स्वछंद राजनीति

239

भारतीय #संविधान के अनुच्छेद 325 व 326 के अनुसार प्रत्येक वयस्क् नागरिक को, जो पागल या अपराधी न हो, #मताधिकार प्राप्त है। किसी #नागरिक को धर्म, #जाति, #वर्ण, #संप्रदाय अथवा लिंग भेद के कारण मताधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
सरकार या राजनेता जो #मेनिफेस्टो या #संकल्प पत्र चुनाव के समय बताते है वे अगर पांच वर्ष के #कार्यकाल के दौरान नही कर पाते या उसका 60% भी धरातल पर नही लाते एवम झूठे,आश्वासन, #मीठे_प्रलोभन देकर #मत प्राप्त करते है तो उन पर #संविधान में #दंडसहिंता के तहत अमानत में खजानत,उनकी #भावनाओं पर डाका डालना,#छल ,#कपट कर,उस मतदाता के #ह्रदय परिवर्तन कर लालची बनाने का प्रकरण बनना चाहिये । सविंधान में #संशोधन कर नयी सूची बनाना चाहिए।#विचाराधीन या #सजायाफ्ता किसी भी राजनेता को भारतीय राजनीति से दूर किया जाए। माननीय #सर्वोच्च न्यायालय को संज्ञान में लेकर एक #मतदाता के #हक़ और #जनतंत्र में अमूल्य भूमिका निभाने वाले #मत (वोट)की समीक्षा की जाए।
राजवर्धन सिंह✍