👉 *99 साल की हुई “शिवपुरी”। आज है इसका “जन्मदिवस”* *happy birthday to shivpuri* 👉 *19 सालों बाद दूर होगी शनि की महादशा…!*अब ये हो सकते है परिवर्तन…!* 🔴 *यदि आप “शिवपुरी”से जुड़े है तो इस खबर को अवश्य पढ़िए….!*◼◼

442

👉 *99 साल की हुई “शिवपुरी”। आज है इसका “जन्मदिवस”*
*happy birthday to shivpuri*
👉 *19 सालों बाद दूर होगी शनि की महादशा…!*अब ये हो सकते है परिवर्तन…!*

🔴 *यदि आप “शिवपुरी”से जुड़े है तो इस खबर को अवश्य पढ़िए….!*◼◼

✍@ *बृजेश सिंह तोमर*

👉 *आज नया अंग्रेजी कलेंडर का नया साल है यह बात तो सब जानते है किंतु यह कितने लोग जानते होंगे कि विंध्य की पर्वत श्रंखलाओं के बीच बसी इस खूबसूरत सी नगरी “शिवपुरी”का आज जन्मदिवस है और घोषित तोर पर यह नगरी आज 99 साल की हो गयी है।*


✒कभी “शियापुरी”कभी “सीपरी”कभी शिवपुरी तो कभी कुछ और…..! जैसे-जैसे समय बदलता रहा वैसे- वैसे शिव की पावन नगरी शिवपुरी का नाम समय-समय पर परिवर्तित होता रहा।यदि मुगलों के समय में “सियापुरी” रहा तो किसी अन्य युग में “सीपरी” हो गया।लेकिन सिंधीया राजवंश ने वर्ष 5 अक्टूबर1919 को जारी किये एक गजट नोटिफिकेशन के द्वारा यकुम जनवरी अर्थात 1 जनवरी 1920 से इस प्यारी सी नगरी का नाम” शिवपुरी “घोषित किया गया था और तब से आज तक यह खूबसूरत नगरी 99 साल की हो गयी है।कुछ वर्षों पूर्व मिले गजट नोटिफिकेशन के दस्तावेजों में आधार पर इसकी खोज की गई और आज यह खूबसूरत नगरी अपने नाम के आधार पर 99 वसंत देख चुकी है ।समय दर समय कभी इस नगरी का उत्थान हुआ तो कभी विनाश के कगार पर भी रही किंतु यह बात भी सच है कि विकास से पहले विनाश भी एक अनवरत प्रक्रिया रही है सो अब फिर यह नगरी उन्माद की ओर अग्रसर है।

🔴 *19 सालों बाद दूर होगी “शनि की महादशा” …!*
♦ *ग्रहों की चाल से जानिये,शिवपुरी के लिए कैसा रहेगा वर्ष 2019 ….!*

प.डॉ विकास दीप शर्मा ज्योतिशाचार्य के अनुसार शिवपुरी का जन्म 1919 मे जारी नोटिफिकेसन के अनुसार 01 जनबरी 1920 को सीपरी का पुराना नाम बदलकर नया नाम शिवपुरी रखा गया | जो बाद मे यहा का स्थायी नाम हो गया | नया साल, नई खुशियां, नए सपने, नए अरमान और नए संकल्प लेकर आता है। कैसा रहेगा वर्ष 2019 शिवपुरी के विकास के लिए , यह देखने के लिए हम निरंतर प्रयास मे रहते है | शिवपुरी की जन्म कुंडली मे उच्च का गुरु है ओर सूर्य की दशम भाव पर पूर्ण द्रष्टि है | पराकर्म भाव के राहू शुक्र — बुध के साथ होने से यहा धर्म कार्यो से लाभ होगा |शुक्र बुध के प्रभाव से पर्यटक छेत्र से शिवपुरी का नाम देश में विख्यात है | शुक्र कला कारक है और बुध के प्रभाव से हरियाली और प्राकर्तिक सौंदर्य , विस्तार को बढावा देगा | धर्म नगरी भी कही जा सकती है | शिवपुरी की कुंडली में चतुर्थ भाव में सूर्य के प्रभाव से राजाओ का वर्चस्व रहेगा ओर राजाओ द्वारा ही विकास की धारा भी राजा के द्वारा हमेशा रहेगी | एकादश भाव में उच्च का गुरु के प्रभाव शिवपुरी में धर्म छेत्र के विस्तार से ही शहर का विकास होगा | शिवपुरी को धर्म की पूरी भी कह सकते है | एकादश गुरु के प्रभाव से सज्जनों और श्रेष्ठ व्यक्तियों की संगति करने वाले व्यक्ति हैं। राजा या सरकार के द्वारा सम्मान और लाभ मिलेगा। श्रीमान और राज कुलीन लोगों से शहर की उन्नति होगी।राजा द्वारा शहर की आशाओं और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने मे आपकी सहायता करेंगे। अच्छे गुणी लोगो की सलाह कार्य उत्तम और फायदेमंद रहेगी राजा द्वारा किए गए उत्तम कार्यों से समाज मे उनका नाम होगा और श्रेष्ठता भी बढेगी। अर्थलाभ और धन की प्राप्ति होगी। शिवपुरी एक धन धान्य से पूर्ण भाग्यवान शहर हैं। आमदनी के कई श्रोत बनेंगे | जनता कारक चतुर्थ भाव का स्वामी चन्द्र केतु के साथ होने से जनता का मन पल पल बदलता रहेगा | शिवपुरी की कुंडली में लग गत मंगल के प्रभाव से शहर के आकर्षण में कुछ कमी आ जाती है । पराक्रम की बृद्धि होती है, मगर भौतिक सुखों का अभाव बना रहता| बुध राहु का प्रभाव व्यवसाय के छेत्र में भी कठिनाइयां आती हैं शहर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संघर्षों का मुकाबला करता हुआ बढ़ता है ।

