विजयी विनेश – हरियाणा की विनेश फोगाट ने इतिहास रचा…। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वालीं भारत की पहली महिला पहलवान बनी…

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विजयी विनेश
हरियाणा की विनेश फोगाट ने इतिहास रच दिया है। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वालीं भारत की पहली महिला पहलवान बन गयी हैं। जकार्ता एशियाड के तीसरे दिन सोमवार को विनेश ने महिला कुश्ती 50 किग्रा स्पर्धा में जापान की युकी इरी को 6-2 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। उनके ताऊ द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महावीर फोगाट ने बेटी को शाबाशी देते हुए ट्वीट किया- ‘वाह विनेश फोगाट, जीत लिया तनै गोल्ड… अर दिल’।
चरखी दादरी जिले के गांव बलाली निवासी महावीर फोगाट की भतीजी और गीता-बबीता की चचेरी बहन विनेश ने इस जीत के साथ 2 साल पहले ओलंपिक में मिली दिल तोड़ने वाली हार को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने ओपनिंग राउंड में चीन की यनान सुन से हिसाब चुकता करते हुए उसे 8-2 से हराया। 2016 रियो ओलंपिक में विनेश चीनी खिलाड़ी के खिलाफ ही मैच में चोटिल हो गयी थीं, जिसके बाद उन्हें वहां से स्ट्रेचर पर ले जाया गया था। इसके बाद वह जनवरी 2017 तक खेल नहीं पायी थीं।
रियो ओलंपिक में चोट के कारण सफर बीच में थमने के बाद विनेश फोगाट के चेहरे पर दर्द और आंसू दोनों थे। एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के बाद भी विनेश की आंखें नम दिखीं, लेकिन अब इन आंसुओं का अलग ही मतलब था। जीत के बाद विनेश ने कहा, ‘मेरा लक्ष्य स्वर्ण जीतना था। मैंने एशियाई स्तर पर तीन-चार रजत पदक जीते हैं। इसलिए इस बार मैं स्वर्ण जीतने का दृढ़ निश्चय करके आयी थी। मैंने कड़ा प्रशिक्षण लिया और ईश्वर ने भी कृपा दिखायी। किसी ने कहा है कि एक खिलाड़ी चोट के बाद मजबूत होकर उभरता है और मुझे लगता है कि सच में मैं पहले से ज्यादा मजबूत हुई हूं।’

ताऊ महावीर ने बढ़ाई हिम्मत : विनेश के फाइनल में पहुंचने पर उनके ताऊ महावीर फोगाट ने उन्हें प्रोत्साहित करते ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘एक बात याद रखना बेटी, गोल्ड जीती तो मिसाल बन जाएगी और मिसालें दी जाती हैं, भुलायी नहीं जातीं। अपने देश का झंडा सबसे ऊपर लेके आना है।’ विनेश की मां प्रेमलता गीता-बबीता की मां दयाकौर की छोटी बहन हैं। बेटी की उपलब्धि पर भावुक हुईं प्रेमलता ने आंसू पाेंछते हुए कहा, ‘विनेश को ताऊ महावीर फोगाट की हिम्मत ने बल दिया। विनेश के पिता की 2003 में मौत के बाद एक बार तो मैं टूट चुकी थी कि छोटे बच्चों का कैसे गुजारा कर पाऊंगी। ताऊ महावीर ने हिम्मत दी और अब बेटी ने गोल्ड जीतकर उनका नाम ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।’ विनेश के भाई हरविंद्र ने कहा, 2020 के ओलंपिक में विनेश फिर से गोल्ड जीतकर दोहरी खुशी देगी।