आलेख – आरक्षण का लाभ किसको ओर क्यो…..? ( #बृजेश सिंह तोमर)

405

#आरक्षण_का_लाभ_किसको_ओर_कैसे.?
( #बृजेश_सिंह_तोमर)
#आरक्षण का लाभ किसको ओर कैसे मिलता है पता नही,किन्तु आरक्षित वर्ग में मेरा एक “भाई सम मित्र”खूब पढ़ा लिखा होकर उस समुदाय की नाक हुआ करता था मगर,वह तब भी संघर्ष कर रहा था,ओर आज भी…..!
#में इतना भी जानता हूं कि आज अच्छे बुरे तमाम अनुभवों के बाद निरन्तर संघर्ष करते हुए वह जिस मुकाम तक भी खुद को ले जा पाया है,उसमे “#आरक्षण”का कोई योगदान नही है…!उसके परिवार में भी उसके बंधु-बांधव,इष्ट,मित्र भी आरक्षण के लाभ से लाभान्वित हुए हो,मेरी जानकारी के अनुसार शायद ऐसा भी नही है….!
#इसी तरह भोले-भाले रामदीन भईय्या भी मोहल्ले में बरसो से झाड़ू लगाने आ रहे है ओर अब उनके साथ उनका बेटा भी आने लगा है जो बड़ा हो गया है…???
#इसके अलावा भी आस पड़ोस के ही उदाहरण तो तमाम है जो कल भी मेहनत कर संघर्ष कर रहे थे और आज भी…!मगर…,
हा,याद आया….
#सुना है एक नामी-गिरामी आरक्षित वर्ग के डॉक्टर साहब का “पढ़ाई छोड़कर अन्य सर्व गुण सम्पन्न लाडला” जरूर कुछ रोज पहले अब डॉक्टर बन गया है…..??
बधाई,लख लख बधाई,वह अब पिता के पेशे को आगे बढ़ाएगा ओर हम सब का बखूबी इलाज करेगा….!
#सवाल वही है कि जिस भावना के तहत बरसों पहले वास्तविक हितग्राही को लाभ देने के लिए जिस आरक्षण व्यवस्था का लाभ शुरू किया गया था क्या समाज के उस वर्ग तक यह लाभ पहुंच पाया….?
क्या समाज का वह वर्ग तो आज भी महरूम नही है ,और उसी वर्ग के अन्य सक्षम लोग इसका लाभ नही लेते रहे है…?
#आज विचारणीय प्रश्न है कि इस बात पर चर्चा होनी ही चाहिए और मेरा यह भी मानना है कि समाज के उसी तबके को आरक्षण जैसे चंद लालच के नाम पर मूलधारा से वोटों की राजनीति के चलते जानबूझकर पृथक किया जा रहा है ,उपेक्षित किया जा रहा है …!संप्रदायों के नाम पर सत्ता के दलालों का एक गठबंधन बार बार उन्हें विकास की मुख्य धारा में आने से पीछे धकेल रहा है…!
#आज जब शिक्षा में भेदभाव,छुआछूत,जैसी कोई स्थिति नही है फिर भी देश मे जानबूझ कर अलगावबाद के ऐसे हालात क्यों पैदा किये जा रहे है….?
#क्यो जरूरतमंद न होते हुए भी आरक्षण का लाभ बरसो से चंद लोग लेते आ रहे है और बांकी का तबका आज भी कोसो दूर है…?
#आज समाज के उस तबके को भी इस पहल में आगे आना ही चाहिए जिस पर राजनीति हो रही है।यह समझना चाहिए कि गरीबी वर्ग विशेष या समुदाय में पैदा होने मात्र से नहीं आती है…!
#जरूरतमंद को रोजगार हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध करके उन्हें समाज की मुख्यधारा में जरूर जोड़ा जा सकता है,भले उसकी जाति कुछ भी हो।
#जाति के आधार पर आरक्षण युवाओ की भावनाओ पर कुठाराघात है जिसमे आरक्षित ही नही वरन हर वर्ग का व्यक्ति पिसेगा ही पिसेगा….!सामाजिक सद्भाव में विष घोलती ऐसी खैरात “सबल भारत-सक्षम भारत”के सपने पर आज भी प्रश्नचिन्ह है और आने बाले कल में भी…!
#जय_हिंद_जय_भारत..

★ #बृजेश_सिंह_तोमर
(यदि सहमत हो तो आगे शेयर करे..)