 

वर्ष 2019 में शनि गुरु और राहु केतु 4 बड़े ग्रहो का राशि परिवर्तन केवल शिवपुरी में ही नही पूरे भारत और अन्य देशों में भी इन ग्रहों की चाल का प्रभाव परिवर्तन के रूप में देखने को मिलेगा ।

♦शिवपुरी की कुंडली पर चल रही 19 वर्ष की शनि महादशा 2019 में हटने वालीं है । 18 10 2000 से 19 10 2019 तक शिवपुरी की कुंडली पर चल रही शनि की 19 वर्ष की विंशोत्तरी महादशा समाप्त होने वाली है । शिवपुरी की जन्म कुंडली मे शनि में गुरु की अंतर्दशा 04 04 2017 से प्रारंभ होकर 19 10 2019 तक रहेगी । यह आखिरी संघर्ष का समय और है जिसका प्रभाव अभी और देखने को मिलेगा ।

शिवपुरी की कन्या लग्न का जन्म है और लग्नेश ओर कर्मेश दोनो बुध है । और 19 अक्टूबर 2019 से अगले 17 वर्ष के लिए महादशा भी बुध की लगने वाली है । लग्न का स्वामी बुध पराक्रम भाव मे होने से शिवपुरी के लिए लाएगी आशा की किरण ।। बुध सौंदर्य , हरियाली , विकास और उन्नति का कारक होकर व्यापार का स्वामी भी है । शिवपुरी के लिए व्यापार रोजगार के कोई न कोई नवीन साधन निर्मित होंगे । व्यापारी वर्ग को लाभ देगा । लग्न का स्वामी बुध और बुध की महादशा शिवपुरी का नाम और यश बढ़ाएगी ।

♦वर्ष 2019 में गुरु का प्रभाव शिवपुरी की कुंडली मे देगा नया स्वरूप ।

नए वर्ष 2019 में बृहस्पति का गोचर वृश्चिक से धनु, फिर धनु से वृश्चिक और साल के अंत में धनु राशि में होगा। 30 मार्च 2019 को बृहस्पति वृश्चिक से धनु राशि में प्रवेश करेंगे और 22 अप्रैल 2019 को वक्री गति करते हुए पुन: धनु से वृश्चिक में पहुंच जाएंगे। इसके बाद 5 नवंबर 2019 तक वक्री रहने के बाद मार्गी होकर धनु राशि में प्रवेश कर जाएंगे। वर्ष 2019 में बृहस्पति के वृश्चिक-धनु-वृश्चिक-धनु में गोचर से कई तरह के प्रभाव देखने को मिलेंगे। शिवपुरी की कुंडली मे गुरु उच्च राशि एकादश भाव मे है ।
शिवपुरी की कन्या लग्न में वर्ष 2019 में बृहस्पति का गोचर चतुर्थ स्थान में होने जा रहा है। यह सुख स्थान है इसलिए निश्चित रूप से नए साल में धन, संपत्ति, , सुखों का भरपूर आनंद मिलने की पूर्ण संभावना है । हालांकि बीच-बीच में कुछ समय ऐसा भी आएगा जब जनता और जन प्रतिनिधि के सदस्यों के साथ आपका विवाद हो सकता है, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों नवीन कार्य योजना बनेंगे ओर सफल कार्य होंगे ।सुख-शांति की प्राप्ति होगी। । सेहत स्वास्थ्य के हिसाब से साल 2019 मिला जुला रहेगा। हृदय रोग , सिरदर्द, माइग्रेन की परेशानी ज्यादा देखने को मिलेगी । अप्रैल मई 2019 से शहर में कुछ बदलाव होंगे। उन निर्णय को सराहा जाएगा,विकास कार्य की इच्छाओं की पूर्ति होने के योग बनेंगे।

