“चुनावी समर” – कांग्रेस के गण को हिलाने की जुगत में भाजपा * 25 साल से खम्ब ठोके है कक्काजू……(पिछोर विधानसभा पर चुनावी समीक्षा-राजेश राजोरिया )

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जाने क्या होगा रामा रे …?
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(राजेश राजौरिया)

* कांग्रेस के गण को हिलाने की जुगत में भाजपा
* 25 साल से खम्ब ठोके है कक्काजू
* पिछोर विधानसभा में सारे मुद्दे नगण्य

मध्यप्रदेश सहित 5 राज्यो में विधानसभा चुनावों की डुगडुगी निर्वाचन आयोग ने आज बजा कर रणक्षेत्र को खोल दिया , अब सियासी घटनाक्रम निरन्तर दिखाई देते रहेंगे, नेताओ की ज़ुबानी जंग औऱ उनके द्वारा जनता को बहलाने फुसलाने का कारवां लगभग एक माह तक दिखाई देता रहेगा ।

सियासी नजरिए से सामाजिक और व्यक्तिगत बोट की जुगलबन्दी से पहले “टिकिट” जुगाड़ की प्रक्रियाओं से दो चार होना आरंभ हो गया है, अपने को अपने ही दलीयभाई से योग्य औऱ बेहतर बताने औऱ दिखाने की बेला आ पहुँची है, अतः अपने अपने झंडावरदारो को कमरकस के मैदान में खम्ब गाड़ कर तैयार रहने को बोला जा चुका है,

चुनावी डुगडुगी बजते ही “टिकिट” की गला काट प्रतिस्पर्धा अपनो से ही आरंभ हो गई हैं, जो कल तक “एक झंडा एक निशान” पर “न्यौछावर” थे, आज वे ही गाल फुलाकर उस भाई को कमतर बता रहे है जो कलतक झंडा डण्डा में सहोदर रहे थे,

खैर इसी को लोकतंत्र कहते है सब को हक़ है अपना अधिकार जताने का औऱ टिकिट माँगने का ?

बरहाल अब बात मुद्दे की, पिछोर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने श्री के.पी.सिंह (कक्काजू) को ही प्रत्याशी घोषित किया है , ??? (क्यो की कोई कारण ही नही है , बल्कि कोई अन्य दूर दूर तक है भी नही जिसकी संभावना टिकिट हेतु दिखाई दे, फिर लगातार 25 साल से अजेय रहने बाले “राजनेतिक-पहलवान” को दरकिनार करने की राजनैतिक हिम्मत किसी भी “राजनैतिक पंडित” में नही ) अतः यह सिद्ध है कि पिछोर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी श्री कक्काजू ही होंगे या है ।

अब बात मुख्य विपक्षी दल भाजपा की तो यहाँ स्थिति जरा बिकट है कम शब्दों में कहे तो “एक अनार ओर सो बीमार” बाली कहाबत अक्षर-अक्षर सत्य है,
यहाँ से टिकिट हेतु —–
श्रीयुत……
1 श्री लक्ष्मी नारायण जी गुप्ता पूर्व विधायक एवं राजस्व मंत्री (अपने पुत्र श्री रमेश जी हेतु )
2 श्री पंडित डॉ. राघवेंद्र जी शर्मा (अध्यक्ष, मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग, केबिनेट दर्जा )
3 श्री भैया साहब जी लोधी (पूर्व विधायक, औऱ सिचाई उप मंत्री मध्यप्रदेश सरकार)
4 श्री प्रीतम सिंह जी लोधी (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी पिछोर)
5 श्री विकाश पाठक जी (पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष एवं वर्तमान मंडल अध्यक्ष)
6 श्री जगराम सिंह जी यादव (पूर्व मंडी अध्यक्ष खनियाधाना )
7श्रीमती नवप्रभा जी पडेरिया(पूर्व विधायक की धर्म पत्नि औऱ जिला पंचायत सदस्य )
8 श्री कौशल किशोर शर्मा जी
9 खनियाधाना क्षेत्र से भी एक दो नाम है
अभी तो कयासों का दौर रहेगा , जिसमे नरेंद्र बिरथरे (पूर्व विधायक ) का नाम भी चर्चा में है जो यहाँ से उम्मीदवार हो सकते है ???

