शिव को पाने लालायित रहे शिव-भक्त

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जय #रामेश्वर, जय #नागेश्वर #वैद्यनाथ, #केदार हरे,
#मल्लिकार्जुन, #सोमनाथ, जय, #महाकाल #ओंकार हरे,
#त्र्यम्बकेश्वर, जय #घुश्मेश्वर #भीमेश्वर जगतार हरे,
#काशी-पति, श्री #विश्वनाथ जय मंगलमय अघहार हरे,
नील-कण्ठ जय, #भूतनाथ जय, #मृत्युंजय अविकार हरे।
#पार्वती पति हर-हर #शम्भो, पाहि पाहि #दातार हरे॥
चारों तरफ गुंजायमान यह वातावरण सम्पूर्ण सावन मास रुद्रभक्त मण्डल के द्वारा शिव की नगरी में सबसे प्राचीन शिव मंदिर #भदैयाकुंड पर गुंजित रहा।पूरे श्रावण मास में #रुद्रभक्त मण्डल के सदस्यों द्वारा नित्य प्रतिदिन उनके आराध्य मनोवांछित फल देने वाले अनादि शिव का #रुद्राभिषेक, #सहस्त्र धारा अभिषेक किया गया।शिव भक्तों ने #मदद_बैंक के #आओ_सँवारे_अपनी_शिवपुरी के अभियान में हिस्सेदारी निभाते हुए पर्यावरण के प्रति अपनी नैतिक #जिम्मेदारी भी निभाई।भदैया कुंड परिसर में 11 पौधों का रोपण भी किया गया।#रुद्रभक्त मण्डल के सदस्य #प्रदीप_तोमर ने इस परम् #आनंद की व्याख्या अपने शब्दों में करते हुए बताया कि,,,शिव तो अनंत है।उन्के #अभिषेक में जो परम् आनंद की अनुभूति हुई वह #अकल्पनीय है।
पूरे माह चली इस #महादेव की सेवा का समापन कन्या

Iभोज के साथ सम्पन्न हुआ।
#शिवोहम।।।।