 

◼7 मार्च 2019 से राहु का राशि परिवर्तन शिवपुरी में राजनीतिक और सत्ता दल में भी परिवर्तन शील समय होगा ।


शिवपुरी की जन्म राशि मेष है । अभी 7 मार्च 2019 तक राहु का गौचर शुभ नही चल रहा जो पिछले 15 माह से खराब चल रहा है । राहु 7 मार्च 2019 को मिथुन राशि मे प्रवेश करेगा । जो सकरात्मक परिणाम देखने को मिलेगा । शत्रु भी मित्रवत व्यवहार करेंगे । कठिन कार्य मे भी सफलता का संकेत देगा । शहर के व्यक्तित्व का विकास देखने को मिलेगा।

शिवपुरी की मेष राशि पर यह वर्ष प्रभावशाली है। राजनीतिज्ञ व्यक्तियों के लिए उत्तम व विशेष सफलता दायक रहेगा। नई ऊर्जा का संचार होगा। राजा का किसी कार्य में सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। व्यापार की स्थिति में सुधार, प्रगतिशील वातावरण रहेगा। नौकरीपेशा के लिए सुखद वातावरण रहेगा। बाहरी मामलों में संभलकर चलना होगा। स्थानीय राजनीति में, सम्पत्ती मकान-भूमि संबंधित कार्यों में सावधानी रखें। राहु जब भी बदलता है पहले उजाड़पन देता है उसके बाद निर्माण कार्य कराता है । आर्थिक मामलों में पहले से सुधार पाएंगे। शत्रुपक्ष पर प्रभाव बना रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को थोड़ा ध्यान देकर चलें तो सफलता दूर नहीं। 12 अक्टूबर के बाद भाग्य का प्रभाव कम होगा। खेल , न्याय , बैंक ओर पुलिस सेना छेत्र में छात्रों को लाभ के संकेत है ।

शनि का प्रभाव 2019 में शिवपुरी की कुंडली पर चतुर्थ जनता के भाव मे आया है । वर्ष 2019 में होने वाले शनि के राशि परिवर्तन का जो कि ज्योतिष शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। शनि प्रभावशाली ग्रह माना जाता रहा है। फिर चाहे वो शनि की ढ़ैय्या हो या साढ़ेसाती जातक के जीवन में इसका व्यापक प्रभाव पड़ता ही है। शनि को पापी व क्रूर ग्रह माना गया है असल में शनि स्वभाव से ऐसा नहीं है। शनि न्यायप्रिय ग्रह है, जो मनुष्य जीवन में जैसा कर्म करता है उसे शनि वैसा ही फल प्रदान करते हैं। हालांकि शापित होने के कारण ये देखा गया हैं कि जिस पर भी शनि की दृष्टि पड़ती हैं उनका अनिष्ट होता है और शायद इस कारण ही शनि की छवि एक क्रूर ग्रह के रूप में बन गई है। शनि की दृष्टि राज्य ओर कर्म भाव पर रहेगी । जो न्याय कारक सिध्द होगी ।
शिवपुरी की मेष राशि के लिए शनि दशम और एकादश भाव का स्वामी है। ये दोनों भाव क्रमश: व्यवसाय,राज्य ,आमदनी, वृद्धि और कर्म आदि से संबंधित होते हैं।
साल 2019 में शनि गोचर के समय प्रतिनिधियों को संयम के साथ काम लेना होगा, क्योंकि यही वो समय हैं जो आपको परेशान कर सकता है।
हालांकि विनम्र और धैर्य रखने पर यह समय आसानी से बीत जाएगा।
हर परिस्थिति में मेहनत और कोशिश करते रहें।
शनि गोचर के दौरान सफलता प्राप्त कर सकते हैं लेकिन इसके लिए लगातार प्रयास और कड़ा परिश्रम करना होगा।
जून महीने तक जीवन में वृद्धि की रफ्तार थोड़ी सुस्त रह सकती है, लेकिन जून से अक्टूबर के बीच कार्यो और धन में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अक्टूबर 2019 के बाद परिस्थितियों में बदलाव जरूर आएगा भाग्य का पूरा साथ भी मिलेगा। इस अवधि में हर तरह की प्रतिस्पर्धा में सफलता हांसिल होगी । साथ ही विरोधियों पर विजय भी प्राप्त करने का संकेत है ।
शिवपुरी की कन्या लग्न के अनुसार शनि देव पंचम और षष्ठम भाव के स्वामी हैं। ये भाव कर्म, शिक्षा, पितृत्व, रोग, संघर्ष और शत्रुओं से संबंधित होता है।
इस वर्ष शनि गोचर की अवधि के समय अपने घर में परिवर्तन कर सकते हैं।
इस साल करियर के क्षेत्र में भी उन्नति और वृद्धि देखने को मिलेगी।
हालांकि परिश्रम के दौरान असंयमित दिनचर्या और ज्यादा तनाव आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालेगा।
आर्थिक तंगी परेशानी का कारण बनेगी ।
इस साल प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में विवाद की स्थिति बनने का योग बनता दिख रहा है।
लेकिन तमाम चुनौतियों के बीच इस साल छात्रों को बड़ी सफलता मिल सकती है।

