनी”राज दौसा,राजस्थान मोबाइल~97855~23855*