दिव्यांग क्रिकेटरों की जागी उम्मीदें….

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दिव्यांग क्रिकेटरों की जागी उम्मीदें!
लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के बावजूद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दिव्यांग क्रिकेटरों की तरफ अभी भी भेदभाव कर रहा है। भारत रत्न सचिन तेंदुलकर भी दिव्यांग क्रिकेटरों की मुखालफत कर रहे हैं लेकिन बीसीसीआई आंखें फेरे बैठा है। खैर जिसका कोई नहीं उसका भगवान होता है। दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन आफ इंडिया उम्मीद बनकर सामने आया है। पीसीसीएआई ने दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए देश में पहली बार कॉन्ट्रेक्ट सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत 20 दिव्यांग खिलाड़ियों को ग्रेड-ए, बी, सी की श्रेणी में बांटा गया है।
पीसीसीएआई ग्रेड-ए खिलाड़ियों को साल का 30 हजार रुपये, ग्रेड-बी खिलाड़ियों को 20 हजार और ग्रेड-सी खिलाड़ियों को साल में 10 हजार रुपये देगी। ये दिव्यांग क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है। ये ग्रेडिंग सिस्टम उसी तर्ज पर बनाया गया है जिस तर्ज पर बीसीसीआई अपने अहम खिलाड़ियों के लिए बनाती है।
पीसीसीएआई के सचिव रवि चौहान की मानें तो यह सिर्फ शुरुआत है। इनका कहना है कि दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए अभी लम्बा सफर तक करना है। संस्था के पास अभी पैसा ज्यादा नहीं है लेकिन जैसे ही लोग हमारे साथ जुड़ते जाएंगे हम ये रकम भी बढ़ाएंगे और खिलाड़ियों की संख्या में भी इजाफा होगा, पर हमें इस समय बीसीसीआई का साथ नहीं मिल रहा। अगर बीसीसीआई साथ दे तो हमारी संस्था ज्यादा से ज्याजा दिव्यांग खिलाड़ियों को फायदा पहुंचा सकती है।