 

सूर्य : इस वर्ष सूर्य प्रभाव से सरकार व आतंकी गतिविधि से जनता में भय रहेगा। आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि होगी, वहीं धन्य-धान्य की वृद्धि होगी। फलों की फसल कम होगी।

 

चंद्र : चंद्र के प्रभाव से धन्य-धान्य होने से प्रजा में सुख-शांति आएगी व श्रेष्ठ वर्षा होगी। अच्छी फसल से कृषक व व्यापारी वर्ग में खुशी रहेगी।

मंगल : मंगल के प्रभाव से अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव रहेगा। व्यापार जगत में भी धन्य-धान्य तो रहेगा, पर अनियमितता रहेगी।

बुध : बुध के प्रभाव से स्वर्ण के भाव में वृद्धि होगी। रंगीन वस्त्रों व सौंदर्य प्रसाधनों के भाव में वृद्धि होगी।

गुरु : गुरु के प्रभाव से सरकार व विपक्ष में अधिक विरोध होगा जिससे प्रजा पर संकट मंडराएगा। पशुओं पर कष्ट रहेगा। समुद्री तटों पर जन-धन की हानि व अत्यधिक संकट होंगे।

शुक्र 2019 : शुक्र के प्रभाव से भी वर्षा उत्तम होगी। रसमय पदार्थों की पूर्णता होगी। प्रजा सुखी होगी, विशेषकर महिला वर्ग सुखी रहेगा।

शनि : शनि के प्रभाव से वर्षा मध्यम रहने से फसल भी मध्यम रहेगी। पशुओं की हानि व मनुष्यों में रोग बढ़ेंगे। साथ ही चोरी, तस्करी, पाखंड व अपराधों में वृद्धि होगी। कहीं आंधी-तूफान से जन-धन की हानि, तो कहीं प्राकृतिक प्रकोप व कहीं अनावृष्टि। अतिवृष्टि से नुकसान होगा।

विशेष : ये विश्लेषण ग्रहों की स्थिति के अनुसार दिए गए हैं। कम या ज्यादा प्रभाव उनकी गति व स्थिति पर निर्भर करते हैं वर्ष 2018 में गुरु 11 अक्टूबर को रात्रि 8:40 मिनट से तुला राशि से वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे तथा इस राशि में 30 मार्च 2019, शनिवार रात्रि 3:11 बजे तक इसी राशि में भ्रमण करेंगे। इसके बाद गुरु धनु राशि में प्रवेश करेगा और 23 अप्रैल 2019 तक धनु राशि में भ्रमण करेंगे। गुरु धनु राशि में 9 अप्रैल से वक्री हो जाएंगे और 24 अप्रैल को वक्री अवस्था में ही वृश्चिक राशि में प्रवेश वृश्चिक राशि में जाने पर गुरु सबसे पहले अपने ही नक्षत्र विशाखा के चतुर्थ चरण में भ्रमण करेंगे उसके बाद शनि के अनुराधा नक्षत्र तथा बुध के ज्येष्ठा नक्षत्र में भ्रमण करेंगे। नवांश राशि में गुरु कर्क राशि से लेकर मीन राशि तक क्रमशः भ्रमण करेंगे। गुरु ज्ञान, धन, धर्म, न्याय, संतान तथा शुभ फल का कारक ग्रह होने के कारण शुभ फल प्रदान करते है। ब्रह्मांड में उपस्थित सभी ग्रहो में गुरु ग्रह को सबसे शुभ ग्रह माना जाता है। वृश्चिक राशि में गुरु अपने मित्र राशि में होगा अतः पूर्णतः शुभत्व प्रदान करने में समर्थ होगा।
*पं विकास दीप शर्मा*
श्री मंशापूर्ण ज्योतिष शिवपुरी 9425137382