नोकरी के दौरान दफ्तर से कभी नही ली छुट्टी,रिटायरमेंट के बाद अब मिलेगी 21 करोड़ से अधिक राशि…! कोन है वह भारतीय शख्स,यहाँ जानिये…?

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नौकरी के दौरान हर कोई दफ्तर से छुट्टी लेता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप ऑफिस से छुट्टियां नहीं लेते तो आपके कितना फायदा हो सकता है. इसके जवाब में आप कहेंगे कि छुट्टियां ना लेने के एवज में उन्हें लाख-दो लाख रुपये मिल सकते हैं. लेकिन दुनिया में एक ऐसा भी शख्स है जिसने दफ्तर से एक भी छुट्टी नहीं ली और इसके बदले में उसने 21 करोड़ रुपये कमा लिए.

ये बात सुनकर आपको शायद यकीनन ना हो लेकिन ये बात बिल्कुल सच है. बता दें कि दुनियाभर में भारतीयों की काम के प्रति लगन और कार्यशैली की तारीफ की जाती है. अधिकतर भारतीय कर्मचारी अपनी सिक लीव यानि बीमारी में दी जाने वाली छुट्टियों का इस्तेमाल नहीं करते और साल के अंत में इनके बदले पैसा ले लेते हैं.

एक ऐसे ही भारतीय कर्मचारी ने अपनी सिक लीव के बदले 21 करोड़ रुपये कमा लिए हैं. इस कर्मचारी का नाम है अनिल मणिभाई नायक. अनिल मणिभाई नायक ने हाल ही में लार्सन एंड टब्रो (L&T) के नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के पद से रिटायरमेंट लिया है. यहां काम करते हुए उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली. उनके बदले उन्हें पूरे 21 करोड़ रुपये मिलेंगे. लार्सन एंड टर्बो ग्रुप को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले अनिल मणिभाई नायक को भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण के लिए चुना गया है.

गांव के प्राइमरी स्कूल टीचर के बेटे नायक ने लार्सन एंड टब्रो कंपनी को साल 1965 में बतौर जूनियर इंजीनियर ज्वाइन किया था. उन्हें इससे पहले 2009 में पद्म भूषण सम्मान से भी नवाजा जा चुका है. एल एंड टी की सालाना रिपोर्ट 2017-18 के मुताबिक नायक को अपनी छुट्टियां इस्तेमाल नहीं करने के बदले 21.33 करोड़ रुपये मिलेंगे. उनकी कुल पेआउट 137 करोड़ से ज्यादा थी, जिसमें 2.7 करोड़ रुपये बेसिक सैलरी शामिल है. उनके रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और अन्य लाभ करीब 100 करोड़ रुपये के हैं.