अब मुख्य बात कि भाजपा , आख़िर किस योद्धा पर कांग्रेस के इस अभेद्य दुर्ग को किस रणनीति के साथ ढाने या गिराने का चमत्कार या करिश्मा करने पर दांव लगाएंगी ??? यह सही है कि पिछली मर्तवा भाजपा के श्री प्रीतम सिंह लोधी ने कांग्रेस की जीत का फासला बहुत कम पर ला दिया था, जिसकी उम्मीद राजनीति के किसी भी पंडित ने नही की थी, यह भी एक चमत्कार ही था,कि कोई प्रत्याशी लगभग 72 हजार बोट लेकर भी पराजित हुआ हो ,

मूल बात क्या मुद्दे रहेंगे इस बार के पिछोर विधानसभा चुनाव में ?? जब कि हर बार यहाँ भाजपा भय, भूख, भ्र्ष्टाचार, गुंडागर्दी, अवैध उत्खनन, जैसे तमाम मुद्दों पर लड़ाई लड़ चुकी है लेकिन जनता है कि भाजपा की सुनती ही नही है, खुद सूबे के मुख्यमंत्री भी जनता से भाजपा के “वनवाश” को खत्म करने के लिए “गुहार” लगा चुके है, क्या भाजपा अभी तक “कक्काजू की कमजोर कडी “को पहचानने में सफल नही हो पाई है?? या फिर कक्काजू की यह विरासत है जो वह लगातार 5 साल तक जनता के मध्य रहकर उनकी समस्याओं को समझते औऱ सुलझाते रहते है उनके हर कदम पर हमसाया बने रहकर क्षेत्रवासियों के मुखिया होने का निर्वहन करते रहते है, आखिर भाजपा को इस पर चिंतन मनन तो करना ही होगा, क्यो की यह भी तय मानिये यहाँ कोई अन्य मुद्दा काम नही करेगा ? हाँ अभी कुछ हद तक बड़े चेंज मेकर मुद्दे “उर नदी परियोजना” औऱ sc st act तथा आदिवासियों को रिझाने हेतु, जरूर कुछ मुद्दे होंगे जो दोनों दलों को चिंतित करेगे??
पर धरातल पर वह मुद्दे अभी सामने नही है जिसके दम पर भाजपा पिछोर में कांग्रेसी किले को हिलाने या गिराने का मंसूबा पाले बैठी हैं।

बेसे इस बार खुद कक्काजू भी खुद के लिए चुनाब को हल्के में नही ले रहे यही कारण है कि उनके दौरे औऱ सामाजिक मीटिंग का आगाज़ बह कर चुके है और सम्भवतः जब तक भाजपा अपना प्रत्याशी घोषित करेगी तबतक काँग्रेस अपनी सारी तैयारियों को अमलीजामा पहनाकर चौथाई बढ़त पा ही चुकी होगी क्यो की मैनेजमेंट के मामले में विपक्षी दल भी कक्काजू का लोहा मानते है ………यही कारण है कि कांग्रेस ने भी प्रदेश स्तर पर चुनाबी रणनीतिक कौशल पर कक्काजू को तरजीह देते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है।

गेम चेंजर होगी साध्वी उमा भारती ?
अगर भाजपा ने साध्वी उमाश्री को पिछोर की कमान सौपी औऱ किसी गैर लोधी को प्रत्याशी बनाया तो मामला बहुत जटिल और रोमांचक हो जायेगा,

खेर देखिए अभी तो आगाज है अंजाम तक अभी खेल बहुत बाकी है ……….
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