एक बार की शपथ,भविष्य सुनहरा

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#राजनीति में बढ़ते आकर्षण का एक मुख्य पहलू ये भी है।आज राजनीति सिर्फ स्वयं के #भविष्य को #सफल,#सुनियोजित करने का माध्यम रह गया है।लगभग न के बराबर ही देखने को मिलेगा जो माँ #भारती की सेवा करना चाहते है,#जनसेवा करना चाहते हैं।बहुत से देशों में देखा गया है कि देश के उच्च पदों पर आसीन होने के उपरांत भी वहाँ के #राजनेता महज स्वयं का मकान तक नहीं बना पाए।कई देशों में #राजनेता अपने #राजनैतिक_भविष्य से पूर्व #देश_सेवा में कम से कम 1 वर्ष व्यतीत करते है जिससे उन्हें #अनुशासन, #न्याय,#सत्यनिष्ठा की पहचान हो सके।माननीय #सर्वोच्च #न्यायालय को इन सभी विषयों को अपने संज्ञान में लेकर एक नई इबारत लिखनी चाहिए।